{"_id":"6a79b7f2739b9cdbdb0e5f63","slug":"newly-constructed-blood-bank-building-of-the-civil-hospital-mired-in-formalities-roorkee-news-c-5-1-drn1027-1038768-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: औपचारिकताओं में उलझा सिविल अस्पताल का नवनिर्मित ब्लड बैंक भवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: औपचारिकताओं में उलझा सिविल अस्पताल का नवनिर्मित ब्लड बैंक भवन
विज्ञापन
सिविल अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक के लिए तैयार किया गया नवनिर्मित भवन करीब डेढ़ साल से संचालन शुरू होने का इंतजार कर रहा है। भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण वर्तमान ब्लड बैंक को नए भवन में स्थानांतरित नहीं किया जा सका है।
बता दें कि ब्लड बैंक के लिए तैयार किए गए नए भवन का निर्माण करीब डेढ़ वर्ष पहले पूरा हो गया था। करोड़ों रुपये की लागत से बने नवनिर्मित ब्लड बैंक भवन की जांच रिपोर्ट में अनियमितता उजागर हुईं थीं। डीएम मयूर दीक्षित ने नवनिर्मित ब्लड बैंक भवन की गुणवत्ता की जांच कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने लोक निर्माण विभाग को नवनिर्मित भवन की गुणवत्ता की जांच सौंपी थी।
वहां लोक निर्माण विभाग की ओर से जांच रिपोर्ट तैयार कर जेएम को सौंप दी गई थी। रिपोर्ट में कई खामियां पाई गईं थीं लेकिन गुणवत्ता में अनियमितता कितने प्रतिशत पाई गई थी इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी। इसके बाद जेएम ओर से से ग्रामीण निर्माण विभाग को खामियां दूर करने के लिए निर्देशित किया गया था। ग्रामीण निर्माण विभाग ने रिपोर्ट तैयार कर सौंप दी थी।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ़ एके मिश्रा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की फाइनल रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण भवन के हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। नए भवन में ब्लड बैंक शुरू होने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। वर्तमान व्यवस्था में उपलब्ध स्थान और सुविधाओं के कारण कर्मचारियों को भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
बता दें कि ब्लड बैंक के लिए तैयार किए गए नए भवन का निर्माण करीब डेढ़ वर्ष पहले पूरा हो गया था। करोड़ों रुपये की लागत से बने नवनिर्मित ब्लड बैंक भवन की जांच रिपोर्ट में अनियमितता उजागर हुईं थीं। डीएम मयूर दीक्षित ने नवनिर्मित ब्लड बैंक भवन की गुणवत्ता की जांच कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने लोक निर्माण विभाग को नवनिर्मित भवन की गुणवत्ता की जांच सौंपी थी।
विज्ञापन
वहां लोक निर्माण विभाग की ओर से जांच रिपोर्ट तैयार कर जेएम को सौंप दी गई थी। रिपोर्ट में कई खामियां पाई गईं थीं लेकिन गुणवत्ता में अनियमितता कितने प्रतिशत पाई गई थी इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी। इसके बाद जेएम ओर से से ग्रामीण निर्माण विभाग को खामियां दूर करने के लिए निर्देशित किया गया था। ग्रामीण निर्माण विभाग ने रिपोर्ट तैयार कर सौंप दी थी।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ़ एके मिश्रा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की फाइनल रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण भवन के हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। नए भवन में ब्लड बैंक शुरू होने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। वर्तमान व्यवस्था में उपलब्ध स्थान और सुविधाओं के कारण कर्मचारियों को भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।