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गांव के तैराकों को दिया जाए प्रशिक्षण
Updated Sat, 16 Jun 2018 10:43 PM IST
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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ आपदा के पांच वर्ष पूरे होने पर जिला कार्यालय में आपदा न्यूनीकरण एवं जागरूकता दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान आपदा के दौरान उपयोग में लाए जाने वाले उपकरणों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में आपदा में मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया
जिला कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी गिरीश गुणवंत ने कहा कि आपदा के दौरान त्वरित सहायता के लिए गांव के तैराकों को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। इसके लिए तैराकों को लाइव जैकेट और रोप दिए जाएं। उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को गांव के तैराक और स्थानीय मार्गों की पहचान के लिए युवाओं को चिह्नित कर प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव-गांव आपदा न्यूनीकरण के लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा। इस मौके पर डीडीएमओ हरीश चंद्र, सीवीओ डा. रमेश सिंह नितवाल, डीडीओ एएस गुंज्याल, सीएमओ डा. ओपी आर्य समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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जिला कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी गिरीश गुणवंत ने कहा कि आपदा के दौरान त्वरित सहायता के लिए गांव के तैराकों को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। इसके लिए तैराकों को लाइव जैकेट और रोप दिए जाएं। उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को गांव के तैराक और स्थानीय मार्गों की पहचान के लिए युवाओं को चिह्नित कर प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव-गांव आपदा न्यूनीकरण के लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा। इस मौके पर डीडीएमओ हरीश चंद्र, सीवीओ डा. रमेश सिंह नितवाल, डीडीओ एएस गुंज्याल, सीएमओ डा. ओपी आर्य समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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