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नकली चाभी लगाकर चुराते थे ट्रक
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मंगलौर कोतवाली पुलिस को अंतरराज्यीय ट्रक चोर गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ने में सफलता मिली है। पुलिस ने गिरोह के दोनों सदस्यों से मंगलौर क्षेत्र से चोरी किए गए दो ट्रकों को भी बरामद किया है। पुलिस गिरोह के फरार चल रहे तीसरे सदस्य की तलाश कर रही है। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि वह एक्सीडेंटल ट्रकों की नंबर प्लेट और कागज लगाकर मोटी रकम में चोरी के ट्रकों को बेचते थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
बृहस्पतिवार को मंगलौर कोतवाली में एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने प्रेस वार्ता कर अंतरराज्यीय ट्रक चोर गिरोह का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 11 और 16 अगस्त की रात बदमाशों ने लिब्बरहेड़ी व मंडावली से दो ट्रक चोरी किए थे। ट्रक चोरी का केस दर्ज करने के बाद पुलिस टीम को खुलासे के लिए लगाया गया था। उन्होंने बताया कि बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गिरोह चोरी किए गए दोनों ट्रकों को बेचने की फिराक में हें। साथ ही गिरोह मुजफ्फरनगर के थाना छपार के गांव बसेड़ा गांव में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंची और गिरोह के दो सदस्यों अंसार निवासी ग्राम खेड़ी फिरोजाबाद, थाना ककरौली मुजफ्फरनगर और मुस्तकीम ग्राम छपरा, थाना ककरौली जिला मुजफ्फरनगर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी किए गए दो ट्रक भी बरामद किए। एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह वेस्ट यूपी के जिला बिजनौर समेत हरिद्वार जिले में ट्रक चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। साथ ही बताया कि उनका साथी सचिन त्यागी निवासी ग्राम खुब्बा, थाना भोपा जिला मुजफ्फरनगर चोरी के ट्रकों को बेचने का काम करता था। चोरी के ट्रक बेचने के लिए सचिन एक्सीडेंटल ट्रक खरीदता था और उनकी नंबर प्लेट व कागज लगाता था। एसएसपी ने बताया कि मुस्तकीम पर सात और अंसार पर तीन केस पहले ही दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। साथ ही उनके साथी सचिन त्यागी की गिरफ्तारी को दबिश दे रही है।
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सुनसान जगह करते थे वारदात
पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह ट्रक चोरी करने के लिए सुनसान जगह देखते थे। वह हाईवे किनारे या ढाबे पर खड़े होने वाले ट्रकों को रात में चोरी करते थे। ट्रक चोरी से पहले वह बाइक से रेकी करते थे। ट्रक चोरी के लिए वह नकली चाबी का प्रयोग करते थे। इसके बाद वह सचिन को ट्रक देते थे। सचिन ही चोरी के ट्रकों को बेचता था।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान, एसआई सुखपाल सिंह मान, एसआई लोकपाल परमार, एसआई अशोक कुमार, एसआई धनराम शर्मा समेत सौरभ नौटियाल, लाल सिंह, इलियास अली।
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बृहस्पतिवार को मंगलौर कोतवाली में एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने प्रेस वार्ता कर अंतरराज्यीय ट्रक चोर गिरोह का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 11 और 16 अगस्त की रात बदमाशों ने लिब्बरहेड़ी व मंडावली से दो ट्रक चोरी किए थे। ट्रक चोरी का केस दर्ज करने के बाद पुलिस टीम को खुलासे के लिए लगाया गया था। उन्होंने बताया कि बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गिरोह चोरी किए गए दोनों ट्रकों को बेचने की फिराक में हें। साथ ही गिरोह मुजफ्फरनगर के थाना छपार के गांव बसेड़ा गांव में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंची और गिरोह के दो सदस्यों अंसार निवासी ग्राम खेड़ी फिरोजाबाद, थाना ककरौली मुजफ्फरनगर और मुस्तकीम ग्राम छपरा, थाना ककरौली जिला मुजफ्फरनगर गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी किए गए दो ट्रक भी बरामद किए। एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह वेस्ट यूपी के जिला बिजनौर समेत हरिद्वार जिले में ट्रक चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। साथ ही बताया कि उनका साथी सचिन त्यागी निवासी ग्राम खुब्बा, थाना भोपा जिला मुजफ्फरनगर चोरी के ट्रकों को बेचने का काम करता था। चोरी के ट्रक बेचने के लिए सचिन एक्सीडेंटल ट्रक खरीदता था और उनकी नंबर प्लेट व कागज लगाता था। एसएसपी ने बताया कि मुस्तकीम पर सात और अंसार पर तीन केस पहले ही दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। साथ ही उनके साथी सचिन त्यागी की गिरफ्तारी को दबिश दे रही है।
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सुनसान जगह करते थे वारदात
पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह ट्रक चोरी करने के लिए सुनसान जगह देखते थे। वह हाईवे किनारे या ढाबे पर खड़े होने वाले ट्रकों को रात में चोरी करते थे। ट्रक चोरी से पहले वह बाइक से रेकी करते थे। ट्रक चोरी के लिए वह नकली चाबी का प्रयोग करते थे। इसके बाद वह सचिन को ट्रक देते थे। सचिन ही चोरी के ट्रकों को बेचता था।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान, एसआई सुखपाल सिंह मान, एसआई लोकपाल परमार, एसआई अशोक कुमार, एसआई धनराम शर्मा समेत सौरभ नौटियाल, लाल सिंह, इलियास अली।