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पेट्रोल पंप कारोबारी ने दरोगा पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
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पेट्रोल पंप प्रकरण में कारोबारी ने सिविल लाइंस कोतवाली में तैनात एसएसआई पर उत्पीड़न और झूठा मुकदमा दर्ज करवाने का आरोप लगाया है।
रामनगर में प्रेसवार्ता के दौरान पेट्रोल पंप कारोबारी आनंद सेठ ने बताया कि 2014 में पंप कंपनी की ओर से एक विज्ञापन दिया गया था। इसमें मंगलौर लंढौरा रोड पर एक पंप अनुसूचित जाति की महिला के नाम पर आवंटित करने की बात कही थी। उस समय सिविल लाइंस कोतवाली में तैनात दरोगा केदार सिंह चौहान ने उनसे संपर्क कर पंप अपनी पत्नी के नाम लगवाने की बात कही।
केदार सिंह चौहान ने कहा था कि उनके पास पैसा नहीं है। इस पर उन्होंने पैसों का इंतजाम करने की बात कही और उनकी पत्नी के नाम से पंप लेने की सहमति बन गई। 2016 में पंप शुरू हो गया था और इस पंप में 10 प्रतिशत की पार्टनरशिप केदार सिंह चौहान की पत्नी के नाम हुई थी। उन्होंने बताया कि निर्मला चौहान के नाम से बैंक खाते खोले गए और बैंक की लिमिट भी उनके हस्ताक्षर पर ही हुई। 15 जून को केदार सिंह चौहान ने उन्हें कोतवाली बुलाकर पेट्रोल पंप छोड़ने की बात कही।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंप न छोड़ने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए 20 अगस्त को मंगलौर कोतवाली में झूठा केस दर्ज करवाया। साथ ही कहा कि केदार सिंह चौहान पद का दुरुपयोग करके जांच प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की। उधर, इस मामले में एसएसआई ने कुछ भी कहने से इनकार किया है।
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रामनगर में प्रेसवार्ता के दौरान पेट्रोल पंप कारोबारी आनंद सेठ ने बताया कि 2014 में पंप कंपनी की ओर से एक विज्ञापन दिया गया था। इसमें मंगलौर लंढौरा रोड पर एक पंप अनुसूचित जाति की महिला के नाम पर आवंटित करने की बात कही थी। उस समय सिविल लाइंस कोतवाली में तैनात दरोगा केदार सिंह चौहान ने उनसे संपर्क कर पंप अपनी पत्नी के नाम लगवाने की बात कही।
केदार सिंह चौहान ने कहा था कि उनके पास पैसा नहीं है। इस पर उन्होंने पैसों का इंतजाम करने की बात कही और उनकी पत्नी के नाम से पंप लेने की सहमति बन गई। 2016 में पंप शुरू हो गया था और इस पंप में 10 प्रतिशत की पार्टनरशिप केदार सिंह चौहान की पत्नी के नाम हुई थी। उन्होंने बताया कि निर्मला चौहान के नाम से बैंक खाते खोले गए और बैंक की लिमिट भी उनके हस्ताक्षर पर ही हुई। 15 जून को केदार सिंह चौहान ने उन्हें कोतवाली बुलाकर पेट्रोल पंप छोड़ने की बात कही।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पंप न छोड़ने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए 20 अगस्त को मंगलौर कोतवाली में झूठा केस दर्ज करवाया। साथ ही कहा कि केदार सिंह चौहान पद का दुरुपयोग करके जांच प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की। उधर, इस मामले में एसएसआई ने कुछ भी कहने से इनकार किया है।
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