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केदारनाथ में बनेंगे 120 कॉटेज
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रप्रयाग।
Updated Wed, 25 Nov 2015 06:32 PM IST
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बुधवार को धाम पहुंचे पूर्व मुख्य सचिव ने कहा कि केदारनाथ में कॉटेज निर्माण व अन्य पुनर्निर्माण कार्यों के लिए जरूरी निर्माण सामग्री 31 दिसंबर तक धाम पहुंचा दी जाएगी। बताया कि लिनचोली और छानी कैंप में भी कॉटेज निर्माण के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रयास किया जा रहा है कि अगले वर्ष यात्रा शुरू होने तक धाम व निकटवर्ती पड़ाव पर अधिक से अधिक कॉटेज का निर्माण पूरा हो। उन्होंने स्नानघाट और निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार का निरीक्षण कर निम से जानकारी ली। बाद में लिनचोली में जायजा लेने के बाद सोनप्रयाग पहुंचे। यहां शर्मा ने पुनर्निर्माण कार्यों के तहत बनने वाले एक्रो पुल के बारे में जानकारी ली।
इस मौके पर गौरीकुंड के ग्राम प्रधान राकेश गोस्वामी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शर्मा से भेंट कर उन्हें गौरीकुंड की स्थिति के बारे में अवगत कराया। कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त व टूटे मकानों की मरम्मत के लिए भी अनुमति नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सचिव ने बताया कि गौरीकुंड के लिए योजना बनाई जा रही है।
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जनवरी में एक टीम यहां भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेगी। आपदा में ध्वस्त हुए तप्तकुंड को पुन: विकसित करने के लिए कार्य किया जाएगा। इस मौके पर आपदा प्रबंधन सचिव अमित नेगी, एसडीआरएफ के कमांडेट, निम के प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल, डीएम डा. राघव लंगर आदि मौजूद थे।
हेलीकाप्टर से पहुंचेगी निर्माण सामग्री
रुद्रप्रयाग। शासन ने केदारनाथ में होने वाले 120 कॉटेज निर्माण व अन्य कार्यों की निर्माण सामग्री को एमआई-17 हेलीकाप्टर से धाम पहुंचाने का निर्णय लिया है। 5 दिसंबर से यह हेलीकाप्टर गौचर या गुप्तकाशी से उड़ान भरते हुए निर्माण सामग्री धाम पहुंचाएगा। उधर, केदारनाथ में हेलीकाप्टर की सकुशल लैडिंग के लिए एमआई-26 व मंदिर के पीछे वाले हेलीपैड को दुरस्त करने का कार्य किया जाएगा।
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प्रयास किया जा रहा है कि अगले वर्ष यात्रा शुरू होने तक धाम व निकटवर्ती पड़ाव पर अधिक से अधिक कॉटेज का निर्माण पूरा हो। उन्होंने स्नानघाट और निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार का निरीक्षण कर निम से जानकारी ली। बाद में लिनचोली में जायजा लेने के बाद सोनप्रयाग पहुंचे। यहां शर्मा ने पुनर्निर्माण कार्यों के तहत बनने वाले एक्रो पुल के बारे में जानकारी ली।
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इस मौके पर गौरीकुंड के ग्राम प्रधान राकेश गोस्वामी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शर्मा से भेंट कर उन्हें गौरीकुंड की स्थिति के बारे में अवगत कराया। कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त व टूटे मकानों की मरम्मत के लिए भी अनुमति नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सचिव ने बताया कि गौरीकुंड के लिए योजना बनाई जा रही है।
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जनवरी में एक टीम यहां भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेगी। आपदा में ध्वस्त हुए तप्तकुंड को पुन: विकसित करने के लिए कार्य किया जाएगा। इस मौके पर आपदा प्रबंधन सचिव अमित नेगी, एसडीआरएफ के कमांडेट, निम के प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल, डीएम डा. राघव लंगर आदि मौजूद थे।
हेलीकाप्टर से पहुंचेगी निर्माण सामग्री
रुद्रप्रयाग। शासन ने केदारनाथ में होने वाले 120 कॉटेज निर्माण व अन्य कार्यों की निर्माण सामग्री को एमआई-17 हेलीकाप्टर से धाम पहुंचाने का निर्णय लिया है। 5 दिसंबर से यह हेलीकाप्टर गौचर या गुप्तकाशी से उड़ान भरते हुए निर्माण सामग्री धाम पहुंचाएगा। उधर, केदारनाथ में हेलीकाप्टर की सकुशल लैडिंग के लिए एमआई-26 व मंदिर के पीछे वाले हेलीपैड को दुरस्त करने का कार्य किया जाएगा।