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Roorkee News: उत्तम शुगर मिल ने भेजा 13.84 करोड़ का गन्ना भुगतान
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उत्तम शुगर मिल लिब्बरहेड़ी ने किसानों को राहत देते हुए 10 दिनों का 13.84 करोड़ रुपये का भुगतान गन्ना समितियों को भेज दिया है। समितियां अब इस राशि को किसानों के खातों में भेजने की तैयारी कर रही है।
उत्तम शुगर मिल का चालू पेराई सत्र पांच नवंबर से शुरू हुआ था। तीन नवंबर से ही क्रय केंद्रों पर गन्ना तौलने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। मिल प्रबंधन की ओर से पेराई सत्र शुरू होने के बाद से लगातार प्रति सप्ताह गन्ना भुगतान किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को एक से 10 जनवरी तक का भुगतान गन्ना समितियों को भेजा गया है।
शुगर मिल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह लांबा ने बताया कि चालू पेराई सत्र में अब तक मिल की ओर से कुल 152.76 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस बार शुगर मिल गन्ना की कमी से जूझ रही है। दिसंबर माह में मिल को 24 घंटे में मात्र 10 से 12 घंटे की पेराई के लिए ही गन्ना उपलब्ध हो पाया।
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उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान पेराई सत्र में अब तक शुगर मिल की ओर से 42.12 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जा चुकी है जबकि पिछले पेराई सत्र में इसी अवधि तक 54.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई थी। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 12.38 लाख क्विंटल गन्ना कम पेराई हुआ है। शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल सिंह ने किसानों से अपील की कि वे को 0238 प्रजाति के गन्ने की बुआई न करें।
उन्होंने बताया कि यह प्रजाति लाल सड़न रोग से गंभीर रूप से ग्रसित है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि जिस प्रकार प्रति सप्ताह गन्ना भुगतान किया जा रहा है। आगे भी इसी तरह समय पर भुगतान जारी रहेगा। अनिल सिंह ने किसानों से अपने गन्ने की आपूर्ति शुगर मिल को ही करने की अपील की और कहा कि किसानों को समय पर गन्ना पर्ची उपलब्ध कराई जा रही है जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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उत्तम शुगर मिल का चालू पेराई सत्र पांच नवंबर से शुरू हुआ था। तीन नवंबर से ही क्रय केंद्रों पर गन्ना तौलने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। मिल प्रबंधन की ओर से पेराई सत्र शुरू होने के बाद से लगातार प्रति सप्ताह गन्ना भुगतान किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को एक से 10 जनवरी तक का भुगतान गन्ना समितियों को भेजा गया है।
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शुगर मिल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह लांबा ने बताया कि चालू पेराई सत्र में अब तक मिल की ओर से कुल 152.76 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस बार शुगर मिल गन्ना की कमी से जूझ रही है। दिसंबर माह में मिल को 24 घंटे में मात्र 10 से 12 घंटे की पेराई के लिए ही गन्ना उपलब्ध हो पाया।
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उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान पेराई सत्र में अब तक शुगर मिल की ओर से 42.12 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जा चुकी है जबकि पिछले पेराई सत्र में इसी अवधि तक 54.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई थी। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 12.38 लाख क्विंटल गन्ना कम पेराई हुआ है। शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल सिंह ने किसानों से अपील की कि वे को 0238 प्रजाति के गन्ने की बुआई न करें।
उन्होंने बताया कि यह प्रजाति लाल सड़न रोग से गंभीर रूप से ग्रसित है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि जिस प्रकार प्रति सप्ताह गन्ना भुगतान किया जा रहा है। आगे भी इसी तरह समय पर भुगतान जारी रहेगा। अनिल सिंह ने किसानों से अपने गन्ने की आपूर्ति शुगर मिल को ही करने की अपील की और कहा कि किसानों को समय पर गन्ना पर्ची उपलब्ध कराई जा रही है जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।