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ऊधमसिंह नगर में 10 माह में मिले 133 एड्स रोगी
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डॉ. हरेंद्र मलिक, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय एड्स रोग नियंत्रण कार्यक्रम।
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर में बढ़ते नशे के धंधे और औद्योगिकीकरण का एक दुष्प्रभाव एड्स मरीजों की बढ़ती संख्या के रूप में भी नजर आ रहा है।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम और एड्स के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद जिले में पिछले 16 वर्षों में 974 एड्स रोगी रिपोर्ट हुए हैं। इस वर्ष जिले में सिर्फ 10 माह में 133 एड्स रोगी मिले हैं। इनमें 98 पुरुष और 35 महिलाएं हैं।
जिले में एड्स लगातार पैर पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, वर्ष 2003 में सिडकुल की स्थापना के बाद अधिक एड्स रोगी सामने आने शुरू हुए थे। वर्ष 2003 में सबसे पहले तीन व वर्ष 2004 में आठ एड्स रोगी मिले थे। उसके बाद लगातार एड्स रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
सूत्रों के मुताबिक जिले में नशे के धंधे के साथ ही रुद्रपुर और सितारगंज में सिडकुल की स्थापना के बाद मजदूरी के लिए देश के कोने-कोने से लोगों के पहुंचने से मलिन बस्तियों व मिश्रित संस्कृति बढ़ी है।
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अधिकांश लोगों के अशिक्षित होने और असुरक्षित यौन संबंधों के चलते एड्स रोगियों की संख्या बढ़ रही है। नशेड़ियों के नशीले सिरिंज शेयर करने से भी एड्स रोगी बढ़े हैं। जिले में इस वर्ष जनवरी से अक्तूबर तक कुल 21,853 लोगों की एड्स की जांच की गई। इनमें 18,618 महिलाएं और 3235 पुरुष शामिल रहे। इनमें 133 लोगों में एड्स की पुष्टि हुई है। 10 माह में इतने अधिक एड्स रोगियों के सामने आने से स्वास्थ्य विभाग के लिए एड्स की रोकथाम चुनौती बन गया है।
जिले में बढ़ रहे एड्स रोगी
वर्ष - एड्स रोगी
2014 - 78
2015 - 79
2016 - 81
2017 - 77
2018 - 96
2019 -133 (अक्तूबर तक)
कोट
एड्स मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंध, नशीले सिरिंज शेयर करने रऔर संक्रमित रक्त से फैलता है। जिले में एड्स की रोकथाम के लिए आठ एनजीओ कार्य कर रहे हैं। एड्स के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। - डॉ. हरेंद्र मलिक, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय एड्स रोग नियंत्रण कार्यक्रम।
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राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम और एड्स के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद जिले में पिछले 16 वर्षों में 974 एड्स रोगी रिपोर्ट हुए हैं। इस वर्ष जिले में सिर्फ 10 माह में 133 एड्स रोगी मिले हैं। इनमें 98 पुरुष और 35 महिलाएं हैं।
जिले में एड्स लगातार पैर पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, वर्ष 2003 में सिडकुल की स्थापना के बाद अधिक एड्स रोगी सामने आने शुरू हुए थे। वर्ष 2003 में सबसे पहले तीन व वर्ष 2004 में आठ एड्स रोगी मिले थे। उसके बाद लगातार एड्स रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
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सूत्रों के मुताबिक जिले में नशे के धंधे के साथ ही रुद्रपुर और सितारगंज में सिडकुल की स्थापना के बाद मजदूरी के लिए देश के कोने-कोने से लोगों के पहुंचने से मलिन बस्तियों व मिश्रित संस्कृति बढ़ी है।
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अधिकांश लोगों के अशिक्षित होने और असुरक्षित यौन संबंधों के चलते एड्स रोगियों की संख्या बढ़ रही है। नशेड़ियों के नशीले सिरिंज शेयर करने से भी एड्स रोगी बढ़े हैं। जिले में इस वर्ष जनवरी से अक्तूबर तक कुल 21,853 लोगों की एड्स की जांच की गई। इनमें 18,618 महिलाएं और 3235 पुरुष शामिल रहे। इनमें 133 लोगों में एड्स की पुष्टि हुई है। 10 माह में इतने अधिक एड्स रोगियों के सामने आने से स्वास्थ्य विभाग के लिए एड्स की रोकथाम चुनौती बन गया है।
जिले में बढ़ रहे एड्स रोगी
वर्ष - एड्स रोगी
2014 - 78
2015 - 79
2016 - 81
2017 - 77
2018 - 96
2019 -133 (अक्तूबर तक)
कोट
एड्स मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंध, नशीले सिरिंज शेयर करने रऔर संक्रमित रक्त से फैलता है। जिले में एड्स की रोकथाम के लिए आठ एनजीओ कार्य कर रहे हैं। एड्स के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। - डॉ. हरेंद्र मलिक, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय एड्स रोग नियंत्रण कार्यक्रम।