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भाजपा के दंभ की पहले ही चरण में निकल गई हवा
Updated Tue, 20 Nov 2018 10:48 PM IST
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रुद्रप्रयाग। नगर पालिका रुद्रप्रयाग में भाजपा को करारी हार झेलनी पड़ी। सात वार्डों में से सिर्फ दो वार्डों पर ही भाजपा प्रत्याशी कांग्रेस प्रत्याशी से वोट के मामले में आगे रही। इसके अलावा पांच वार्डों में पार्टी का कहीं भी दंभ नहीं दिखा। स्थिति यह रही कि पोस्टल वैलेट में भी इस बार कांग्रेस अव्वल रही। प्रत्याशी की हार का प्रमुख कारण भीतरघात बताया जा रहा है।
वर्ष 2013 में भाजपा को नगर पालिका रुद्रप्रयाग में पहली बार अध्यक्ष पद पर जीत मिली थी, लेकिन पार्टी जीत को दोहरा नहीं सकी। टिकट आवंटन के बाद से पार्टी में विरोध के सुर उठ गए थे। संगीता कप्रवाण और सुशीला बिष्ट ने बगावती तेवर अपनाते हुए निर्दलीय नामांकन किया। संगठन संगीता को मनाने में सफल रहा, लेकिन सुशीला मैदान में डटी रही। ऐसे में पार्टी की राह कुछ मुश्किल हो गई। बावजूद विधायक भरत सिंह चौधरी और जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण रिकार्ड जीत का दंभ भरते रहे, लेकिन चुनाव परिणाम ने पार्टी के सारे दंभ को पहले ही चरण में चकनाचूर कर दिया। पार्टी प्रत्याशी सरस्वती त्रिवेदी को सिर्फ वार्ड 4 और 6 से कांग्रेस प्रत्याशी से अधिक वोट मिले। इसके अलावा किसी भी वार्ड में पार्टी कांग्रेस के सामने टिकती नजर नहीं आई। स्थिति यह रही कि वार्ड एक से भाजपा की सभासद 340 वोट लेकर विजयी हुई, लेकिन पालिकाध्यक्ष प्रत्याशी को यहां मात्र 194 मत मिल पाए। बीजेपी को सात वार्डों में सिर्फ तीन वार्डों में ही 2 सौ से अधिक वोट मिल पाए। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को चार वार्डों में तीन सौ से अधिक और दो वार्डों में दो सौ से अधिक वोट मिले। भाजपा की हार का प्रमुख कारण संगठन का अति उत्साह और भीतरीघात का होना रहा है। यहां कुछ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और ऑल वेदर रोड में नगर क्षेत्र में आवासीय व व्यवसायिक भवनों के टूटने को भी बीजेपी की हार का कारण माना जा रहा है। उधर, अगस्त्यमुनि नगर पंचायत में भी भाजपा फिसड्डी साबित हुई। यहां प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रही, जो कल्पना से उलट है। इधर, नव गठित नगर पंचायत तिलवाड़ा में भी भाजपा दौड़ में नहीं दिखी। इन दोनों सीटों पर हार का प्रमुख कारण टिकट वितरण के बाद से कार्यकर्ताओं के एक बड़े धड़े का नाराज होना है।
लक्की साबित नहीं हो पाया वार्ड-6
रुद्रप्रयाग। नगर पालिका रुद्रप्रयाग में भाजपा के लिए इस बार वार्ड-6 लक्की साबित नहीं हो पाया। वर्ष 2013 में पार्टी को जीत दिलाने में इस वार्ड ने अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाया। एकमुश्त वोट की आश लगाए बीजेपी को यहां सिर्फ 276 वोट मिल पाए। जबकि 357 वोट कांग्रेस व निर्दलीय में बंट गए।
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ऊखीमठ ने बचाई लाज..
रुद्रप्रयाग। निकाय चुनाव में रुद्रप्रयाग जनपद में नगर पंचायत ऊखीमठ ने भाजपा की साख बचाई है। यहां पार्टी प्रत्याशी ने अध्यक्ष पद पर एक तरफा जीत दर्ज की है।
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विनय
जारीव् -
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वर्ष 2013 में भाजपा को नगर पालिका रुद्रप्रयाग में पहली बार अध्यक्ष पद पर जीत मिली थी, लेकिन पार्टी जीत को दोहरा नहीं सकी। टिकट आवंटन के बाद से पार्टी में विरोध के सुर उठ गए थे। संगीता कप्रवाण और सुशीला बिष्ट ने बगावती तेवर अपनाते हुए निर्दलीय नामांकन किया। संगठन संगीता को मनाने में सफल रहा, लेकिन सुशीला मैदान में डटी रही। ऐसे में पार्टी की राह कुछ मुश्किल हो गई। बावजूद विधायक भरत सिंह चौधरी और जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण रिकार्ड जीत का दंभ भरते रहे, लेकिन चुनाव परिणाम ने पार्टी के सारे दंभ को पहले ही चरण में चकनाचूर कर दिया। पार्टी प्रत्याशी सरस्वती त्रिवेदी को सिर्फ वार्ड 4 और 6 से कांग्रेस प्रत्याशी से अधिक वोट मिले। इसके अलावा किसी भी वार्ड में पार्टी कांग्रेस के सामने टिकती नजर नहीं आई। स्थिति यह रही कि वार्ड एक से भाजपा की सभासद 340 वोट लेकर विजयी हुई, लेकिन पालिकाध्यक्ष प्रत्याशी को यहां मात्र 194 मत मिल पाए। बीजेपी को सात वार्डों में सिर्फ तीन वार्डों में ही 2 सौ से अधिक वोट मिल पाए। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को चार वार्डों में तीन सौ से अधिक और दो वार्डों में दो सौ से अधिक वोट मिले। भाजपा की हार का प्रमुख कारण संगठन का अति उत्साह और भीतरीघात का होना रहा है। यहां कुछ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और ऑल वेदर रोड में नगर क्षेत्र में आवासीय व व्यवसायिक भवनों के टूटने को भी बीजेपी की हार का कारण माना जा रहा है। उधर, अगस्त्यमुनि नगर पंचायत में भी भाजपा फिसड्डी साबित हुई। यहां प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रही, जो कल्पना से उलट है। इधर, नव गठित नगर पंचायत तिलवाड़ा में भी भाजपा दौड़ में नहीं दिखी। इन दोनों सीटों पर हार का प्रमुख कारण टिकट वितरण के बाद से कार्यकर्ताओं के एक बड़े धड़े का नाराज होना है।
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लक्की साबित नहीं हो पाया वार्ड-6
रुद्रप्रयाग। नगर पालिका रुद्रप्रयाग में भाजपा के लिए इस बार वार्ड-6 लक्की साबित नहीं हो पाया। वर्ष 2013 में पार्टी को जीत दिलाने में इस वार्ड ने अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाया। एकमुश्त वोट की आश लगाए बीजेपी को यहां सिर्फ 276 वोट मिल पाए। जबकि 357 वोट कांग्रेस व निर्दलीय में बंट गए।
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ऊखीमठ ने बचाई लाज..
रुद्रप्रयाग। निकाय चुनाव में रुद्रप्रयाग जनपद में नगर पंचायत ऊखीमठ ने भाजपा की साख बचाई है। यहां पार्टी प्रत्याशी ने अध्यक्ष पद पर एक तरफा जीत दर्ज की है।
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