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गैरसैंण राजधानी की मांग को गांवों में लगेगी चौपाल
Updated Sun, 04 Mar 2018 10:52 PM IST
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रुद्रप्रयाग। गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को आमजन तक पहुंचाया जाएगा। अब, गांवों में चौपाल आयोजित कर व्यापक जनसमर्थन जुटाया जाएगा। साथ ही गैरसैंण में महापंचायत होगी, जिसमें प्रदेश के सभी क्षेत्रों के आंदोलनकारी शामिल होंगे।
गैरसैंण स्थायी राजधानी संघर्ष समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। वक्ताओं ने श्रीनगर में प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों को जबरन उठाए जाने का विरोध करते हुए दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग की। इस मौके पर निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति के अध्यक्ष मोहित डिमरी ने कहा कि गढ़वाल-कुमाऊं में स्थायी राजधानी को लेकर आंदोलन तेजी पकड़ रहा है। ऐसे में आमजन को जोड़ना जरूरी है। इसके लिए पैदल यात्रा कर जनपद के अलग-अलग गांवों में चरणबद्ध तरीके से चौपाल होगी। आंदोलन को धार देने के लिए मातृशक्ति के साथ युवा व बुजुर्गों को भी शामिल किया जाएगा। बैठक में केपी ढौंड़ियाल, हिमांशु सेमवाल, सत्यपाल सिंह नेगी, विनोद डिमरी, लखपत राणा, अजय नौटियाल व पीएस लक्ष्मण आदि मौजूद थे।
गैरसैंण स्थायी राजधानी संघर्ष समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। वक्ताओं ने श्रीनगर में प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों को जबरन उठाए जाने का विरोध करते हुए दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग की। इस मौके पर निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति के अध्यक्ष मोहित डिमरी ने कहा कि गढ़वाल-कुमाऊं में स्थायी राजधानी को लेकर आंदोलन तेजी पकड़ रहा है। ऐसे में आमजन को जोड़ना जरूरी है। इसके लिए पैदल यात्रा कर जनपद के अलग-अलग गांवों में चरणबद्ध तरीके से चौपाल होगी। आंदोलन को धार देने के लिए मातृशक्ति के साथ युवा व बुजुर्गों को भी शामिल किया जाएगा। बैठक में केपी ढौंड़ियाल, हिमांशु सेमवाल, सत्यपाल सिंह नेगी, विनोद डिमरी, लखपत राणा, अजय नौटियाल व पीएस लक्ष्मण आदि मौजूद थे।
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