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प्रदेश सरकार से डायरेक्टर नामित कराने का विधायक का दांव पड़ा उलटा
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भाजपा के जिला संगठन को विश्वास में लिए बिना दो डायरेक्टरों को प्रदेश सरकार से नामित कराने का भाजपा विधायक का दांव उलटा पड़ गया। संगठन के भारी विरोध के कारण सरकार ने चार दिन पहले जारी किए गए आदेश आनन-फानन निरस्त कर दिए।
22 जुलाई को नगर विधायक प्रदीप बत्रा की सिफारिश पर गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग, उत्तराखंड शासन के सचिव विजय कुमार यादव की ओर से दो नामित डायरेक्टरों सोहन लाल निवासी शेरपुर और हरदीप सिंह निवासी रुड़की के लिए आदेश जारी किए गए। दोनों ही नामित डायरेक्टर विधायक के बेहद करीबी बताए जाते हैं। इनमें से एक ने पूर्व में व्यापार मंडल का चुनाव भी लड़ा था। इसमें विधायक भी उनके साथ रहे थे।
जैसे ही विधायक की सिफारिश पर डायरेक्टरों के नामित होने की जानकारी जिला संगठन को लगी तो उन्होंने इस पर प्रदेश संगठन में कड़ी आपत्ति जताई। सूत्रों का कहना है कि जिलाध्यक्ष बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश संगठन कार्यालय पहुंचे। संगठन की ओर से प्रदेश सरकार पर दबाव बनाया गया। इसके बाद हाथोंहाथ नामित डायरेक्टरों के आदेश को निरस्त कर दिया गया। इससे जहां विधायक को झटका लगा वहीं भाजपा में संगठन ने अपनी ताकत का अहसास कराया है।
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आखिर क्यों महत्वपूर्ण थे नामित डायरेक्टर
सहकारी गन्ना विकास समिति इकबालपुर में चुनाव की प्रक्रिया में अब तक डेलीगेट्स को चुना जा चुका है। अब ये डेलीगेट्स 31 जुलाई को डायरेक्टरों का चुनाव करेंगे। एक डायरेक्टर को चुनने के लिए करीब 40 डेलीगेट्स मतदान करेंगे। इसके तहत आठ डायरेक्टर चुने जाएंगे। ढंढेरी और मसाही में दो डायरेक्टर पहले ही निर्विरोध घोषित हो चुके हैं। दो डायरेक्टर प्रदेश सरकार की ओर से नामित किए जाने हैं। इस तरह दो नामित डायरेक्टरों को मिलाकर कुल 12 डायरेक्टर एक चेयरमैन को चुनेंगे। इसके चलते प्रदेश सरकार की ओर से नामित किए जाने वाले डायरेक्टरों की अहमियत इस चुनाव में काफी बढ़ जाती है।
विधायक किसी को नामित कराते हैं तो इसमें कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन उन्हें पहले संगठन के संज्ञान में लाना चाहिए था। इस बात को मजबूती के साथ प्रदेश संगठन के सामने रखा गया। प्रदेश संगठन ने भी मुझसे पूछा था कि क्या उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। इसके बाद प्रदेश संगठन ने भी इसे गंभीरता से लिया और फिर आदेश निरस्त करा दिए गए।
- डा. जयपाल सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा
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22 जुलाई को नगर विधायक प्रदीप बत्रा की सिफारिश पर गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग, उत्तराखंड शासन के सचिव विजय कुमार यादव की ओर से दो नामित डायरेक्टरों सोहन लाल निवासी शेरपुर और हरदीप सिंह निवासी रुड़की के लिए आदेश जारी किए गए। दोनों ही नामित डायरेक्टर विधायक के बेहद करीबी बताए जाते हैं। इनमें से एक ने पूर्व में व्यापार मंडल का चुनाव भी लड़ा था। इसमें विधायक भी उनके साथ रहे थे।
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जैसे ही विधायक की सिफारिश पर डायरेक्टरों के नामित होने की जानकारी जिला संगठन को लगी तो उन्होंने इस पर प्रदेश संगठन में कड़ी आपत्ति जताई। सूत्रों का कहना है कि जिलाध्यक्ष बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश संगठन कार्यालय पहुंचे। संगठन की ओर से प्रदेश सरकार पर दबाव बनाया गया। इसके बाद हाथोंहाथ नामित डायरेक्टरों के आदेश को निरस्त कर दिया गया। इससे जहां विधायक को झटका लगा वहीं भाजपा में संगठन ने अपनी ताकत का अहसास कराया है।
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आखिर क्यों महत्वपूर्ण थे नामित डायरेक्टर
सहकारी गन्ना विकास समिति इकबालपुर में चुनाव की प्रक्रिया में अब तक डेलीगेट्स को चुना जा चुका है। अब ये डेलीगेट्स 31 जुलाई को डायरेक्टरों का चुनाव करेंगे। एक डायरेक्टर को चुनने के लिए करीब 40 डेलीगेट्स मतदान करेंगे। इसके तहत आठ डायरेक्टर चुने जाएंगे। ढंढेरी और मसाही में दो डायरेक्टर पहले ही निर्विरोध घोषित हो चुके हैं। दो डायरेक्टर प्रदेश सरकार की ओर से नामित किए जाने हैं। इस तरह दो नामित डायरेक्टरों को मिलाकर कुल 12 डायरेक्टर एक चेयरमैन को चुनेंगे। इसके चलते प्रदेश सरकार की ओर से नामित किए जाने वाले डायरेक्टरों की अहमियत इस चुनाव में काफी बढ़ जाती है।
विधायक किसी को नामित कराते हैं तो इसमें कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन उन्हें पहले संगठन के संज्ञान में लाना चाहिए था। इस बात को मजबूती के साथ प्रदेश संगठन के सामने रखा गया। प्रदेश संगठन ने भी मुझसे पूछा था कि क्या उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। इसके बाद प्रदेश संगठन ने भी इसे गंभीरता से लिया और फिर आदेश निरस्त करा दिए गए।
- डा. जयपाल सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा