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भट्ठा कब्जे के लिए की थी भट्ठे मालिक की हत्या
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दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने ईंट भट्ठा मालिक हत्याकांड का खुलासा कर दिया। आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दो तमंचे, दो खोखे और एक कारतूस भी बरामद किया गया है। साथ ही घटना में प्रयुक्त बाइक को भी पुलिस ने बरामद कर लिया। वहीं, हत्या का षड्यंत्र रचने वाले सात आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
सोमवार को मंगलौर कोतवाली में प्रेसवार्ता कर एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने बताया कि एक सप्ताह पहले कुमराड़ा में भट्ठा मालिक अजय मलिक की दो बदमाशों ने भट्ठे पर ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने केस दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी थी। एसएसपी ने बताया कि अजय मलिक का माजरा निवासी नाथीराम के बीच वर्ष 2016 में कुमराड़ा स्थित भूमि पर भट्ठा लगाने को लेकर समझौता हुआ था। जमीन के लिए अजय मलिक हर साल नाथीराम को 80 हजार ईंट या उसकी कीमत देते थे। वर्ष 2016 में ही अजय मलिक ने नाथीराम की बेटी का विवाह अपने शामली स्थित भट्ठे के पाटर्नर तीरथपाल के भाई निंदरपाल से कराया था। उन्होंने नाथीराम को विवाह के लिए पैसे भी उधार दिए थे। वर्ष 2018 में शामली स्थित भट्ठे से पैसों के हिसाब में गड़बड़ी करने के कारण अजय मलिक ने तीरथपाल को हिस्सेदारी से अलग कर दिया था।
इसके बाद तीरथपाल और निंदरपाल उनसे रंजिश रखने लगे थे। एसएसपी ने बताया कि कुमराड़ा स्थित भट्ठे में अधिक लाभ होने पर नाथीराम और उसके तीन बेटे अजय मलिक से अपनी जमीन खाली कराना चाहते थे। इसे लेकर वर्ष 2020 से ही दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। 30 अप्रैल को नाथीराम की दूसरी बेटी की शादी में भी अजय मलिक ने 14 लाख रुपये उधार दिए थे। रकम वापस लेने के लिए अजय मलिक की ओर से दबाव बनाया जा रहा था। इस पर नाथीराम ने भट्ठे पर कब्जा करने और उधार के पैसे वापस न करने के लिए अपने बेटों के साथ मिलकर अजय की हत्या की योजना बनाई। साथ ही हत्या के बाद तीरथपाल के साथ करीब दो करोड़ से अधिक की ईंटों को बेचने और आपसी सहमति से भट्ठा चलाने की योजना भी बनी। इसके बाद विपिन और अभिषेक ने गोली मारकर अजय की हत्या कर दी थी। एसएसपी ने बताया कि हत्या में शामिल विपिन और उसके दोस्त अभिषेक निवासी बेहड़की गुर्जर, गागलहेड़ी जिला सहारनपुर को रविवार रात मोहम्मदपुर तिराहे पास से गिरफ्तार कर लिया गया। षड्यंत्र में शामिल नाथीराम, अंकुश, अजीत, तीरथपाल, निंदरपाल, पिंटू और सन्नी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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पुलिस टीम में ये रहे शामिल
कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट, एसएसआई देवेंद्र सिंह रावत, एसआई शहजाद अली, एसआई लोकपाल परमार, एसआई नितेश शर्मा, एसआई नंदकिशोर बचकोटी, कांस्टेबल प्रभाकर थपलियाल, रविंद्र राणा, हसलवीर सिंह, दीपक नेगी।
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पार्टनर ने भी जताई हत्या की आशंका
भट्ठा मालिक की हत्या के बाद पार्टनर संदीप निवासी मेदपुर, छपार मुजफ्फरनगर ने भी अपनी हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने सोमवार को मंगलौर कोतवाली में पहुंचकर एसएसपी से सुरक्षा की गुहार लगाई है। एसएसपी ने आश्वासन दिया कि उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाएगी।
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सोमवार को मंगलौर कोतवाली में प्रेसवार्ता कर एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने बताया कि एक सप्ताह पहले कुमराड़ा में भट्ठा मालिक अजय मलिक की दो बदमाशों ने भट्ठे पर ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने केस दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी थी। एसएसपी ने बताया कि अजय मलिक का माजरा निवासी नाथीराम के बीच वर्ष 2016 में कुमराड़ा स्थित भूमि पर भट्ठा लगाने को लेकर समझौता हुआ था। जमीन के लिए अजय मलिक हर साल नाथीराम को 80 हजार ईंट या उसकी कीमत देते थे। वर्ष 2016 में ही अजय मलिक ने नाथीराम की बेटी का विवाह अपने शामली स्थित भट्ठे के पाटर्नर तीरथपाल के भाई निंदरपाल से कराया था। उन्होंने नाथीराम को विवाह के लिए पैसे भी उधार दिए थे। वर्ष 2018 में शामली स्थित भट्ठे से पैसों के हिसाब में गड़बड़ी करने के कारण अजय मलिक ने तीरथपाल को हिस्सेदारी से अलग कर दिया था।
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इसके बाद तीरथपाल और निंदरपाल उनसे रंजिश रखने लगे थे। एसएसपी ने बताया कि कुमराड़ा स्थित भट्ठे में अधिक लाभ होने पर नाथीराम और उसके तीन बेटे अजय मलिक से अपनी जमीन खाली कराना चाहते थे। इसे लेकर वर्ष 2020 से ही दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। 30 अप्रैल को नाथीराम की दूसरी बेटी की शादी में भी अजय मलिक ने 14 लाख रुपये उधार दिए थे। रकम वापस लेने के लिए अजय मलिक की ओर से दबाव बनाया जा रहा था। इस पर नाथीराम ने भट्ठे पर कब्जा करने और उधार के पैसे वापस न करने के लिए अपने बेटों के साथ मिलकर अजय की हत्या की योजना बनाई। साथ ही हत्या के बाद तीरथपाल के साथ करीब दो करोड़ से अधिक की ईंटों को बेचने और आपसी सहमति से भट्ठा चलाने की योजना भी बनी। इसके बाद विपिन और अभिषेक ने गोली मारकर अजय की हत्या कर दी थी। एसएसपी ने बताया कि हत्या में शामिल विपिन और उसके दोस्त अभिषेक निवासी बेहड़की गुर्जर, गागलहेड़ी जिला सहारनपुर को रविवार रात मोहम्मदपुर तिराहे पास से गिरफ्तार कर लिया गया। षड्यंत्र में शामिल नाथीराम, अंकुश, अजीत, तीरथपाल, निंदरपाल, पिंटू और सन्नी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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पुलिस टीम में ये रहे शामिल
कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट, एसएसआई देवेंद्र सिंह रावत, एसआई शहजाद अली, एसआई लोकपाल परमार, एसआई नितेश शर्मा, एसआई नंदकिशोर बचकोटी, कांस्टेबल प्रभाकर थपलियाल, रविंद्र राणा, हसलवीर सिंह, दीपक नेगी।
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पार्टनर ने भी जताई हत्या की आशंका
भट्ठा मालिक की हत्या के बाद पार्टनर संदीप निवासी मेदपुर, छपार मुजफ्फरनगर ने भी अपनी हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने सोमवार को मंगलौर कोतवाली में पहुंचकर एसएसपी से सुरक्षा की गुहार लगाई है। एसएसपी ने आश्वासन दिया कि उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाएगी।