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जल संस्थान के कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी दिया धरना
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रुड़की। जल संस्थान कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन मंगलवार को लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। संस्थान कार्यालय में अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे लोगों की शिकायतें दर्ज नहीं हो सकीं।
पश्चिमी अंबर तालाब के पार्षद चारु चंद्र स्थानीय निवासियों को लेकर शिकायत दर्ज कराने के लिए जल संस्थान कार्यालय में आए थे। लेकिन अधिकारी तहसील दिवस में व्यस्त थे और कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर थे। ऐसे में उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
वहीं, नेहरू नगर निवासी प्रमोद शर्मा के साथ भी ऐसा ही हुआ। आदर्शनगर निवासी प्रकाश चंद की पत्नी ने पेयजल कनेक्शन की शिकायत लेकर आई थीं, लेकिन वह भी बैरंग लौटीं। उन्होंने बताया कि बीती 20 दिसंबर को उन्होंने अपने घर में पेयजल कनेक्शन लगाने के लिए आवेदन किया था। इस दौरान एक व्यक्ति उनके पास आया और खुद को जल संस्थान का कर्मचारी बताकर छह हजार रुपये ले लिए। लेकिन जब उन्होंने कनेक्शन की रसीद मांगी तो 4090 की रसीद दी गई। उनके मामले पर कार्य बहिष्कार के चलते कुछ नहीं हो सका।
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इसलिए कार्य बहिष्कार कर रहे कर्मचारी
बीती 27 फरवरी को जल संस्थान के एसई डीके सिंह के कार्यालय से रुड़की कार्यालय में तैनात प्रधान सहायक राजपाल सिंह का तबादला लक्सर स्थित जल संस्थान कार्यालय और प्रधान सहायक अनिल शर्मा का तबादला मंगलौर सेंटर, मीटर रीडर अवनीश कुमार का तबादला हरिद्वार स्थित ईई कार्यालय में किया गया था। 29 फरवरी को चार्ज लेने के निर्देश दिए गए थे। कर्मचारियों ने तबादले को गलत बताया था और कार्य बहिष्कार, धरना शुरू कर दिया था। मंगलवार को धरना देने वालों में उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजकुमार, संजय शर्मा, नरेश कुमार, कुलदीप शर्मा, बिजेंद्र कुमार, तहसीन रजा, राजेंद्र कुमार, अवनीश कुमार, नारायण शुक्ला, राजेश कुमार, भूपेंद्र सिंह, राजाबाला, बालेश, रिहान, जय कुमार आदि मौजूद रहे।
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आज से नो वर्क, नो पे
जल संस्थान के कर्मचारियों के लगातार दूसरे दिन कार्य बहिष्कार करने के बाद मंगलवार देर शाम एसई डीके सिंह ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने बुधवार को कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार की स्थिति में जलकल अभियंता राजेश निर्वाल को उनकी अनुपस्थिति लगाए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इन कर्मचारियों पर बुधवार से नो वर्क नो पे वाला नियम लागू होगा। जलकल कल अभियंता राजेश निर्वाल ने निर्देशों की पुष्टि की।
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पश्चिमी अंबर तालाब के पार्षद चारु चंद्र स्थानीय निवासियों को लेकर शिकायत दर्ज कराने के लिए जल संस्थान कार्यालय में आए थे। लेकिन अधिकारी तहसील दिवस में व्यस्त थे और कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर थे। ऐसे में उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
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वहीं, नेहरू नगर निवासी प्रमोद शर्मा के साथ भी ऐसा ही हुआ। आदर्शनगर निवासी प्रकाश चंद की पत्नी ने पेयजल कनेक्शन की शिकायत लेकर आई थीं, लेकिन वह भी बैरंग लौटीं। उन्होंने बताया कि बीती 20 दिसंबर को उन्होंने अपने घर में पेयजल कनेक्शन लगाने के लिए आवेदन किया था। इस दौरान एक व्यक्ति उनके पास आया और खुद को जल संस्थान का कर्मचारी बताकर छह हजार रुपये ले लिए। लेकिन जब उन्होंने कनेक्शन की रसीद मांगी तो 4090 की रसीद दी गई। उनके मामले पर कार्य बहिष्कार के चलते कुछ नहीं हो सका।
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इसलिए कार्य बहिष्कार कर रहे कर्मचारी
बीती 27 फरवरी को जल संस्थान के एसई डीके सिंह के कार्यालय से रुड़की कार्यालय में तैनात प्रधान सहायक राजपाल सिंह का तबादला लक्सर स्थित जल संस्थान कार्यालय और प्रधान सहायक अनिल शर्मा का तबादला मंगलौर सेंटर, मीटर रीडर अवनीश कुमार का तबादला हरिद्वार स्थित ईई कार्यालय में किया गया था। 29 फरवरी को चार्ज लेने के निर्देश दिए गए थे। कर्मचारियों ने तबादले को गलत बताया था और कार्य बहिष्कार, धरना शुरू कर दिया था। मंगलवार को धरना देने वालों में उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजकुमार, संजय शर्मा, नरेश कुमार, कुलदीप शर्मा, बिजेंद्र कुमार, तहसीन रजा, राजेंद्र कुमार, अवनीश कुमार, नारायण शुक्ला, राजेश कुमार, भूपेंद्र सिंह, राजाबाला, बालेश, रिहान, जय कुमार आदि मौजूद रहे।
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आज से नो वर्क, नो पे
जल संस्थान के कर्मचारियों के लगातार दूसरे दिन कार्य बहिष्कार करने के बाद मंगलवार देर शाम एसई डीके सिंह ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने बुधवार को कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार की स्थिति में जलकल अभियंता राजेश निर्वाल को उनकी अनुपस्थिति लगाए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इन कर्मचारियों पर बुधवार से नो वर्क नो पे वाला नियम लागू होगा। जलकल कल अभियंता राजेश निर्वाल ने निर्देशों की पुष्टि की।