{"_id":"5ac112804f1c1bed618b4f55","slug":"141522602624-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीवंती के रूमकि दौ कविता संग्रह का हुआ विमोचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीवंती के रूमकि दौ कविता संग्रह का हुआ विमोचन
Updated Sun, 01 Apr 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊखीमठ। मद्महेश्वर घाटी विकास मंच व कलश संस्था के संयुक्त तत्वाधान में साहित्यकार व पूर्व कनिष्ठ प्रमुख जीवंती देवी खोयाल के कविता संग्रह ‘रुमकि दौ’ पुस्तक का मुख्य विकास अधिकारी डीआर जोशी ने विमोचन किया। इस मौके पर कवि सम्मेलन व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
ब्लाक सभागार में आयोजित समारोह का शुभारंभ करते हुए सीडीओ जोशी ने कहा कि लेखिका जीवंती देवी ने पहाड़ की नारी का मान बढ़ाया है। पहाड़ की रीढ़ कहे जाने वाली महिलाएं चूल्हा-चौका, खेतीबाड़ी से लेकर सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अहम भागीदारी निभा रही हैं। उनके व्यक्तित्व का बखान करने के लिए शब्द भी कम पड़ जाते हैं। मातृ शक्ति का मान हम सबका गौरव है। पूर्व विधायक आशा नौटियाल व स्वरोज तोमर ने खोयाल की प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि 74 वर्ष की उम्र में पुस्तक लेखन अपने आप में विशेष उपलब्धि है। प्रमुख संतलाल शाह ने कहा कि साहित्यकार जीवंती के संघर्ष और साधना मद्महेश्वर घाटी के विकास को समर्पित रही है। इस मौके पर साहित्यकार खोयाल ने कहा कि उन्होंने नई पीढ़ी से अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करने को भी कहा। इस अवसर पर कलश के संयोजक ओमप्रकाश सेमवाल, उत्सव के निदेशक डा. राकेश भट्ट, जगदंबा चमोला, बीना वेजवाल, अनिल चौहान, कविता भट्ट, सुमन लता, राकेश जिरवाण ने कविता पाठ कर नारी की महिमा पर प्रकाश डाला। समारोह में चित्रकार लता शुक्ला व दीपक नेगी के पोस्टरों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस मौके पर ग्राम प्रधान सरिता नेगी, पूर्व प्रमुख फते सिंह रावत, एलपी भट्ट, आनंद सिंह रावत, तीरथ रावत, राकेश नेगी, राजकुमारी राणा आदि थे।
विज्ञापन
ब्लाक सभागार में आयोजित समारोह का शुभारंभ करते हुए सीडीओ जोशी ने कहा कि लेखिका जीवंती देवी ने पहाड़ की नारी का मान बढ़ाया है। पहाड़ की रीढ़ कहे जाने वाली महिलाएं चूल्हा-चौका, खेतीबाड़ी से लेकर सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अहम भागीदारी निभा रही हैं। उनके व्यक्तित्व का बखान करने के लिए शब्द भी कम पड़ जाते हैं। मातृ शक्ति का मान हम सबका गौरव है। पूर्व विधायक आशा नौटियाल व स्वरोज तोमर ने खोयाल की प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि 74 वर्ष की उम्र में पुस्तक लेखन अपने आप में विशेष उपलब्धि है। प्रमुख संतलाल शाह ने कहा कि साहित्यकार जीवंती के संघर्ष और साधना मद्महेश्वर घाटी के विकास को समर्पित रही है। इस मौके पर साहित्यकार खोयाल ने कहा कि उन्होंने नई पीढ़ी से अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करने को भी कहा। इस अवसर पर कलश के संयोजक ओमप्रकाश सेमवाल, उत्सव के निदेशक डा. राकेश भट्ट, जगदंबा चमोला, बीना वेजवाल, अनिल चौहान, कविता भट्ट, सुमन लता, राकेश जिरवाण ने कविता पाठ कर नारी की महिमा पर प्रकाश डाला। समारोह में चित्रकार लता शुक्ला व दीपक नेगी के पोस्टरों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस मौके पर ग्राम प्रधान सरिता नेगी, पूर्व प्रमुख फते सिंह रावत, एलपी भट्ट, आनंद सिंह रावत, तीरथ रावत, राकेश नेगी, राजकुमारी राणा आदि थे।
विज्ञापन