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रात में मुकदमा, सुबह जमानत
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
Updated Mon, 14 Mar 2016 12:31 AM IST
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रुड़की। पति का पता ढूंढ निकालने का झांसा देकर महिला से नगदी व जेवर ठगने वाले तांत्रिक के खिलाफ पुलिस ने देर शाम धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया। लेकिन सुबह तक पुलिस तांत्रिक पर इतनी मेहरबान हो गई कि कोतवाली से ही उसे जमानत दे दी। अब पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
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रामपुर की फारूक नगर कॉलोनी निवासी एक महिला का पति फेरी लगाने के लिए अक्सर घर से बाहर रहता है। कई-कई माह घर से बाहर रहने पर पति-पत्नी के बीच कई बार झगड़ा भी हो चुका है। अब कुछ दिन से पति घर नहीं लौट रहा है। उसका पता लगाने के लिए महिला गणेशपुर स्थित रेलवे रोड पर झाड़-फूंक करने वाले तांत्रिक के पास पहुंची। आरोप है कि तांत्रिक मियां मलिक ने महिला को उसके पति का पता लगाने के एवज में 15 हजार रुपये और सोने के जेवर ठग लिए। दो बकरों की भी बलि दिलाई गई। उसके बाद भी पति का पता नहीं चला तो महिला ने तांत्रिक से नगदी-जेवर वापस मांगे। नहीं देने पर महिला की शिकायत पर पुलिस ने शनिवार देर शाम आरोपी को हिरासत में लिया।
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तहरीर पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत व लज्जा भंग करने के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया। रातभर कोतवाली में रखने के बाद पुलिस ने रविवार सुबह तांत्रिक को जमानत दे दी। यह मेहरबानी पुलिस ने वेस्ट यूपी के तांत्रिक पर क्यों बरसाई, इस पर पुलिस का कहना है सात साल से कम सजा वाले अपराध में थाने से जमानत दी जा सकती है। लेकिन यह विशेष कृपा इसी तांत्रिक पर क्यों हुई, इसका माकूल जवाब पुलिस के पास भी नहीं है। कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल का कहना है कि तांत्रिक को जमानत पर छोड़ दिया है, जांच करते हुए उसके खिलाफ सुबूत जुटाए जा रहे हैं। उसे जब बुलाया जाएगा आना पड़ेगा।
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जाली नोटों में जेल गया है एक तांत्रिक
वेस्ट यूपी के एक तांत्रिक पर पुलिस इस कदर मेहरबान है कि उसे कानून की छूट का भरपूर लाभ दिया गया। जबकि झबरेड़ा में ऐसी ही दुकान चलाने वाला देवबंद निवासी एक तांत्रिक उस्मान जाली नोट चलाने वाले गिरोह का सदस्य निकला।