{"_id":"5e2f329c8ebc3e4b25046145","slug":"25-lakhs-fraud-in-the-name-of-canada-visa-rudrapur-news-hld371169295","type":"story","status":"publish","title_hn":"कनाडा भेजने के नाम पर 25 लाख की धोखाधड़ी का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कनाडा भेजने के नाम पर 25 लाख की धोखाधड़ी का आरोप
विज्ञापन
रुद्रपुर। विदेश भेजने के नाम पर एक युवक से 25 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
कोतवाली में दर्ज मुकदमे में हाथीखाल अर्जुनपुर नैनीताल निवासी ललित मोहन जोशी ने कहा है कि छतरपुर निवासी तारादत्त और किशनपुर नैनाताल निवासी दीपांशु जोशी ने उससे संपर्क किया था। दोनों ने 25 लाख रुपये में कनाडा भेजने का झांसा दिया था। इसी झांसे में आकर उसने चार जून 2018 को चेक के माध्यम से दोनों को पांच लाख रुपये दिए थे। इसके बाद किश्तों में कुल 25 लाख रुपये दोनों को दिए थे लेकिन रुपये देने के कई महीनों बाद भी दोनों ने उसे वीजा नहीं दिया। जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगे। इतना ही नहीं आरोपियों ने उसे धमकी भी दी। उसने पुलिस से मामले की शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली और प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस ने तारा और दीपांशु के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
कंप्यूटर ऑपरेटर पदों पर भर्ती का झांसा देकर तीन लाख ठगे
काशीपुर। इंटर कॉलेज में कंप्यूटर ऑपरेटर के पदों पर नियुक्तियां कराने का झांसा देकर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने पांच लोगों से 3.29 लाख रुपये की रकम हड़प ली। जानकारी करने पर मालूम हुआ कि उक्त विद्यालय में ऐसे पद रिक्त नहीं है। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर आरोपी उन्हें आत्महत्या कर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहा है। ठगी के शिकार लोगों ने एएसपी को प्रार्थना पत्र सौंपा है।
जसपुर निवासी कुछ लोग सोमवार को एएसपी राजेश भट्ट से मिले। उन्होंने कहा कि जसपुर का एक व्यक्ति बिजनौर के एक प्रबंधकीय इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत है। फरवरी 2019 में उसने बताया कि उसके कॉलेज में कंप्यूटर ऑपरेटर पद की रिक्तियां निकली है। उसकी प्रबंधकों से अच्छी सेटिंग है। वह इन पदों पर नियुक्तियां करा सकता है। नियुक्तियां कराने के लिए उसने जसपुर के निवारमुंडी निवासी चरन सिंह से 1.98 लाख, प्रदीप रस्तोगी से 48 हजार, देवीपुरा के सत्येंद्र कुमार से 37 हजार, अजय कुमार से 32,500 रुपये और महुआडाबरा के देवराज सिंह से 22,500 रुपये ऐंठ लिए। उसने जून 2019 में सभी को नियुक्ति पत्र मिलने की बात कही। लेकिन उन्हें कई माह बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं मिले। इस संबंध में कॉलेज में संपर्क करने पर पता लगा कि वहां कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कोई रिक्त नहीं है। एएसपी ने मामले की जांच जसपुर कोतवाल को सौंपी है।
विज्ञापन
निवेश का झांसा देकर साढ़े पांच लाख की ठगी
काशीपुर। एक व्यक्ति ने फाइनेंस कंपनी चलाने वाले दो सगे भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी कर साढ़े पांच लाख की ठगी और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मोहल्ला कानूनगोयान निवासी अश्वनी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एसीजेएम कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि आरके इंटरप्राइजेज, गांधीनगर, बाजपुर निवासी दो भाई अरविंद वर्मा और सूर्यप्रकाश एग्रोटेक के नाम से एक फाइनेंस कंपनी चलाते हैं। सितंबर 2012 में वे उससे मिलने काशीपुर आए। उन्होंने अपनी कंपनी में निवेश करने के लिए उसे कई योजनाओं के बारे में बताया। झांसे में आकर उसने दो सितंबर 2012 को दो हजार की पॉलिसी कराई, जो 5 वर्ष बाद दोगुनी होनी थी। इसके बाद उसने छह साल के लिए एक लाख रुपये की पॉलिसी कराई। इसमें प्रत्येक वर्ष 16 हजार रुपये और पॉलिसी पूर्ण होने पर एक लाख रुपये की रकम देने की बात की गई। इसके बाद मैंने खुद और अपनी बहन ज्योति वर्मा के नाम से एक-एक लाख रुपये की तीन पॉलिसी कराई। पॉलिसी पूर्ण होने पर उनकी कुल रकम 5.54 लाख रुपये बनी। रकम का तकादा करने पर दोनो भाई अभद्रता करने लगे। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
कोतवाली में दर्ज मुकदमे में हाथीखाल अर्जुनपुर नैनीताल निवासी ललित मोहन जोशी ने कहा है कि छतरपुर निवासी तारादत्त और किशनपुर नैनाताल निवासी दीपांशु जोशी ने उससे संपर्क किया था। दोनों ने 25 लाख रुपये में कनाडा भेजने का झांसा दिया था। इसी झांसे में आकर उसने चार जून 2018 को चेक के माध्यम से दोनों को पांच लाख रुपये दिए थे। इसके बाद किश्तों में कुल 25 लाख रुपये दोनों को दिए थे लेकिन रुपये देने के कई महीनों बाद भी दोनों ने उसे वीजा नहीं दिया। जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगे। इतना ही नहीं आरोपियों ने उसे धमकी भी दी। उसने पुलिस से मामले की शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली और प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस ने तारा और दीपांशु के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
कंप्यूटर ऑपरेटर पदों पर भर्ती का झांसा देकर तीन लाख ठगे
काशीपुर। इंटर कॉलेज में कंप्यूटर ऑपरेटर के पदों पर नियुक्तियां कराने का झांसा देकर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने पांच लोगों से 3.29 लाख रुपये की रकम हड़प ली। जानकारी करने पर मालूम हुआ कि उक्त विद्यालय में ऐसे पद रिक्त नहीं है। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर आरोपी उन्हें आत्महत्या कर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहा है। ठगी के शिकार लोगों ने एएसपी को प्रार्थना पत्र सौंपा है।
विज्ञापन
जसपुर निवासी कुछ लोग सोमवार को एएसपी राजेश भट्ट से मिले। उन्होंने कहा कि जसपुर का एक व्यक्ति बिजनौर के एक प्रबंधकीय इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत है। फरवरी 2019 में उसने बताया कि उसके कॉलेज में कंप्यूटर ऑपरेटर पद की रिक्तियां निकली है। उसकी प्रबंधकों से अच्छी सेटिंग है। वह इन पदों पर नियुक्तियां करा सकता है। नियुक्तियां कराने के लिए उसने जसपुर के निवारमुंडी निवासी चरन सिंह से 1.98 लाख, प्रदीप रस्तोगी से 48 हजार, देवीपुरा के सत्येंद्र कुमार से 37 हजार, अजय कुमार से 32,500 रुपये और महुआडाबरा के देवराज सिंह से 22,500 रुपये ऐंठ लिए। उसने जून 2019 में सभी को नियुक्ति पत्र मिलने की बात कही। लेकिन उन्हें कई माह बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं मिले। इस संबंध में कॉलेज में संपर्क करने पर पता लगा कि वहां कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कोई रिक्त नहीं है। एएसपी ने मामले की जांच जसपुर कोतवाल को सौंपी है।
विज्ञापन
निवेश का झांसा देकर साढ़े पांच लाख की ठगी
काशीपुर। एक व्यक्ति ने फाइनेंस कंपनी चलाने वाले दो सगे भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी कर साढ़े पांच लाख की ठगी और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मोहल्ला कानूनगोयान निवासी अश्वनी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एसीजेएम कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि आरके इंटरप्राइजेज, गांधीनगर, बाजपुर निवासी दो भाई अरविंद वर्मा और सूर्यप्रकाश एग्रोटेक के नाम से एक फाइनेंस कंपनी चलाते हैं। सितंबर 2012 में वे उससे मिलने काशीपुर आए। उन्होंने अपनी कंपनी में निवेश करने के लिए उसे कई योजनाओं के बारे में बताया। झांसे में आकर उसने दो सितंबर 2012 को दो हजार की पॉलिसी कराई, जो 5 वर्ष बाद दोगुनी होनी थी। इसके बाद उसने छह साल के लिए एक लाख रुपये की पॉलिसी कराई। इसमें प्रत्येक वर्ष 16 हजार रुपये और पॉलिसी पूर्ण होने पर एक लाख रुपये की रकम देने की बात की गई। इसके बाद मैंने खुद और अपनी बहन ज्योति वर्मा के नाम से एक-एक लाख रुपये की तीन पॉलिसी कराई। पॉलिसी पूर्ण होने पर उनकी कुल रकम 5.54 लाख रुपये बनी। रकम का तकादा करने पर दोनो भाई अभद्रता करने लगे। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।