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लिफ्ट में फंसा युवकों का ग्रुप, दम घुटने से दो युवक बेहोश
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मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखकर ग्राउंड फ्लोर पर आ रहे कुछ युवक लिफ्ट में फंस गए। इस बीच दम घुटने से दो युवक बेहोश हो गए। लिफ्ट में फंसे अन्य युवकों ने फोन पर सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कर्मचारियों की मदद से किसी तरह लिफ्ट खोलकर युवकों को बाहर निकाला। साथ ही बेहोश युवकों को अस्पताल में भर्ती कराया। युवकों ने पुलिस को तहरीर देकर केयरटेकर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, केयरटेकर का कहना है कि युवकों की छेड़छाड़ से लिफ्ट बंद हुई थी। पुलिस तहरीर के आधार पर जांच कर रही है।
शहर के एक मॉल स्थित मल्टीप्लेक्स में शुक्रवार रात करीब नौ बजे कलियर निवासी मुदस्सिर, सुबहान खान, जावेद, फरदीन, आशु और असद आदि युवकों का ग्रुप फिल्म देखने आया था। रात करीब 12 बजे फिल्म खत्म होने पर युवकों ने ग्राउंड फ्लोर पर आने के लिए लिफ्ट की मदद ली। लिफ्ट के खुलने के बाद सभी उसके अंदर चले गए। बताया जाता है कि इसी दौरान अचानक लिफ्ट बंद हो गई। लिफ्ट को बंद होते देख युवकों ने शोर मचा दिया, लेकिन वहां तैनात किसी भी कर्मचारी ने युवकों की आवाज नहीं सुनी। इस पर युवकों ने मदद के लिए परिचितों और परिजनों को फोन किया। इस दौरान दम घुटने से फरदीन और आशु बेहोश हो गए। युवकों ने फोन कर सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
पुलिस आननफानन मौके पर पहुंची और कर्मचारियों से जानकारी ली। इसके बाद कर्मचारियों के साथ मिलकर किसी तरह लिफ्ट को खोला और युवकों को बाहर निकाला। बेहोश हुए दोनों युवकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, युवक और परिजन कोतवाली पहुंचे और मॉल संचालक के खिलाफ तहरीर दी। साथ ही केयरटेकर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। कोतवाली प्रभारी देवेंद्र चौहान ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, केयर टेकर का कहना है कि युवकों ने लिफ्ट के अंदर छेड़छाड़ की थी।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
युवकों और उनके परिजनों ने पुलिस को बताया कि मॉल में सुरक्षा व्यवस्था के कोई इंतजाम नहीं हैं। शुक्रवार रात वहां दो या तीन कर्मचारी ही मौजूद थे। उन्होंने लिफ्ट बंद होने पर गूगल पर नंबर सर्च कर कॉल की थी, लेकिन दो से अधिक कॉल करने के बाद भी किसी ने रिसीव नहीं की। करीब आधे घंटे तक वे लिफ्ट में फंसे रहे, जिससे फरदीन और आशु बेहोश हो गए। यदि समय रहते लिफ्ट नहीं खुलती तो जान बचनी मुश्किल थी।
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शहर के एक मॉल स्थित मल्टीप्लेक्स में शुक्रवार रात करीब नौ बजे कलियर निवासी मुदस्सिर, सुबहान खान, जावेद, फरदीन, आशु और असद आदि युवकों का ग्रुप फिल्म देखने आया था। रात करीब 12 बजे फिल्म खत्म होने पर युवकों ने ग्राउंड फ्लोर पर आने के लिए लिफ्ट की मदद ली। लिफ्ट के खुलने के बाद सभी उसके अंदर चले गए। बताया जाता है कि इसी दौरान अचानक लिफ्ट बंद हो गई। लिफ्ट को बंद होते देख युवकों ने शोर मचा दिया, लेकिन वहां तैनात किसी भी कर्मचारी ने युवकों की आवाज नहीं सुनी। इस पर युवकों ने मदद के लिए परिचितों और परिजनों को फोन किया। इस दौरान दम घुटने से फरदीन और आशु बेहोश हो गए। युवकों ने फोन कर सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
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पुलिस आननफानन मौके पर पहुंची और कर्मचारियों से जानकारी ली। इसके बाद कर्मचारियों के साथ मिलकर किसी तरह लिफ्ट को खोला और युवकों को बाहर निकाला। बेहोश हुए दोनों युवकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, युवक और परिजन कोतवाली पहुंचे और मॉल संचालक के खिलाफ तहरीर दी। साथ ही केयरटेकर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। कोतवाली प्रभारी देवेंद्र चौहान ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, केयर टेकर का कहना है कि युवकों ने लिफ्ट के अंदर छेड़छाड़ की थी।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
युवकों और उनके परिजनों ने पुलिस को बताया कि मॉल में सुरक्षा व्यवस्था के कोई इंतजाम नहीं हैं। शुक्रवार रात वहां दो या तीन कर्मचारी ही मौजूद थे। उन्होंने लिफ्ट बंद होने पर गूगल पर नंबर सर्च कर कॉल की थी, लेकिन दो से अधिक कॉल करने के बाद भी किसी ने रिसीव नहीं की। करीब आधे घंटे तक वे लिफ्ट में फंसे रहे, जिससे फरदीन और आशु बेहोश हो गए। यदि समय रहते लिफ्ट नहीं खुलती तो जान बचनी मुश्किल थी।