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तहसील पर गरजे मद्महेश्वर घाटी के ग्रामीण
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ऊखीमठ। मद्महेश्वर घाटी के 13 गांवों के ग्रामीणों ने 11 सूत्री मांगों को लेकर ढोल-दमाऊ के साथ तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन कर क्रमिक अनशन शुरू किया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर 28 जनवरी से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
सोमवार को न्याय पंचायत मनसूना के ग्राम पंचायत गौंडार, रांसी, उनियाणा, राउलेंक, जग्गी-बगवान, बेडूला, बुरूवा, गडगू, गैड, गिरीया, मनसूना, पाली-सरूणा और फाफंज के ग्रामीण पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय में पहुंचे। उन्होंने शासन-प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि मद्महेश्वर घाटी के गांव सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार, बैंक, पेयजल आदि मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। बुखार की दवा के लिए भी ग्रामीण मीलों पैदल नाप रहे हैं। जंगल से होकर स्कूल जा रहे हैं। शासन-प्रशासन, विभाग और जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। प्रमुख संत लाल शाह व पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रीता पुष्पवाण ने भी ग्रामीणों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। सभा को मद्महेश्वर घाटी विकास मंच के अध्यक्ष मदन भट्ट, राकेश नेगी, जीत पाल सिंह रावत, मदन, जिला पंचायत सदस्य संगीता नेगी, जीवंती देवी, विक्रम नेगी, रजपाल पंवार, माणिक लाल, बांके लाल, विनोद राणा, राणा, रूप सिंह नेगी आदि ने संबोधित किया। इसके बाद तहसील परिसर में शुरू हुए क्रमिक अनशन के पहले दिन गौंडार गांव के ग्रामीण व मंच के पदाधिकारी शामिल हुए। अनशन पर बैठने वालों में प्रधान सुमन देवी, वन पंचायत सरंपच मदन सिंह पंवार, ताजबर सिंह, कलम सिंह, विनोद सिंह, गोपाल सिंह, अमित सिंह आदि शामिल थे।
ये हैं मांगे
-ऊखीमठ-रांसी मोटर मार्ग का सुधारीकरण
- मनसूना में मोबाइल टावर लगाया जाए
- न्याय पंचायत के समस्य उच्च प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों शिक्षकों के रिक्त पदों की पूर्ति
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनसूना का उच्चीकरण
- अगतोली-गौंडार, गैड-गडगू, राउलेंक-जग्गी-बेडूला-कालीमठ आदि मोटर मार्गो का निर्माण
- क्षेत्र के प्राथमिक से माध्यमिक स्कूलों के जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण
- मिलन केंद्र का निर्माण
- गांवों में झूलते बिजली तारों की मरम्मत
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सोमवार को न्याय पंचायत मनसूना के ग्राम पंचायत गौंडार, रांसी, उनियाणा, राउलेंक, जग्गी-बगवान, बेडूला, बुरूवा, गडगू, गैड, गिरीया, मनसूना, पाली-सरूणा और फाफंज के ग्रामीण पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय में पहुंचे। उन्होंने शासन-प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि मद्महेश्वर घाटी के गांव सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार, बैंक, पेयजल आदि मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। बुखार की दवा के लिए भी ग्रामीण मीलों पैदल नाप रहे हैं। जंगल से होकर स्कूल जा रहे हैं। शासन-प्रशासन, विभाग और जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। प्रमुख संत लाल शाह व पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रीता पुष्पवाण ने भी ग्रामीणों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। सभा को मद्महेश्वर घाटी विकास मंच के अध्यक्ष मदन भट्ट, राकेश नेगी, जीत पाल सिंह रावत, मदन, जिला पंचायत सदस्य संगीता नेगी, जीवंती देवी, विक्रम नेगी, रजपाल पंवार, माणिक लाल, बांके लाल, विनोद राणा, राणा, रूप सिंह नेगी आदि ने संबोधित किया। इसके बाद तहसील परिसर में शुरू हुए क्रमिक अनशन के पहले दिन गौंडार गांव के ग्रामीण व मंच के पदाधिकारी शामिल हुए। अनशन पर बैठने वालों में प्रधान सुमन देवी, वन पंचायत सरंपच मदन सिंह पंवार, ताजबर सिंह, कलम सिंह, विनोद सिंह, गोपाल सिंह, अमित सिंह आदि शामिल थे।
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ये हैं मांगे
-ऊखीमठ-रांसी मोटर मार्ग का सुधारीकरण
- मनसूना में मोबाइल टावर लगाया जाए
- न्याय पंचायत के समस्य उच्च प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों शिक्षकों के रिक्त पदों की पूर्ति
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनसूना का उच्चीकरण
- अगतोली-गौंडार, गैड-गडगू, राउलेंक-जग्गी-बेडूला-कालीमठ आदि मोटर मार्गो का निर्माण
- क्षेत्र के प्राथमिक से माध्यमिक स्कूलों के जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण
- मिलन केंद्र का निर्माण
- गांवों में झूलते बिजली तारों की मरम्मत