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हैंडपंप व पेयजल स्रोतों पर पानी के लिए हो रहा घंटों इंतजार
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रुद्रप्रयाग। जनपद के चालीस फीसदी गांवों व कस्बों के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों को एक बर्तन पानी के लिए हैंडपंप व दूरस्थ स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ रही है। यहां भी घंटों इंतजार के बाद उन्हें पानी नसीब हो पा रहा है। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी से जलसंस्थान की कई योजनाओं का दम निकल रहा है। स्रोतों पर निरंतर पानी कम हो रहा है, जिससे कई स्थानों पर शाम 6 बजे के बाद सप्लाई को बंद किया जा रहा है।
जलसंस्थान द्वारा जनपद के अगस्त्यमुनि, जखोली व ऊखीमठ ब्लॉक की लगभग ढाई लाख आबादी को पानी सप्लाई के लिए पौने तीन सौ योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, लेकिन गर्मी के चलते जिले के चालीस फीसदी गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। यहां की सरकारी पेयजल योजनाओं पर पानी की सप्लाई नियमित नहीं हो रही है। इन हालात में लोगों को दूरस्थ स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ रही है। स्थिति यह है कि सतेराखाल, अगस्त्यमुनि बाजार, गबनीगांव, चंद्रापुरी बाजार, रुमसी, थलड़ा, गबनी, चौंड, स्यूंड, मयाली, जखोली, पौंठी, कोठियाल गांव, नगर पंचायत तिलवाड़ा के पीनामठ तोक में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रहे हैं। जबकि अधिकांश गांवों में विभाग की दो-दो योजनाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन किसी से भी पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीण विष्णु प्रसाद थपलियाल, गंभीर सिंह बिष्ट, सुरेश थपलियाल, विजेंद्र कंडारी, दिनेश राणा, राय सिंह राणा का कहना है, कि गर्मी बढ़ने से जलसंस्थान की पेयजल योजनाओं का दम निकल रहा है। इधर, जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संजय सिंह का कहना है कि पेयजल संकट वाले क्षेत्रों के लिए टैंकर लगाए गए है। प्राथमिकता के आधार पर इन टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाती है। जबकि पेयजल योजनाओं को दुरुस्त कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
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जलसंस्थान द्वारा जनपद के अगस्त्यमुनि, जखोली व ऊखीमठ ब्लॉक की लगभग ढाई लाख आबादी को पानी सप्लाई के लिए पौने तीन सौ योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, लेकिन गर्मी के चलते जिले के चालीस फीसदी गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। यहां की सरकारी पेयजल योजनाओं पर पानी की सप्लाई नियमित नहीं हो रही है। इन हालात में लोगों को दूरस्थ स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ रही है। स्थिति यह है कि सतेराखाल, अगस्त्यमुनि बाजार, गबनीगांव, चंद्रापुरी बाजार, रुमसी, थलड़ा, गबनी, चौंड, स्यूंड, मयाली, जखोली, पौंठी, कोठियाल गांव, नगर पंचायत तिलवाड़ा के पीनामठ तोक में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रहे हैं। जबकि अधिकांश गांवों में विभाग की दो-दो योजनाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन किसी से भी पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीण विष्णु प्रसाद थपलियाल, गंभीर सिंह बिष्ट, सुरेश थपलियाल, विजेंद्र कंडारी, दिनेश राणा, राय सिंह राणा का कहना है, कि गर्मी बढ़ने से जलसंस्थान की पेयजल योजनाओं का दम निकल रहा है। इधर, जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संजय सिंह का कहना है कि पेयजल संकट वाले क्षेत्रों के लिए टैंकर लगाए गए है। प्राथमिकता के आधार पर इन टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाती है। जबकि पेयजल योजनाओं को दुरुस्त कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
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