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खातों से पैसे गायब होने की सूची में जुड़े तीन नये नाम
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Sun, 19 Mar 2017 09:56 PM IST
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शहर में एटीएम कार्ड की जानकारी दिए बिना खातों से रकम गायब होने के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। रविवार को तीन और नए मामलों में लोग खाते से रुपये गायब होने की शिकायत लेकर पहुंचे हैं। अब कोतवाली में इस तरह की शिकायत लेकर पहुंचने वाले पीड़ितों की संख्या 38 हो गई है।
ढंडेरा और मोहनपुरा क्षेत्र में एटीएम कार्डधारकों के खातों से रकम गायब होने का सिलसिला जारी है। रविवार को भी तीन नए मामले सामने आए हैं। ढंडेरा निवासी अफजल ने कोवताली पहुंचकर शिकायत की है कि उसने किसी को भी अपने एटीएम कार्ड के नंबर और पिनकोड आदि की जानकारी नहीं दी है, लेकिन उसके खाते से किसी ने 21 हजार 500 रुपये की नगदी साफ कर ली है। वहीं मोहनपुरा निवासी तरुण ने बताया कि उसके खाते से भी किसी ने बिना बताए साढ़े बारह हजार रुपये निकाल लिए हैं। इसके अलावा मिलाप नगर निवासी सुशील कुमार ने बताया कि उसके खाते से 25 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। इन सभी लोगों की इसकी जानकारी तब हुई जब उनके पास खाते से रकम निकाले जाने का मोबाइल पर मैसेज प्राप्त हुआ। जिसके बाद पीड़ितों के होश उड़ गए। पीड़ितों ने पुलिस से उनके गायब हुए रुपये वापस दिलाने की मांग की है। इससे पहले शनिवार को इस तरह के चार मामलों में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जबकि विगत बृहस्पतिवार और शुक्रवार को जब 31 पीड़ितों ने कोतवाली पहुंचकर खातों से रकम उड़ाए जाने की शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस को हरकत में आना पड़ा। वहीं अमर उजाला में क्षेत्र एटीएम में पिन कैप्चरिंग डिवाइस लगे होने की आशंका जताते हुए खबर प्रकाशित करने के बाद पुलिस और बैंक के अधिकारियों ने इस पर कार्रवाई की और मोहनपुरा तथा लालकुर्ती स्थित दो एटीम को बंद कराया दिया गया। इनमें से लालकुर्ती स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम की जांच में कैमरा और डिवाइस लगी होने की पुष्टि हुई।
एटीएम के पास वाईफाई तकनीक से चुराते हैं डाटा
यदि एटीएम के पास शाम ढलने के बाद ज्यादा देर तक कोई कार खड़ी हो तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें क्योंकि हो सकता है कि एटीएम के पास खड़ी कार में हैकर्स वायरलैस तकनीक के जरिए एटीएम में लगाई गई कैमरा और डिवाइस के जरिए एटीएम कार्डों के डाटा को ट्रांसफर कर रहें हो। जानकारों की माने तो हैकर्स पहले एटीएम मशीन में पिन कैप्चरिंग डिवाइस और कैमरा लगाते हैं। इसके बाद एक सप्ताह में इस डिवाइस और कैमरे में स्टोर एटीएम कार्ड की जानकारी को चुराते हैं। बताया जाता है कि शातिर हैकर्स को इस डिवाइस से जानकारी ट्रांसफर करने के लिए इसे उतारने की जरूरत नहीं पड़ती। बल्कि वायरलेस नेटवर्किंग के जरिए इसे अपने लैपटॉप आदि में ट्रांसफर कर लेते हैं। लेकिन इसके लिए हैकर्स को एटीम के समीप रहना पड़ता है। विदेशों में इस तरह के कई मामलों में की गई पड़ताल में जांच एजेंसियों ने यह पाया है कि हैकर्स एटीएम के पास एक कार में आकर ठहर जाते हैं। यहां से वाई फाई सिस्टम के जरिए एटीएम केबिन में लगी डिवाइस और कैमरे में रिकार्ड जानकारियों को चुरा लेते हैं। जिसके बाद इन जानकारियों से खाताधारकों के खाते से मनचाहे तरीके से रकम साफ की जाती है। अक्सर हैकर्स एटीएम के पास डाटा चुराने का यह काम शाम ढलने के बाद करते हैं। ऐसे में यदि किसी एटीएम के पास खड़ी कोई कार संदिग्ध प्रतीत हो तो पुलिस को जरूर सूचित करें क्योंकि इसमें एटीएम कार्ड हैकर्स हो सकते हैं।
ढंडेरा और मोहनपुरा क्षेत्र में एटीएम कार्डधारकों के खातों से रकम गायब होने का सिलसिला जारी है। रविवार को भी तीन नए मामले सामने आए हैं। ढंडेरा निवासी अफजल ने कोवताली पहुंचकर शिकायत की है कि उसने किसी को भी अपने एटीएम कार्ड के नंबर और पिनकोड आदि की जानकारी नहीं दी है, लेकिन उसके खाते से किसी ने 21 हजार 500 रुपये की नगदी साफ कर ली है। वहीं मोहनपुरा निवासी तरुण ने बताया कि उसके खाते से भी किसी ने बिना बताए साढ़े बारह हजार रुपये निकाल लिए हैं। इसके अलावा मिलाप नगर निवासी सुशील कुमार ने बताया कि उसके खाते से 25 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। इन सभी लोगों की इसकी जानकारी तब हुई जब उनके पास खाते से रकम निकाले जाने का मोबाइल पर मैसेज प्राप्त हुआ। जिसके बाद पीड़ितों के होश उड़ गए। पीड़ितों ने पुलिस से उनके गायब हुए रुपये वापस दिलाने की मांग की है। इससे पहले शनिवार को इस तरह के चार मामलों में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जबकि विगत बृहस्पतिवार और शुक्रवार को जब 31 पीड़ितों ने कोतवाली पहुंचकर खातों से रकम उड़ाए जाने की शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस को हरकत में आना पड़ा। वहीं अमर उजाला में क्षेत्र एटीएम में पिन कैप्चरिंग डिवाइस लगे होने की आशंका जताते हुए खबर प्रकाशित करने के बाद पुलिस और बैंक के अधिकारियों ने इस पर कार्रवाई की और मोहनपुरा तथा लालकुर्ती स्थित दो एटीम को बंद कराया दिया गया। इनमें से लालकुर्ती स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम की जांच में कैमरा और डिवाइस लगी होने की पुष्टि हुई।
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एटीएम के पास वाईफाई तकनीक से चुराते हैं डाटा
यदि एटीएम के पास शाम ढलने के बाद ज्यादा देर तक कोई कार खड़ी हो तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें क्योंकि हो सकता है कि एटीएम के पास खड़ी कार में हैकर्स वायरलैस तकनीक के जरिए एटीएम में लगाई गई कैमरा और डिवाइस के जरिए एटीएम कार्डों के डाटा को ट्रांसफर कर रहें हो। जानकारों की माने तो हैकर्स पहले एटीएम मशीन में पिन कैप्चरिंग डिवाइस और कैमरा लगाते हैं। इसके बाद एक सप्ताह में इस डिवाइस और कैमरे में स्टोर एटीएम कार्ड की जानकारी को चुराते हैं। बताया जाता है कि शातिर हैकर्स को इस डिवाइस से जानकारी ट्रांसफर करने के लिए इसे उतारने की जरूरत नहीं पड़ती। बल्कि वायरलेस नेटवर्किंग के जरिए इसे अपने लैपटॉप आदि में ट्रांसफर कर लेते हैं। लेकिन इसके लिए हैकर्स को एटीम के समीप रहना पड़ता है। विदेशों में इस तरह के कई मामलों में की गई पड़ताल में जांच एजेंसियों ने यह पाया है कि हैकर्स एटीएम के पास एक कार में आकर ठहर जाते हैं। यहां से वाई फाई सिस्टम के जरिए एटीएम केबिन में लगी डिवाइस और कैमरे में रिकार्ड जानकारियों को चुरा लेते हैं। जिसके बाद इन जानकारियों से खाताधारकों के खाते से मनचाहे तरीके से रकम साफ की जाती है। अक्सर हैकर्स एटीएम के पास डाटा चुराने का यह काम शाम ढलने के बाद करते हैं। ऐसे में यदि किसी एटीएम के पास खड़ी कोई कार संदिग्ध प्रतीत हो तो पुलिस को जरूर सूचित करें क्योंकि इसमें एटीएम कार्ड हैकर्स हो सकते हैं।
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