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महिलाओं की आंखों से छलकी शराब कांड की पीड़ा
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चुड़ियाला क्षेत्र बिंडूखड़क गांव शराब कांड के पीड़ितों से मिलते स्वास्थ्य सचिव नितिश झा, डीएम द?
- फोटो : ROORKEE
स्वास्थ्य सचिव नितेश कुमार झा बुधवार को शराब कांड से पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे तो महिलाओं का दर्द आंखों से आंसू बनकर छलक उठा। उन्होंने अपनी समस्याएं गिनाईं तो अब भी धड़ल्ले से क्षेत्र में कच्ची शराब बनने और लोगों के पीने का मुद्दा भी उठाया। स्वास्थ्य सचिव ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याएं दूर करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने शराब कांड में मौत के मुंह से निकले भलस्वागाज के संजय से भी बात की। साथ ही कहा कि आपकी जान बच गई। अब आपको घर-घर जाकर शराब पीने वालों को इसके नुकसान के प्रति जागरूक करना होगा।
क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों में बीती आठ फरवरी को जहरीली शराब पीने से 43 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना से कई परिवार प्रभावित हुए थे। मामले में बुधवार को स्वास्थ्य सचिव नितेश कुमार झा ने अधिकारियों के साथ बाल्लूपुर, बिंडुखड़क, भलस्वागाज सहित कई गांवों का दौरान किया। पहले वे राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बिंडुखड़क में लोगों का दर्द जाना। इसके बाद भलस्वागाज और फिर मानकपुर आदमपुर में पीड़ित परिवारों की समस्याएं सुनी। अधिकांश लोगों ने कहा कि उन्हें राहत राशि के चेक तो मिले हैं, लेकिन समस्याएं अब भी बरकरार हैं। सचिव के पूछने पर महिलाओं ने बताया कि आज भी लोग शराब पी रहे हैं। इस पर सचिव ने कहा कि वे एक महीने बाद फिर आएंगे। अगर कोई समस्या है तो वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं।
भलस्वागाज के प्रधान विजयपाल सिंह ने गांव में ओवरहेड टैंक बनवाने की मांग की। सीएम के सलाहकार नरेंद्र सिंह राणा ने तालाब पर अतिक्रमण और सड़कों के किनारे डाले गए गोबर के ढेर हटवाने की बात की कही। मौके पर डीएम दीपेंद्र चौधरी, एसएसपी सेंथिल अबुदई, सीडीओ विनीत तोमर, एसडीएम भगवानपुर संतोष कुमार पांडेय, एसपी देहात नवनीत सिंह, जिला सूचना अधिकारी संजय श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सिंह, थानाध्यक्ष रविंद्र शाह आदि मौजूद रहे।
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मुआवजा मिला, लेकिन बैंक ने लोन में काट लिया
भलस्वागाज की एक महिला ने बताया कि उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से जो मुआवजा मिला था वह खाते में पहुंचा, लेकिन उन्हें नहीं मिला। बैंक अधिकारियों ने बताया है कि उनके पति ने लोन ले रखा था, जो उनकी मुआवजा राशि से काट लिया गया है। इस पर स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि राहत राशि को लोन में कैसे काटा जा सकता है? उन्होंने महिला को मुआवजा राशि दिलवाने का भरोसा दिलाया।
गन्ना भुगतान नहीं होने से बढ़ी पीड़ा
मानकपुर आदमपुर गांव में ग्रामीणों ने इकबालपुर शुगर मिल से गन्ने का बकाया भुगतान दिलवाने की मांग की। कुछ ग्रामीणों ने किसान पेंशन बनवाने की भी मांग उठाई। बिंडुखड़क में कुछ घरों में शौचालय नहीं होने की बात भी बताई।
साहब! हैंडपंप से निकलता है गंदा पानी
बिडुखड़क के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सचिव को पानी की समस्या से अवगत कराया। एक ग्रामीण ने बताया कि गांव में जो हैंडपंप लगे हैं, उनमें गंदा पानी आता है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई समस्या का समाधान नहीं कराता। इस पर स्वास्थ्य सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही अधिकारियों को पानी की जांच कराने और समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए।
पात्र लोगों को क्यों नहीं मिल रही पेंशन?
जहरीली शराब से पीड़ित गांवों के कई ग्रामीणों को वृद्धावस्था और विधवा पेंशन नहीं मिल रही है। सुनवाई के दौरान कुछ महिलाओं ने स्वास्थ्य सचिव को बताया कि उन्हें पेंशन नहीं मिल पा रही है। कई बार तहसील के चक्कर काट चुके हैं। इस पर उन्होंने बीडीओ भगवानपुर सतेंद्र धमांदा को कड़ी फटकार लगाई। इस दौरान तहसीलकर्मियों ने बताया कि कुछ महिलाओं के आय प्रमाणपत्र नहीं बन पाए हैं। इससे पेंशन नहीं बन पाई है। इस पर स्वास्थ्य सचिव ने बीडीओ को जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए। साथ ही जल्द प्रमाणपत्र बनवाकर पेंशन जारी कराने के आदेश दिए।
सीएम राहत कोष से सहायता का आश्वासन
बिंडुखड़क निवासी कमलेश ने बताया कि उनका पति शराब कांड से कुछ दिन पूर्व कच्ची शराब पीने से तालाब में डूबकर मर गए थे, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें कोई लाभ नही मिला है। इस पर स्वास्थ्य सचिव ने सीएम राहत कोष से मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
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क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों में बीती आठ फरवरी को जहरीली शराब पीने से 43 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना से कई परिवार प्रभावित हुए थे। मामले में बुधवार को स्वास्थ्य सचिव नितेश कुमार झा ने अधिकारियों के साथ बाल्लूपुर, बिंडुखड़क, भलस्वागाज सहित कई गांवों का दौरान किया। पहले वे राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बिंडुखड़क में लोगों का दर्द जाना। इसके बाद भलस्वागाज और फिर मानकपुर आदमपुर में पीड़ित परिवारों की समस्याएं सुनी। अधिकांश लोगों ने कहा कि उन्हें राहत राशि के चेक तो मिले हैं, लेकिन समस्याएं अब भी बरकरार हैं। सचिव के पूछने पर महिलाओं ने बताया कि आज भी लोग शराब पी रहे हैं। इस पर सचिव ने कहा कि वे एक महीने बाद फिर आएंगे। अगर कोई समस्या है तो वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं।
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भलस्वागाज के प्रधान विजयपाल सिंह ने गांव में ओवरहेड टैंक बनवाने की मांग की। सीएम के सलाहकार नरेंद्र सिंह राणा ने तालाब पर अतिक्रमण और सड़कों के किनारे डाले गए गोबर के ढेर हटवाने की बात की कही। मौके पर डीएम दीपेंद्र चौधरी, एसएसपी सेंथिल अबुदई, सीडीओ विनीत तोमर, एसडीएम भगवानपुर संतोष कुमार पांडेय, एसपी देहात नवनीत सिंह, जिला सूचना अधिकारी संजय श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सिंह, थानाध्यक्ष रविंद्र शाह आदि मौजूद रहे।
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मुआवजा मिला, लेकिन बैंक ने लोन में काट लिया
भलस्वागाज की एक महिला ने बताया कि उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से जो मुआवजा मिला था वह खाते में पहुंचा, लेकिन उन्हें नहीं मिला। बैंक अधिकारियों ने बताया है कि उनके पति ने लोन ले रखा था, जो उनकी मुआवजा राशि से काट लिया गया है। इस पर स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि राहत राशि को लोन में कैसे काटा जा सकता है? उन्होंने महिला को मुआवजा राशि दिलवाने का भरोसा दिलाया।
गन्ना भुगतान नहीं होने से बढ़ी पीड़ा
मानकपुर आदमपुर गांव में ग्रामीणों ने इकबालपुर शुगर मिल से गन्ने का बकाया भुगतान दिलवाने की मांग की। कुछ ग्रामीणों ने किसान पेंशन बनवाने की भी मांग उठाई। बिंडुखड़क में कुछ घरों में शौचालय नहीं होने की बात भी बताई।
साहब! हैंडपंप से निकलता है गंदा पानी
बिडुखड़क के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सचिव को पानी की समस्या से अवगत कराया। एक ग्रामीण ने बताया कि गांव में जो हैंडपंप लगे हैं, उनमें गंदा पानी आता है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई समस्या का समाधान नहीं कराता। इस पर स्वास्थ्य सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही अधिकारियों को पानी की जांच कराने और समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए।
पात्र लोगों को क्यों नहीं मिल रही पेंशन?
जहरीली शराब से पीड़ित गांवों के कई ग्रामीणों को वृद्धावस्था और विधवा पेंशन नहीं मिल रही है। सुनवाई के दौरान कुछ महिलाओं ने स्वास्थ्य सचिव को बताया कि उन्हें पेंशन नहीं मिल पा रही है। कई बार तहसील के चक्कर काट चुके हैं। इस पर उन्होंने बीडीओ भगवानपुर सतेंद्र धमांदा को कड़ी फटकार लगाई। इस दौरान तहसीलकर्मियों ने बताया कि कुछ महिलाओं के आय प्रमाणपत्र नहीं बन पाए हैं। इससे पेंशन नहीं बन पाई है। इस पर स्वास्थ्य सचिव ने बीडीओ को जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए। साथ ही जल्द प्रमाणपत्र बनवाकर पेंशन जारी कराने के आदेश दिए।
सीएम राहत कोष से सहायता का आश्वासन
बिंडुखड़क निवासी कमलेश ने बताया कि उनका पति शराब कांड से कुछ दिन पूर्व कच्ची शराब पीने से तालाब में डूबकर मर गए थे, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें कोई लाभ नही मिला है। इस पर स्वास्थ्य सचिव ने सीएम राहत कोष से मदद दिलाने का आश्वासन दिया।