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सीएससी सेंटरों तक पहुंची घोटाले की जांच की आंच

Fri, 08 Apr 2022 08:12 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 08 Apr 2022 08:12 PM IST
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The heat of investigation of fraud reached CSC
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए फर्जी आय प्रमाणपत्र लगाने के मामले की जांच की आंच अब कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) तक पहुंच गई है। अभी तक प्रशासन स्तर पर हुई जांच में ये सामने आया है कि लेखपाल ने जिस आय प्रमाणपत्र को आठ हजार का बनाया था उसमें प्रिंट निकालने के बाद ही गड़बड़ी की गई है। हालांकि, इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि फर्जीवाड़े में विभाग या आवेदनकर्ता की मिलीभगत नहीं है।
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अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना शुुरू की है। इसके तहत छात्राओं को 10 से 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस साल योजना के तहत जिले में बड़ी संख्या में छात्राओं ने आवेदन किया है। आवेदन में सबसे अहम दस्तावेज आय प्रमाणपत्र होता है। कार्यालय में जमा प्रमाणपत्रों की जांच शुरू हुई तो खानपुर ब्लॉक को छोड़कर पूरे जिले में 100 से अधिक आय प्रमाणपत्र फर्जी मिले। इस मामले को अमर उजाला ने ‘जिले में फिर छात्रवृत्ति घोटाले की दस्तक’ शीर्षक से प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशित होने पर हरकत मेें आए विभागीय अधिकारियों ने प्रमाणपत्रों की जांच शुरू कर दी है।
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अभी तक की जांच में ये बात सामने आई है कि लेखपाल ने जिस आवेदन संख्या वाले प्रमाणपत्र को आठ से दस हजार रुपये के बीच बनाया था, उसी आवेदन संख्या वाले प्रमाणपत्र में प्रिंट निकलने के बाद आय छह हजार रुपये दर्शायी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, आवेदनकर्ता अधिकतर प्रमाणपत्रों को सीएससी से प्रिंट करवाते हैं। ऐसे में आशंका है कि प्रिंट निकालने के दौरान या बाद में प्रमाणपत्र से छेड़छाड़ हुई। अंदेेशा यह भी है कि मामले में विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। वहीं, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के जिला प्रभारी योगेश भारद्वाज का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही गड़बड़ी करने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। जो भी व्यक्ति इसमें दोषी पाया जाएगा, उस पर सरकारी योजना का गलत इस्तेमाल करने पर कार्रवाई की जाएगी।
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अब हर प्रमाणपत्र की होगी गहनता से जांच
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना के आवेदन में लगाए गए आय प्रमाणपत्र में फर्जीवाड़े के बाद अब विभाग और सतर्क हो गया है। अब आवेदनों के साथ जितने भी प्रमाणपत्र लगाए गए हैं उनकी गहनता से जांच होगी। मार्कशीट, बैंक एकाउंट की डिटेल के दस्तावेज में भी गड़बड़ी की आशंका है। कारण, मार्कशीट में प्रतिशत के आधार पर छात्रा को राशि मिलती है। इसके बाद ये रकम सीधे पात्र के खाते में जाती है। ऐसे में इन दोनों दस्तावेजों की जांच करवाई जाएगी।

सीएससी से फर्जी आय प्रमाणपत्र बनाने की जानकारी अभी तक नहीं मिली है। वैसे तो संचालक को ये अधिकार नहीं होते हैं कि वे अपनी आईडी से प्रमाणपत्रों में छेड़छाड़ कर सकें। यदि इसके बावजूद किसी सीएससी पर गड़बड़ी हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। मामला सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति की आईडी ब्लॉक कर दी जाएगी। साथ ही जिला स्तर पर उसके खिलाफ केस दर्ज करवाने का भी प्रावधान है।
-ललित बोरा, स्टेट हेेड, सीएससी
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