{"_id":"62601b1613998c717c18e302","slug":"stopped-from-going-to-tehsil-recited-hanuman-chalisa-at-toll-plaza-roorkee-news-drn4095396110","type":"story","status":"publish","title_hn":"टोल प्लॉजा पर हुनमान चालीसा पाठ, भारी फोर्स रहा तैनात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टोल प्लॉजा पर हुनमान चालीसा पाठ, भारी फोर्स रहा तैनात
विज्ञापन
रुड़की के भगवानपुर क्षेत्र के डाडा पट्टी गांव में खुले स्कूल में बच्चों को पढ़ाती शिक्षिका और खा?
- फोटो : ROORKEE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
16 अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा पर हमला करने के सभी आरोपियों की गिरफ्तार नहीं होने के विरोध में काली सेना ने तहसील परिसर में हनुमान चालीसा पाठ करने का एलान किया था। पुलिस ने काली सेना के राज्य संयोजक स्वामी दिनेशानंद भारती और उनके समर्थकों को हाईवे स्थित टोल प्लाजा पर ही रोक दिया। काली सेना के समर्थकों ने टोल प्लाजा पर ही हनुमान चालीसा का पाठ किया। पुलिस प्रशासन ने उन्हें सात दिन के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। वहीं स्वामी दिनेशानंद भारती ने बवाल मामले में सात दिन में मांगें पूरी न होने पर 36 हिंदू बिरादरी के लोगों के साथ महापंचायत करने का एलान किया।
विगत शनिवार की रात डाडा जलालपुर में हनुमान जयंती की शोभायात्रा पर पथराव ने बवाल का रूप ले लिया था। पथराव के साथ आगजनी की घटना हुई थी। बवाल में कई लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने 12 नामजद और 40 अज्ञात पर केस दर्ज किया था। पुलिस अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। उधर, इस मामले में काली सेना के राज्य संयोजक स्वामी दिनेशानंद भारती ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक की थी। उन्होंने लाउड स्पीकर से एलान करने वाले मौलाना की गिरफ्तारी, जिन घरों की छतों पर पत्थर पाए गए उस पूरे परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, पथराव करने वाली महिलाओं पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी और हिंदुओं के दो नाबालिगों के साथ सिपाहियों पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने मांगों पूरी नहीं होने पर बुधवार को भगवानपुर तहसील परिसर में हनुमान चालीसा पाठ करने का एलान किया था।
उनके एलान को देखते प्रशासन ने तहसील परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था। पुलिस स्वामी दिनेशानंद और ग्रामीणों के आने का तहसील में इंतजार कर रही थी। स्वामी दिनेशानंद पुलिस को चकमा देकर पहले सीधे डाडा जलालपुर गांव पहुंचे गए और मंदिर में ग्रामीणों से वार्ता की। उनके गांव पहुंचने की सूचना से पुलिस प्रशासन के हाथपांव फूल गए। एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी, सीओ पंकज गैरोला, एसओ पीडी भट्ट भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए। अधिकारियों ने उनसे वार्ता की और समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह पाठ करने व विधायक का पुतला फूंकने की जिद पर अड़े रहे। बाद में वह ग्रामीणों के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर भगवानपुर तहसील के लिए रवाना हो गए।
विज्ञापन
वह तहसील परिसर में न जाकर सीधे भगवानपुर टोल प्लाजा पहुंचे। वहां पर उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया। स्वामी दिनेशानंद भारती ने कहा कि बवाल के दौरान कुछ लोगों ने गोली चलाई थी। पुलिस उन्हें चिह्नित कर गिरफ्तार करे। बवाल में पथराव करने वाली महिलाओं की भी गिरफ्तारी होनी चाहिए। साथ ही दो बच्चों से मारपीट करने वाले सिपाहियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाए। आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते गांव में बवाल हुआ है। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर मांगें पूरी न होने पर महापंचायत करने का एलान किया। इस पर एसडीएम और सीओ ने आश्वासन दिया कि मामले की गहनता से जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान चंदन कौशिक, राजू कुमार, अमन कुमार, महावीर सिंह, सतीश सिंह, अनूप सैनी, राजेश कुमार, नवीन सैनी, कुलदीप, विनोद महाराज, मनोज चौहान समेत बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
खुफिया विभाग रहा अलर्ट
हनुमान चालीसा पाठ को लेकर पुलिस के साथ खुफिया विभाग भी अलर्ट रहा। खुफिया विभाग गांव से लेकर स्वामी दिनेशानंद भारती की पल पल की जानकारी लेता रहा। साथ ही मंगलवार रातभर गांव के दोनों पक्षों की नब्ज टटोलने में लगा रहा। वहीं हरिद्वार और दून में बैठे अधिकारी भी गांव के हालात और बुधवार होने वाले कार्यक्रम को लेकर जानकारी लेते रहे।
विधायक ममता राकेश के खिलाफ नारेबाजी
काली सेना के समर्थकों और ग्रामीणों ने भगवानपुर से कांग्रेस विधायक ममता राकेश के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। उन्होंने आरोप लगाया कि वह एक पक्ष के लोगों का समर्थन करती हैं। हमले के आरोपियों का बचाव करने की कोशिश कर रही हैं।
दो दिन बाद स्कूल खिले विद्यार्थी ना के बराबर पहुंचे
डाला जलालपुर गांव में हुए बवाल के बाद बंद किए स्कूल भले ही दो दिन के बाद खुल गए हों लेकिन डर इस कदर हावी है कि अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। वहीं बच्चों से भरी रहने वाली कक्षाओं और स्कूल मैदानों में सूनापन सा छाया रहा। स्थिति यह रही कि जिन स्कूलों में रोजाना करीब 70 फीसदी उपस्थिति रहती थी वहां महज 20 से 23 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही पहुंचे। एक स्कूल में पंजीकृत 226 में से मात्र 11 छात्र ही पढ़ने पहुंचे।
गत शनिवार की रात को डाडा जलालपुर गांव में शाम के समय श्री हनुमान जयंती पर निकाली जा रही शोभायात्रा पर पथराव किया गया था। पुलिस के पहुंचने के बाद भी वाहनों में आग लगा दी गई। इससे डाडा जलालपुर गांव चंद घंटों में ही अखाड़ा बन गया। दोनों ओर से नारेबाजी और तनाव ने ग्रामीणों के ही नहीं बल्कि स्कूली बच्चों के दिलों में भी दहशत पैदा कर दी। इसी बीच गांव के हालात बिगड़े तो पुलिस प्रशासन और शिक्षा विभाग ने डाडा जलालपुर, डाडा पट्टी और फरकपुर गांव के पांच स्कूलों में 19 व 20 अप्रैल का अवकाश घोषित कर दिया। इन दो दिन में हालात सामान्य तो हुए लेकिन मन और दिल में पनप चुका डर समाप्त नहीं हुआ। न जाने कौन सी बयानबाजी और नारेबाजी फिर से नफरत की चिंगारी को न भड़का दे इसकी आशंका अब भी ग्रामीणों के मन में है। इसी आशंका का असर बुधवार को दो दिन बाद खुले स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति पर देखने को मिला। बुधवार को जिस स्कूल में 226 बच्चे पंजीकृत हैं और रोजाना औसतन 160 बच्चे पढ़ने के लिए पहुंचते थे, वहां महज 11 बच्चे ही स्कूल पहुंचे थे। इसी तरह एक दूसरे स्कूल में 226 में से मात्र 46 बच्चे ही स्कूल पहुंच पाए। इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे आम दिनों की अपेक्षा शांत दिखाई दिए। रोजाना की तरह मौज मस्ती और शोर शराबा एकदम गायब था।
विद्यालय का नाम - कुल पंजीकृत छात्र - उपस्थित छात्र
उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डाडा जलालपुर - 226 - 11
राजकीय प्राथमिक विद्यालय डाडा जलालपुर - 226 - 46
राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल डाडा पट्टी - 60 - 20
राजकीय प्राथमिक विद्यालय डाडा पट्टी - 107 - 49
राजकीय प्राथमिक विद्यालय फरकपुर - 28 - 22
कुल - 647 - 148
दो दिन के अवकाश के बाद बुधवार को स्कूल खोले गए हैं लेकिन उपस्थिति बेहद कम रही। पांच स्कूलों में पंजीकृत 647 में से 148 छात्र ही स्कूल पहुंचे। माहौल धीरे-धीरे सुधरने की उम्मीद है। शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि माहौल को सामान्य बनाने का प्रयास करें और सभी जरूरी एहतियात बरतें।
- कुंदन सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, भगवानपुर
विज्ञापन
विगत शनिवार की रात डाडा जलालपुर में हनुमान जयंती की शोभायात्रा पर पथराव ने बवाल का रूप ले लिया था। पथराव के साथ आगजनी की घटना हुई थी। बवाल में कई लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने 12 नामजद और 40 अज्ञात पर केस दर्ज किया था। पुलिस अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। उधर, इस मामले में काली सेना के राज्य संयोजक स्वामी दिनेशानंद भारती ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक की थी। उन्होंने लाउड स्पीकर से एलान करने वाले मौलाना की गिरफ्तारी, जिन घरों की छतों पर पत्थर पाए गए उस पूरे परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, पथराव करने वाली महिलाओं पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी और हिंदुओं के दो नाबालिगों के साथ सिपाहियों पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने मांगों पूरी नहीं होने पर बुधवार को भगवानपुर तहसील परिसर में हनुमान चालीसा पाठ करने का एलान किया था।
विज्ञापन
उनके एलान को देखते प्रशासन ने तहसील परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था। पुलिस स्वामी दिनेशानंद और ग्रामीणों के आने का तहसील में इंतजार कर रही थी। स्वामी दिनेशानंद पुलिस को चकमा देकर पहले सीधे डाडा जलालपुर गांव पहुंचे गए और मंदिर में ग्रामीणों से वार्ता की। उनके गांव पहुंचने की सूचना से पुलिस प्रशासन के हाथपांव फूल गए। एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी, सीओ पंकज गैरोला, एसओ पीडी भट्ट भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए। अधिकारियों ने उनसे वार्ता की और समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह पाठ करने व विधायक का पुतला फूंकने की जिद पर अड़े रहे। बाद में वह ग्रामीणों के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर भगवानपुर तहसील के लिए रवाना हो गए।
विज्ञापन
वह तहसील परिसर में न जाकर सीधे भगवानपुर टोल प्लाजा पहुंचे। वहां पर उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया। स्वामी दिनेशानंद भारती ने कहा कि बवाल के दौरान कुछ लोगों ने गोली चलाई थी। पुलिस उन्हें चिह्नित कर गिरफ्तार करे। बवाल में पथराव करने वाली महिलाओं की भी गिरफ्तारी होनी चाहिए। साथ ही दो बच्चों से मारपीट करने वाले सिपाहियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाए। आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते गांव में बवाल हुआ है। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर मांगें पूरी न होने पर महापंचायत करने का एलान किया। इस पर एसडीएम और सीओ ने आश्वासन दिया कि मामले की गहनता से जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान चंदन कौशिक, राजू कुमार, अमन कुमार, महावीर सिंह, सतीश सिंह, अनूप सैनी, राजेश कुमार, नवीन सैनी, कुलदीप, विनोद महाराज, मनोज चौहान समेत बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
खुफिया विभाग रहा अलर्ट
हनुमान चालीसा पाठ को लेकर पुलिस के साथ खुफिया विभाग भी अलर्ट रहा। खुफिया विभाग गांव से लेकर स्वामी दिनेशानंद भारती की पल पल की जानकारी लेता रहा। साथ ही मंगलवार रातभर गांव के दोनों पक्षों की नब्ज टटोलने में लगा रहा। वहीं हरिद्वार और दून में बैठे अधिकारी भी गांव के हालात और बुधवार होने वाले कार्यक्रम को लेकर जानकारी लेते रहे।
विधायक ममता राकेश के खिलाफ नारेबाजी
काली सेना के समर्थकों और ग्रामीणों ने भगवानपुर से कांग्रेस विधायक ममता राकेश के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। उन्होंने आरोप लगाया कि वह एक पक्ष के लोगों का समर्थन करती हैं। हमले के आरोपियों का बचाव करने की कोशिश कर रही हैं।
दो दिन बाद स्कूल खिले विद्यार्थी ना के बराबर पहुंचे
डाला जलालपुर गांव में हुए बवाल के बाद बंद किए स्कूल भले ही दो दिन के बाद खुल गए हों लेकिन डर इस कदर हावी है कि अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। वहीं बच्चों से भरी रहने वाली कक्षाओं और स्कूल मैदानों में सूनापन सा छाया रहा। स्थिति यह रही कि जिन स्कूलों में रोजाना करीब 70 फीसदी उपस्थिति रहती थी वहां महज 20 से 23 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही पहुंचे। एक स्कूल में पंजीकृत 226 में से मात्र 11 छात्र ही पढ़ने पहुंचे।
गत शनिवार की रात को डाडा जलालपुर गांव में शाम के समय श्री हनुमान जयंती पर निकाली जा रही शोभायात्रा पर पथराव किया गया था। पुलिस के पहुंचने के बाद भी वाहनों में आग लगा दी गई। इससे डाडा जलालपुर गांव चंद घंटों में ही अखाड़ा बन गया। दोनों ओर से नारेबाजी और तनाव ने ग्रामीणों के ही नहीं बल्कि स्कूली बच्चों के दिलों में भी दहशत पैदा कर दी। इसी बीच गांव के हालात बिगड़े तो पुलिस प्रशासन और शिक्षा विभाग ने डाडा जलालपुर, डाडा पट्टी और फरकपुर गांव के पांच स्कूलों में 19 व 20 अप्रैल का अवकाश घोषित कर दिया। इन दो दिन में हालात सामान्य तो हुए लेकिन मन और दिल में पनप चुका डर समाप्त नहीं हुआ। न जाने कौन सी बयानबाजी और नारेबाजी फिर से नफरत की चिंगारी को न भड़का दे इसकी आशंका अब भी ग्रामीणों के मन में है। इसी आशंका का असर बुधवार को दो दिन बाद खुले स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति पर देखने को मिला। बुधवार को जिस स्कूल में 226 बच्चे पंजीकृत हैं और रोजाना औसतन 160 बच्चे पढ़ने के लिए पहुंचते थे, वहां महज 11 बच्चे ही स्कूल पहुंचे थे। इसी तरह एक दूसरे स्कूल में 226 में से मात्र 46 बच्चे ही स्कूल पहुंच पाए। इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे आम दिनों की अपेक्षा शांत दिखाई दिए। रोजाना की तरह मौज मस्ती और शोर शराबा एकदम गायब था।
विद्यालय का नाम - कुल पंजीकृत छात्र - उपस्थित छात्र
उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डाडा जलालपुर - 226 - 11
राजकीय प्राथमिक विद्यालय डाडा जलालपुर - 226 - 46
राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल डाडा पट्टी - 60 - 20
राजकीय प्राथमिक विद्यालय डाडा पट्टी - 107 - 49
राजकीय प्राथमिक विद्यालय फरकपुर - 28 - 22
कुल - 647 - 148
दो दिन के अवकाश के बाद बुधवार को स्कूल खोले गए हैं लेकिन उपस्थिति बेहद कम रही। पांच स्कूलों में पंजीकृत 647 में से 148 छात्र ही स्कूल पहुंचे। माहौल धीरे-धीरे सुधरने की उम्मीद है। शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि माहौल को सामान्य बनाने का प्रयास करें और सभी जरूरी एहतियात बरतें।
- कुंदन सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, भगवानपुर

रुड़की के भगवानपुर में टोल प्लाजा पर हनुमान चालीसा का पाठ करते स्वामी दिनेशानंद भारती और उनके सम?- फोटो : ROORKEE