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भटकते रहे लोग, नहीं बन पाए लाइसेंस
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रुड़की हरिद्वार रोड स्थित एआरटीओ कार्यालय में उत्तराखंड परिवहन मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ की ह?
- फोटो : ROORKEE
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मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते एआरटीओ कार्यालय में फरियादी लाइसेंस बनवाने सहित अन्य काम के लिए भटकते रहे। शुरू में लोग दफ्तर में सन्नाटा देखकर कुछ समझ नहीं पाए। बाद में कार्यालय पर चस्पा नोटिस देखकर हड़ताल की जानकारी हुई। इसके बाद लाइसेंस बनवाने, चालान भुगतने और गाड़ी ट्रांसफर करवाने आए लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
बुधवार को मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते उन्होंने विभाग में कोई काम नहीं किया। एआरटीओ ऑफिस में लाइसेंस से लेकर गाड़ी ट्रांसफर करने और चालान भुगतने संबंधित सारे काम उनके माध्यम से ही होते हैं। कार्यालय में सुबह नौ बजे ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कक्षों की खिड़कियां नहीं खुलने पर लोगों ने मामले की जानकारी ली तो पता चला कि हड़ताल के चलते कामकाज ठप है। इस दौरान शेरपुर से आए आनंद कुमार और महेंद्र सिंह ने बताया कि करीब चार दिन पहले चेकिंग के दौरान उनकी गाड़ी सीज हो गई थी। अब दो दिन काम नहीं होने से गाड़ी ऐसे ही सीज रहेगी। ऐसे में उनको भारी दिक्कत उठानी पड़ेगी। मंगलौर निवासी साजिद और उस्मान भी चालान भुगतने पहुंचे।
उन्हें भी निराश होकर लौटना पड़ा। मोहित, दिलीप सिंह, प्रियांशी, शोभित, जबर सिंह, मेघा रावत, विशाखा आदि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए थे। यहां पहुंचकर उन्हें पता चला कि हड़ताल के चलते काम बंद है। उनका कहना था कि बड़ी मुश्किल से तो स्लॉट बुक हुआ था। स्लॉट बुक होने पर उन्होंने अवकाश लिया हुआ था। हड़ताल के चलते उनका अवकाश बेकार गया। अब उन्हें दोबारा अवकाश लेकर आना पड़ेगा। एआरटीओ ज्योति शंकर मिश्रा ने बताया कि मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की हड़ताल की जानकारी पहले ही गेट पर चस्पा करवा दी गई थी ताकि लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
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मांग पूरी न होने पर आंदोलन को करेंगे तेज
रुड़की। उत्तराखंड परिवहन मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के आहवान पर रुड़की एआरटीओ कार्यालय में तैनात कर्मचारियों ने दिनभर कार्यबहिष्कार रखा। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कम किए गए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पदों को बढ़ाने की मांग की। कहा कि यदि उनकी इस मांग को पूरा नहीं किया जाता तो आगे रणनीति बनाकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बुधवार को उत्तराखंड परिवहन मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ का एआरटीओ कार्यालय पर पूर्णकालिक कार्यबहिष्कार रहा। इस दौरान कार्यालय में तैनात सभी मिनिस्टीयिल कर्मचारियों ने कामकाज बंद रखकर कार्यबहिष्कार का समर्थन किया। संघ के प्रदेश संगठन मंत्री संजय तिवारी ने बताया कि परिवहन विभाग में पहले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के 27 पद स्वीकृत थे। करीब दो साल पहले शासनादेश जारी करते हुए त्रुटिवंश शासन ने ये पद घटाकर 14 कर दिए थे। इससे कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया बाधित हो रही है। बताया कि पहले चरण में कर्मचारियों ने काली फीती बांधकर काम किया। आंदोलन के दूसरे चरण में दो दिन दो घंटे तक कार्य बहिष्कार किया गया। अब बुधवार और बृहस्पतिवार को दो दिन का पूर्ण कार्यबहिष्कार तीसरे चरण के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद नहीं बढ़ाए गए तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के जिला उपाध्यक्ष ताजेंद्र रावत, शैलेंद्र सिंह बिष्ट, अमित कन्नौजिया, अजय, संजय, हितांशु चौहान आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते उन्होंने विभाग में कोई काम नहीं किया। एआरटीओ ऑफिस में लाइसेंस से लेकर गाड़ी ट्रांसफर करने और चालान भुगतने संबंधित सारे काम उनके माध्यम से ही होते हैं। कार्यालय में सुबह नौ बजे ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कक्षों की खिड़कियां नहीं खुलने पर लोगों ने मामले की जानकारी ली तो पता चला कि हड़ताल के चलते कामकाज ठप है। इस दौरान शेरपुर से आए आनंद कुमार और महेंद्र सिंह ने बताया कि करीब चार दिन पहले चेकिंग के दौरान उनकी गाड़ी सीज हो गई थी। अब दो दिन काम नहीं होने से गाड़ी ऐसे ही सीज रहेगी। ऐसे में उनको भारी दिक्कत उठानी पड़ेगी। मंगलौर निवासी साजिद और उस्मान भी चालान भुगतने पहुंचे।
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उन्हें भी निराश होकर लौटना पड़ा। मोहित, दिलीप सिंह, प्रियांशी, शोभित, जबर सिंह, मेघा रावत, विशाखा आदि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए थे। यहां पहुंचकर उन्हें पता चला कि हड़ताल के चलते काम बंद है। उनका कहना था कि बड़ी मुश्किल से तो स्लॉट बुक हुआ था। स्लॉट बुक होने पर उन्होंने अवकाश लिया हुआ था। हड़ताल के चलते उनका अवकाश बेकार गया। अब उन्हें दोबारा अवकाश लेकर आना पड़ेगा। एआरटीओ ज्योति शंकर मिश्रा ने बताया कि मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की हड़ताल की जानकारी पहले ही गेट पर चस्पा करवा दी गई थी ताकि लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
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मांग पूरी न होने पर आंदोलन को करेंगे तेज
रुड़की। उत्तराखंड परिवहन मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के आहवान पर रुड़की एआरटीओ कार्यालय में तैनात कर्मचारियों ने दिनभर कार्यबहिष्कार रखा। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कम किए गए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पदों को बढ़ाने की मांग की। कहा कि यदि उनकी इस मांग को पूरा नहीं किया जाता तो आगे रणनीति बनाकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बुधवार को उत्तराखंड परिवहन मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ का एआरटीओ कार्यालय पर पूर्णकालिक कार्यबहिष्कार रहा। इस दौरान कार्यालय में तैनात सभी मिनिस्टीयिल कर्मचारियों ने कामकाज बंद रखकर कार्यबहिष्कार का समर्थन किया। संघ के प्रदेश संगठन मंत्री संजय तिवारी ने बताया कि परिवहन विभाग में पहले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के 27 पद स्वीकृत थे। करीब दो साल पहले शासनादेश जारी करते हुए त्रुटिवंश शासन ने ये पद घटाकर 14 कर दिए थे। इससे कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया बाधित हो रही है। बताया कि पहले चरण में कर्मचारियों ने काली फीती बांधकर काम किया। आंदोलन के दूसरे चरण में दो दिन दो घंटे तक कार्य बहिष्कार किया गया। अब बुधवार और बृहस्पतिवार को दो दिन का पूर्ण कार्यबहिष्कार तीसरे चरण के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद नहीं बढ़ाए गए तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के जिला उपाध्यक्ष ताजेंद्र रावत, शैलेंद्र सिंह बिष्ट, अमित कन्नौजिया, अजय, संजय, हितांशु चौहान आदि मौजूद रहे।