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Roorkee News: बकरीद से पहले कुर्बानी के जानवरों की खरीदारी तेज
Sun, 24 May 2026 05:04 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Sun, 24 May 2026 05:04 PM IST
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- कलियर से लेकर यूपी तक की दौड़, 15 हजार से एक लाख रुपये तक पहुंचीं कीमतें
सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी हो रही खरीदारी
पिरान कलियर। ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार नजदीक आते ही कुर्बानी के जानवरों की खरीदारी अब पारंपरिक मंडियों के साथ सोशल मीडिया और ऑनलाइन कृषि प्लेटफॉर्म पर भी तेजी पकड़ने लगी है। पिरान कलियर, रुड़की, मंगलौर, भगवानपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में बाजारों और अस्थायी मंडियों में रौनक बढ़ गई है। 28 मई को मनाए जाने वाले पर्व के मद्देनजर ईद का चांद दिखाई देने के बाद से बकरे समेत अन्य जानवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। यूपी के गागलहेड़ी जिला सहारनपुर की मंडी में भी बड़ी संख्या में खरीदारी शुरू हो गई है। व्यापारी अजीम कुरैशी, शफीक कुरैशी, सईद कुरैशी, नफीस, मेहरबान, साजिद, कल्लू पहलवान और इकबाल ने बताया कि इस बार कुर्बानी के जानवरों की कीमत पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। बाजार में राजस्थानी और देशी नस्ल के बकरों की ज्यादा मांग है। जानवरों की कीमत उनकी सुंदरता और वजन के आधार पर तय की जा रही है। बाजार में बकरे 15 हजार से 50 हजार रुपये तक बिक रहे हैं, जबकि भैंस आदि बड़े जानवरों की कीमत 50 हजार से एक लाख रुपये तक पहुंच गई है। व्यापारियों के अनुसार शरीयत में सात लोग मिलकर एक बड़े जानवर में हिस्सा ले सकते हैं, जिससे खर्च कम हो जाता है। वहीं अब लोग सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे किसानों से संपर्क कर उचित दाम पर जानवर खरीदने का प्रयास कर रहे हैं। मौलाना दानिश कासमी ने कहा कि कुर्बानी में दिखावा नहीं बल्कि इंसान की नीयत और इबादत अहम होती है। उन्होंने लोगों से अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार कुर्बानी करने की अपील की है।
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सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी हो रही खरीदारी
पिरान कलियर। ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार नजदीक आते ही कुर्बानी के जानवरों की खरीदारी अब पारंपरिक मंडियों के साथ सोशल मीडिया और ऑनलाइन कृषि प्लेटफॉर्म पर भी तेजी पकड़ने लगी है। पिरान कलियर, रुड़की, मंगलौर, भगवानपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में बाजारों और अस्थायी मंडियों में रौनक बढ़ गई है। 28 मई को मनाए जाने वाले पर्व के मद्देनजर ईद का चांद दिखाई देने के बाद से बकरे समेत अन्य जानवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। यूपी के गागलहेड़ी जिला सहारनपुर की मंडी में भी बड़ी संख्या में खरीदारी शुरू हो गई है। व्यापारी अजीम कुरैशी, शफीक कुरैशी, सईद कुरैशी, नफीस, मेहरबान, साजिद, कल्लू पहलवान और इकबाल ने बताया कि इस बार कुर्बानी के जानवरों की कीमत पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। बाजार में राजस्थानी और देशी नस्ल के बकरों की ज्यादा मांग है। जानवरों की कीमत उनकी सुंदरता और वजन के आधार पर तय की जा रही है। बाजार में बकरे 15 हजार से 50 हजार रुपये तक बिक रहे हैं, जबकि भैंस आदि बड़े जानवरों की कीमत 50 हजार से एक लाख रुपये तक पहुंच गई है। व्यापारियों के अनुसार शरीयत में सात लोग मिलकर एक बड़े जानवर में हिस्सा ले सकते हैं, जिससे खर्च कम हो जाता है। वहीं अब लोग सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे किसानों से संपर्क कर उचित दाम पर जानवर खरीदने का प्रयास कर रहे हैं। मौलाना दानिश कासमी ने कहा कि कुर्बानी में दिखावा नहीं बल्कि इंसान की नीयत और इबादत अहम होती है। उन्होंने लोगों से अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार कुर्बानी करने की अपील की है।