हज हाउस पिरान कलियर में हुई हज समिति की बोर्ड बैठक में हज यात्रा 2021 के संबंध में चर्चा की। बैठक में बताया गया कि इस बार आरक्षण श्रेणी को खत्म कर दिया गया है। ऐसे में 66 से 70 आयु के लोग यात्रा के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। वहीं यात्रा की अवधि 45 दिन से घटाकर 30 से 35 दिन कर दी गई है। हज यात्रा पर जाने वालों को 72 घंटे पहले कराए गए कोरोना के टेस्ट की रिपोर्ट देनी होगी। इसके अलावा इस बार यात्रा के खर्च में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है।
बृहस्पतिवार को हज समिति की बोर्ड बैठक में राज्यमंत्री एवं हज समिति अध्यक्ष शमीम आलम ने बताया कि बोर्ड बैठक में आठ प्रस्ताव पारित किए गए। उन्होंने बताया कि 2020 की हज यात्रा कोरोना महामारी के चलते स्थगित कर दी थी। अब 2021 में सरकार की गाइडलाइन के अनुसार हज यात्रा कराई जाएगी। वहीं हज यात्रा के मानकों में भी काफी बदलाव किया गया है। बताया कि पहले 18 से 70 आयु वर्ग के लोग यात्रा के लिए आवेदन करते थे, इस बार 18 से 65 वर्ष की आयु वर्ग के लोग ही आवेदन कर सकेंगे। इस बार आरक्षित श्रेणी खत्म कर एक ही श्रेणी तय की गई है। वहीं हज यात्रा की समय अवधि 45 दिन से घटाकर 30 से 35 दिन की गई है। हजयात्रा पर जाने वाले व्यक्ति को 72 घंटे पहले कोरोना की पॉजिटिव रिपोर्ट देनी होगी। उन्होंने बताया कि इस बार हज कमेटी आफ इंडिया ने यात्रा का खर्च भी बढ़ा दिया है। पहले यात्रियों की दो श्रेणी होती थी, जिसमें पहली श्रेणी वाले को 2,87,950 और दूसरी श्रेणी वाले को 2,49,750 रुपये देने पड़ते थे। इस बार एक ही श्रेणी बनाई गई है, जिन्हें 3 लाख 70 हजार से लेकर 5 लाख 25 हजार रुपये तक देने होंगे। वहीं हज आवेदकों को पहली किश्त डेढ़ लाख रुपये जमा करनी होगी। हज समिति अध्यक्ष शमीम आलम ने बताया कि उनका और सीएम त्रिवेंद्र रावत का प्रयास रहेगा कि यात्रा के लिए जितने भी आवेदन आते हैं, सबको हज यात्रा पर भेजा जाए। अभी तक यात्रा के लिए 415 आवेदन आए हैं। आवेदन जमा करने की तिथि दस दिसंबर है। इस दौरान अधिशासी अधिकारी मोहम्मद मीसम, हाफिज असलम कादरी, शरीफ मलिक, फुरकान अहमद अंसारी, अब्दुल सत्तार अंसारी, इस्लाम अहमद, अब्दुल कादिर, इजहार मौजूद रहे।