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Roorkee News: अस्पताल पहुंच रही हर चौथी महिला एनीमिया की शिकार

Sat, 03 Oct 2026 05:53 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की Updated Sat, 03 Oct 2026 05:53 PM IST
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One in Four Women Visiting the Hospital Found to be Anemic
अस्पताल पहुंच रही हर चौथी महिला एनीमिया की शिकार
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गर्भवतियों में ज्यादा सामने आ रही खून की कमी, जांच में हो रही स्थिति स्पष्ट

कमजोरी, चक्कर और थकान के साथ पहुंच रहीं महिलाएं, आयरन-फोलिक एसिड की दी जा रही सलाह

चिकित्सक ने बताया गर्भावस्था में एनीमिया का असर बच्चे के विकास पर भी पड़ सकता है भारी

संवाद न्यूज एजेंसी

रुड़की। सिविल अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में उपचार के लिए पहुंच रही महिलाओं में खून की कमी यानी एनीमिया की समस्या सामने आ रही है। अस्पताल में आने वाली हर चौथी महिला एनीमिया से पीड़ित मिल रही है। इनमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ़ शैली ने बताया कि खानपान में आयरन और पोषक तत्वों की कमी, अनियमित भोजन, बार-बार गर्भधारण और शरीर में आयरन की पर्याप्त मात्रा न होना इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिविल अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना करीब 20 से अधिक महिलाओं में जांच के दौरान हीमोग्लोबिन सामान्य से कम पाया जा रहा है। ऐसी महिलाओं को चिकित्सक की ओर से आयरन और फोलिक एसिड की दवा लेने के साथ ही हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चना, तिल और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ भोजन में शामिल करने की सलाह दी गई है। डॉ़ शैली का कहना है कि यदि महिलाओं में लंबे समय तक एनीमिया रहता है तो, महिलाओं में कमजोरी, थकान, चक्कर, सांस फूलना और काम करने की क्षमता कम होने जैसी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।
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गर्भवती महिलाओं के लिए अधिक खतरा
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ़ शैली ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया को नजरअंदाज करना महिला और बच्चे दोनों के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। बताया कि शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने से गर्भस्थ शिशु तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण पहुंचने में दिक्कत हो सकती है। इससे बच्चे के शरीर और दिमाग दोनों के विकास पर असर पड़ सकता है। इसी के साथ ही जन्म के समय वजन कम होने और समय से पहले प्रसव का खतरा भी बढ़ सकता है और गंभीर स्थिति में प्रसव के दौरान महिला के लिए अधिक परेशानी खड़ी हो सकती है।
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महिलाएं समय पर अवश्य जांच कराएं
डॉ़ शैली ने बताया कि महिलाओं को समय-समय पर हीमोग्लोबिन की जांच अवश्य करानी चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही आयरन फोलिक एसिड की गोलियां लेनी चाहिए। वहीं गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से नियमित जांच करानी चाहिए, ताकि खून की कमी का समय पर पता लगने से उपचार शुरू हो सके।
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