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चुनावी दौर में कहीं जहर का सबब न बन जाए कच्ची शराब
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विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कच्ची शराब बनाने वाले भी सक्रिय हो गए हैं। शहर से लेकर देहात तक पुलिस के छापे में बड़ी संख्या में कच्ची शराब की भट्ठियां पकड़ी जा रही हैं। ऐसे में चुनाव में कच्ची शराब परोसे जाने की आशंका को बल मिल रहा है जिससे पुलिस की चिंता भी बढ़ गई है। पुलिस की चिंता भी जायज है क्योंकि साढ़े तीन साल पहले झबरेड़ा क्षेत्र के कई गांवों में कच्ची शराब ने कहर बरपाया था। कच्ची शराब पीने से 44 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। दो लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। कच्ची शराब कांड की दून से लेकर लखनऊ तक गूंज रही थी।
चुनाव आते ही शराब माफिया सक्रिय हो जाते हैं। खासकर देहात क्षेत्र में मौत की भट्ठियां धधकने लगती हैं। चुनाव में वोटरों को शराब परोसने के लिए कच्ची से लेकर देसी और अंग्रेजी शराब परोसा जाना एक ट्रेंड बन गया है। वैसे तो पुलिस आम दिनों में भी कच्ची शराब के खिलाफ अभियान चलाती रही है लेकिन चुनाव के दौरान सख्ती के बावजूद अवैध कच्ची शराब के करोबारियों के पकड़े जाने का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है। चुनाव में कच्ची शराब फिर से झबरेड़ा जैसी घटना न दोहरा दे इसे लेकर पुलिस अधिकारी भी चिंतित हैं। पुलिस अधिकारियों ने कच्ची शराब पर लगाम कसने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत पुलिस लगातार कच्ची शराब और भट्ठियां पकड़ कर शराब बनाने वालों को सलाखों के पीछे भेज रही है। बावजूद इसके कच्ची शराब बनाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
जनवरी से अब तक पकड़ी गई कच्ची शराब
मंगलौर- 95 लीटर- 49 लोग गिरफ्तार
भगवानपुर- 47 लीटर- 14 लोग गिरफ्तार
खानपुर- 250 लीटर- 16 लोग गिरफ्तार
लक्सर- 224 लीटर- 23 लोग गिरफ्तार
बुग्गावाला-26 लीटर- आठ लोग गिरफ्तार
झबरेड़ा- 22 लीटर- छह लोग गिरफ्तार
देसी और अंग्रेजी शराब भी पकड़ी गई
मंगलौर में 98 पव्वे देशी शराब, 49 बोतल अंग्रेजी, भगवानपुर में 2032 पव्वे देशी शराब, खानपुर में 53 बोतल अंग्रेजी शराब, लक्सर में 48 पव्वे देशी शराब, झबरेड़ा, 355 पव्वे देशी शराब, गंगनहर कोतवाली में 222 पव्वे देशी शराब, सिविल लाइंस कोतवाली में 232 पव्वे देशी शराब और 32 बोतल अंग्रेजी शराब पकड़ी गई।
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कांप उठते हैं झबरेड़ा क्षेत्र के लोग
2019 का आठ फरवरी का वह काला दिन झबरेड़ा के लोगों को आज भी याद है। यहां बिंडुखड़क, बाल्लुपुर और अन्य गांवों में कच्ची शराब ने ऐसा कहर बरपाया था कि 44 लोगों की जान चली गई थी। दो लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। इतना ही नहीं सहारनपुर जिले में भी करीब 50 से अधिक लोगों की इसी दिन कच्ची शराब पीने से मौत हुई थी। मौत का आंकड़ा सौ के पार पहुंच गया था। हरिद्वार और सहारनपुर पुलिस ने भले ही कच्ची शराब बनाने वाले आरोपियों को जेल भेज दिया हो लेकिन आज भी लोग वो मंजर याद करके कांप उठते हैं।
खादर और घाड़ में बनती है सबसे अधिक शराब
कच्ची शराब सबसे अधिक लक्सर, खानपुर, सुल्तानपुर के खादर क्षेत्र और बुग्गावाला के घाड़ क्षेत्र में तैयार की जाती है। यहां पर गन्ने के खेतों और गंगा किनारे शराब की भट्ठियां बनाकर कच्ची शराब तैयार की जाती है। भले ही समय-समय पर पुलिस की ओर से लगातार कार्रवाई की जाती है लेकिन कच्ची शराब बनाने का सिलसिला लगातार जारी रहता है।
पुलिस की ओर से लगातार शराब पकड़ी जा रही है। पुलिस कच्ची शराब से लेकर देसी और अंग्रेजी शराब पकड़ रही है। देहात में पुलिस को सख्ती से कच्ची शराब बनाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
-प्रमेंद्र सिंह डोबाल, एसपी देहात
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चुनाव आते ही शराब माफिया सक्रिय हो जाते हैं। खासकर देहात क्षेत्र में मौत की भट्ठियां धधकने लगती हैं। चुनाव में वोटरों को शराब परोसने के लिए कच्ची से लेकर देसी और अंग्रेजी शराब परोसा जाना एक ट्रेंड बन गया है। वैसे तो पुलिस आम दिनों में भी कच्ची शराब के खिलाफ अभियान चलाती रही है लेकिन चुनाव के दौरान सख्ती के बावजूद अवैध कच्ची शराब के करोबारियों के पकड़े जाने का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है। चुनाव में कच्ची शराब फिर से झबरेड़ा जैसी घटना न दोहरा दे इसे लेकर पुलिस अधिकारी भी चिंतित हैं। पुलिस अधिकारियों ने कच्ची शराब पर लगाम कसने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत पुलिस लगातार कच्ची शराब और भट्ठियां पकड़ कर शराब बनाने वालों को सलाखों के पीछे भेज रही है। बावजूद इसके कच्ची शराब बनाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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जनवरी से अब तक पकड़ी गई कच्ची शराब
मंगलौर- 95 लीटर- 49 लोग गिरफ्तार
भगवानपुर- 47 लीटर- 14 लोग गिरफ्तार
खानपुर- 250 लीटर- 16 लोग गिरफ्तार
लक्सर- 224 लीटर- 23 लोग गिरफ्तार
बुग्गावाला-26 लीटर- आठ लोग गिरफ्तार
झबरेड़ा- 22 लीटर- छह लोग गिरफ्तार
देसी और अंग्रेजी शराब भी पकड़ी गई
मंगलौर में 98 पव्वे देशी शराब, 49 बोतल अंग्रेजी, भगवानपुर में 2032 पव्वे देशी शराब, खानपुर में 53 बोतल अंग्रेजी शराब, लक्सर में 48 पव्वे देशी शराब, झबरेड़ा, 355 पव्वे देशी शराब, गंगनहर कोतवाली में 222 पव्वे देशी शराब, सिविल लाइंस कोतवाली में 232 पव्वे देशी शराब और 32 बोतल अंग्रेजी शराब पकड़ी गई।
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कांप उठते हैं झबरेड़ा क्षेत्र के लोग
2019 का आठ फरवरी का वह काला दिन झबरेड़ा के लोगों को आज भी याद है। यहां बिंडुखड़क, बाल्लुपुर और अन्य गांवों में कच्ची शराब ने ऐसा कहर बरपाया था कि 44 लोगों की जान चली गई थी। दो लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। इतना ही नहीं सहारनपुर जिले में भी करीब 50 से अधिक लोगों की इसी दिन कच्ची शराब पीने से मौत हुई थी। मौत का आंकड़ा सौ के पार पहुंच गया था। हरिद्वार और सहारनपुर पुलिस ने भले ही कच्ची शराब बनाने वाले आरोपियों को जेल भेज दिया हो लेकिन आज भी लोग वो मंजर याद करके कांप उठते हैं।
खादर और घाड़ में बनती है सबसे अधिक शराब
कच्ची शराब सबसे अधिक लक्सर, खानपुर, सुल्तानपुर के खादर क्षेत्र और बुग्गावाला के घाड़ क्षेत्र में तैयार की जाती है। यहां पर गन्ने के खेतों और गंगा किनारे शराब की भट्ठियां बनाकर कच्ची शराब तैयार की जाती है। भले ही समय-समय पर पुलिस की ओर से लगातार कार्रवाई की जाती है लेकिन कच्ची शराब बनाने का सिलसिला लगातार जारी रहता है।
पुलिस की ओर से लगातार शराब पकड़ी जा रही है। पुलिस कच्ची शराब से लेकर देसी और अंग्रेजी शराब पकड़ रही है। देहात में पुलिस को सख्ती से कच्ची शराब बनाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
-प्रमेंद्र सिंह डोबाल, एसपी देहात