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पंचपुरी में देवी आराधना प्रारंभ
ब्यूूराो/ अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Sun, 02 Oct 2016 12:55 AM IST
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मनसा देवी मंिददिर में पूजा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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हरिद्वार। नवरात्र के साथ भगवती आराधना पंचपुरी के श्रद्धापूर्वक शुरू हो गई है। कई पौराणिक मंदिरों में हजारों भक्तों ने दिनभर पहुंचकर मां के दर्शन किए। शतचंडी यज्ञ भी कई जगह प्रारंभ हुए। घरों में नवरात्र के पहले भी देवी भागवत के पाठ भी बैठाए गए।
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दस दिन चलने वाले पूजा समारोह का शुभारंभ देवी की प्रतिमाएं स्थापित कर मंगल कलश स्थापना के साथ किया गया। शुक्रवार देर रात्रि को दुर्गा प्रतिमाओं की खरीद बाजारों में होती रही। जो श्रद्धालु श्राद्ध के दिन प्रतिमा नहीं खरीदते उन्होंने शनिवार सुबह प्रतिमा खरीदी। कलश स्थापन के बाद पूजा कार्यक्रम के साथ गणेश वंदना से हुई। घरों में श्रद्धालुओं ने मिट्टी के पात्रों में जौं बोए। जौं को बांसे के पत्तों से ढका गया। मंगल कलश के भीतर सौभाग्य के प्रतीक चावल भरे गए। आम के पत्ते सजाकर पवित्र नारियल रखा गया। भगवती की प्रतिमा को लालरंग की चुनरी ओढ़ाई गई। पंडितों ने भगवती वंदना के देवी भागवत का पाठ किया। बाद में अंबे गौरी की आरती उतारी गई। यह क्रम अब पूरे नवरात्र चलेगा। सिद्ध पौराणिकों में प्रात:काल विशेष पूजा अर्चना का आयोजन हुआ। भगवती यज्ञ भी आयोजित किए गए। सुरेश्वरी देवी मंदिर में पंडितों के सानिध्य में शत चंडी यज्ञ शुरू हुआ। इसी के साथ संर्कीतन भी किया गया।
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पंचपुरी के सभी देवी मंदिरों में विशेष आराधना शुरू हुई। मकर वाहिनी और महिषासुरमर्दिनी मंदिरों में मां की आराधना में देवी मंत्रों के साथ हुई। कनखल स्थित दस महाविद्या के मंदिरों मे पूजा के लिए सैकड़ों श्रद्धालु दिनभर उमड़ते रहे। माता तारा देवी के मंदिर में भी आराधना की गई। चंडी मंदिर के समीप अंजनी मंदिर में भक्तों ने जाकर प्रसाद चढ़ाया। सभी आश्रमों में देवी प्रतिमाओं के सम्मुख आराधना की गई। पंचपुरी नवरात्र के दिन शैलपुत्री की पूजा के साथ भगवतीमयी हो गई।
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