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ई-टेंडरिंग के विरोध में आरपार की लड़ाई को तैयार गढ़वाल के ठेकेदार
Updated Fri, 05 Jan 2018 10:50 PM IST
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रुद्रप्रयाग। ई-टेंडरिंग व्यवस्था के खिलाफ गढ़वाल के चार जिलों के ठेकेदारों ने आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है। बड़े स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर सोमवार से जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और क्रमिक अनशन का निर्णय लिया गया है।
कोटेश्वर में उत्तराखंड राजकीय ठेकेदार महासंघ के बैनर तले पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी जनपद के ठेकेदारों की संयुक्त बैठक में ई-टेंडरिंग के विरोध में सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा की गई। कहा कि जब तक प्रदेश में इस व्यवस्था को खत्म नहीं किया जाता, वे आंदोलनरत रहेंगे। वक्ताओं ने भाजपा सरकार पर स्थानीय स्तर के छोटे ठेकेदारों को बेरोजगार करने का आरोप भी लगाया। ठेकेदार महासंघ के प्रदेश संयोजक शत्रुघन सिंह नेगी ने कहा कि सरकार स्थानीय ठेकेदारों के आंदोलन की अनदेखी कर मांगों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। इसलिए गढ़वाल के ठेकेदार एक मंच से आंदोलन करेंगे। जब सरकार ई-टेंडरिंग को खत्म कर पुरानी व्यवस्था लागू नहीं करती, आंदोलन को तेज कर आमजन तक पहुंचाया जाएगा। गैंरसैंण के अध्यक्ष हरेन्द्र नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार जानबूझकर ई-टेंडरिंग को बढ़ावा देकर बाहरी कंपनियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। पौड़ी के अध्यक्ष केएस नेगी ने कहा कि सरकार कि यह व्यवस्था पढ़े-लिखे ठेकेदारों के खिलाफ एक साजिश है। इस मौके पर निर्णय लिया गया कि आगामी सोमवार से सभी जिला मुख्यालयों में ई-टेंडरिंग के विरोध में प्रर्दशन कर धरना दिया जाएगा। बैठक में ठेकेदार संघ टिहरी के अध्यक्ष खुशाल सिंह नेगी, रविन्द्र बिष्ट, रुद्रप्रयाग ठेकेदार संघ के अध्यक्ष सूरत सिंह राणा, नागेन्द्र बिष्ट, भारत भूषण कुकरेती, गिरीश चन्द्र रमोला, बलबीर सिंह रावत, अनिल सिंह, कुलदीप कण्डारी, जसपाल पंवार, कुंवर सिंह नेगी सहित कई ठेकेदार उपस्थित थे।
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कोटेश्वर में उत्तराखंड राजकीय ठेकेदार महासंघ के बैनर तले पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी जनपद के ठेकेदारों की संयुक्त बैठक में ई-टेंडरिंग के विरोध में सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा की गई। कहा कि जब तक प्रदेश में इस व्यवस्था को खत्म नहीं किया जाता, वे आंदोलनरत रहेंगे। वक्ताओं ने भाजपा सरकार पर स्थानीय स्तर के छोटे ठेकेदारों को बेरोजगार करने का आरोप भी लगाया। ठेकेदार महासंघ के प्रदेश संयोजक शत्रुघन सिंह नेगी ने कहा कि सरकार स्थानीय ठेकेदारों के आंदोलन की अनदेखी कर मांगों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। इसलिए गढ़वाल के ठेकेदार एक मंच से आंदोलन करेंगे। जब सरकार ई-टेंडरिंग को खत्म कर पुरानी व्यवस्था लागू नहीं करती, आंदोलन को तेज कर आमजन तक पहुंचाया जाएगा। गैंरसैंण के अध्यक्ष हरेन्द्र नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार जानबूझकर ई-टेंडरिंग को बढ़ावा देकर बाहरी कंपनियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। पौड़ी के अध्यक्ष केएस नेगी ने कहा कि सरकार कि यह व्यवस्था पढ़े-लिखे ठेकेदारों के खिलाफ एक साजिश है। इस मौके पर निर्णय लिया गया कि आगामी सोमवार से सभी जिला मुख्यालयों में ई-टेंडरिंग के विरोध में प्रर्दशन कर धरना दिया जाएगा। बैठक में ठेकेदार संघ टिहरी के अध्यक्ष खुशाल सिंह नेगी, रविन्द्र बिष्ट, रुद्रप्रयाग ठेकेदार संघ के अध्यक्ष सूरत सिंह राणा, नागेन्द्र बिष्ट, भारत भूषण कुकरेती, गिरीश चन्द्र रमोला, बलबीर सिंह रावत, अनिल सिंह, कुलदीप कण्डारी, जसपाल पंवार, कुंवर सिंह नेगी सहित कई ठेकेदार उपस्थित थे।
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