फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   जखोली के त्यूंखर गांव की बसु और निशा के सिर से उठा माता-पिता का साया

जखोली के त्यूंखर गांव की बसु और निशा के सिर से उठा माता-पिता का साया

Wed, 23 Jan 2019 10:10 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jan 2019 10:10 PM IST
विज्ञापन
जखोली के त्यूंखर गांव की बसु और निशा के सिर से उठा माता-पिता का साया
रुद्रप्रयाग। जखोली ब्लाक के त्यूंखर गांव की बसु और निशा के सिर से बचपन में ही माता-पिता का साया उठ गया। अब दोनों बहनें अनाथ हो गई हैं और गांव में ही घर-घर जाकर खाना मांग कर खा रही हैं। जनप्रतिनिधि ने इन बेटियों की सुध लेना तक मुनासिब नहीं समझा है।
विज्ञापन

त्यूंखर गांव के प्रेमु लाल की दस माह पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। वह अपने पीछे पत्नी सुनीता देवी और दो बेटियां, बसु (5) और निशा (2) को छोड़ गए। पति की मौत के बाद से मानसिक तनाव से ग्रसित सुनीता देवी की भी कुछ दिन पूर्व मौत हो गई। अब दोनों बेटियां अनाथ हो गई हैं। कड़ाके की ठंड में नंगे पैर ये दोनों बहनों गांव में घर-घर पर भटकने को मजबूर हैं। भले ही गांव के कुछ परिवार इन दोनों बच्चियों को सुबह और शाम को भोजन दे रहे हैं, लेकिन ये व्यवस्था कब तक चलेगी। ठंड से बच्चों के हाथ-पैर नीले हो गए हैं। उनका घर तो है लेकिन वह किसके साथ रहेंगे। सामाजिक कार्यकर्ता रामरतन सिंह पंवार ने बेटियों के संरक्षण और लालन-पालन के लिए उचित व्यवस्था की मांग की। इधर, बाल संरक्षण आयोग के सदस्य वाचस्पति सेमवाल ने बताया कि दोनों बच्चियों की देखभाल और भरण-पोषण के लिए बाल कल्याण समिति में प्रस्ताव रखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed