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न कोई अनुमति दी और न ही कोई गतिविधि होने दी जाएगी: डीएम
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डाडा जलालपुर में महापंचायत के एलान के मद्देनजर डीएम विनय शंकर पांडेय और एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने प्रेसवार्ता कर बताया कि क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्देश जारी हुए हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की गतिविधि के लिए न तो कोई अनुमति दी गई है और न ही बिना अनुमति किसी प्रकार की गतिविधि की इजाजत दी जाएगी।
रुड़की तहसील में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डीएम विनय शंकर पांडेय ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे कई प्रकरणों की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता की ओर से रुड़की के डाडा जलालपुर के संबंध में जानकारी दी गई थी कि यहां महापंचायत में हेट स्पीच जैसी आशंकाएं हैं। इसका सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और निर्देश दिए कि पुलिस प्रशासन अपने हिसाब से इस मामले को देखे। डीएम ने बताया कि शांति व्यवस्था के मद्देनजर ही धारा 144 लागू की गई है। शांति व्यवस्था के मद्देनजर ही 25 लोगों को शांतिभंग की धाराओं में निरुद्ध किया गया है। इस दौरान डीएम ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से पहले से ही यह सख्त संदेश दिया गया था कि डाडा जलालपुर में माहौल बिगाड़ने वाली किसी गतिविधि को नहीं होने दिया जाएगा। इससे पहले भी हरिद्वार में हेट स्पीच के मामले में गिरफ्तारियां की गई हैं। वहीं एससपी डा. योगेंद्र सिंह रावत ने कहा कि डाडा जलालपुर की घटना में कार्रवाई भी हुई है और बारीकी से जांच भी चल रही है। यदि कोई जांच या कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है तो उसके खिलाफ जाने के कई तरीके हैं। इसके लिए उच्च स्तर पर अपनी बात रखी जा सकती है। इसके बाद भी संतुष्ट नहीं होने पर न्यायालय में बात रखी जा सकती है लेकिन किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
वीडियोग्राफी और ड्रोन से होगी निगेहबानी
एसएसपी डा. रावत ने बताया कि डाडा जलालपुर गांव में ड्रोन और वीडियोग्राफी से भी पूरे माहौल पर नजर रखी जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में 150 कांस्टेबल, 30 महिला कांस्टेबल, 65 सब इंस्पेक्टर और पांच डिप्टी एसपी की तैनाती की गई है। इसके अलावा पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात रहेगा।
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रुड़की तहसील में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डीएम विनय शंकर पांडेय ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे कई प्रकरणों की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता की ओर से रुड़की के डाडा जलालपुर के संबंध में जानकारी दी गई थी कि यहां महापंचायत में हेट स्पीच जैसी आशंकाएं हैं। इसका सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और निर्देश दिए कि पुलिस प्रशासन अपने हिसाब से इस मामले को देखे। डीएम ने बताया कि शांति व्यवस्था के मद्देनजर ही धारा 144 लागू की गई है। शांति व्यवस्था के मद्देनजर ही 25 लोगों को शांतिभंग की धाराओं में निरुद्ध किया गया है। इस दौरान डीएम ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से पहले से ही यह सख्त संदेश दिया गया था कि डाडा जलालपुर में माहौल बिगाड़ने वाली किसी गतिविधि को नहीं होने दिया जाएगा। इससे पहले भी हरिद्वार में हेट स्पीच के मामले में गिरफ्तारियां की गई हैं। वहीं एससपी डा. योगेंद्र सिंह रावत ने कहा कि डाडा जलालपुर की घटना में कार्रवाई भी हुई है और बारीकी से जांच भी चल रही है। यदि कोई जांच या कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है तो उसके खिलाफ जाने के कई तरीके हैं। इसके लिए उच्च स्तर पर अपनी बात रखी जा सकती है। इसके बाद भी संतुष्ट नहीं होने पर न्यायालय में बात रखी जा सकती है लेकिन किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
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वीडियोग्राफी और ड्रोन से होगी निगेहबानी
एसएसपी डा. रावत ने बताया कि डाडा जलालपुर गांव में ड्रोन और वीडियोग्राफी से भी पूरे माहौल पर नजर रखी जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में 150 कांस्टेबल, 30 महिला कांस्टेबल, 65 सब इंस्पेक्टर और पांच डिप्टी एसपी की तैनाती की गई है। इसके अलावा पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात रहेगा।
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