{"_id":"5d8e51018ebc3e93ca6f842d","slug":"meritorious-and-resourceless-children-will-get-free-coaching-roorkee-news-drn3210711185","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेधावी एवं साधन विहीन बच्चों को मिलेगी निशुल्क कोचिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेधावी एवं साधन विहीन बच्चों को मिलेगी निशुल्क कोचिंग
विज्ञापन
राजकीय विद्यालय में अध्ययनरत मेधावी एवं साधन विहीन छात्र-छात्राओं को अब शिक्षा विभाग मेडिकल और इंजीनियर की कोचिंग निशुल्क कराएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग का पुणे की स्वयंसेवी संस्था ‘दक्षिणा’ के साथ एमओयू फाइनल किया है। यह कोचिंग पुणे के आवासीय परिसर में दी जाएगी।
राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा उत्तराखंड आर मीनाक्षी सुंदरम ने मुख्य और माध्यमिक शिक्षा अधिकारी को जारी कर बताया कि शिक्षा विभाग ने पुणे की स्वयंसेवी संस्था दक्षिणा के साथ एमओयू किया है। इसमें संस्था विज्ञान वर्ग के मेधावी बच्चों को एक वर्ष तक निशुल्क मेडिकल और इंजीनियर की कोचिंग देगी। हालांकि इसके लिए छात्र-छात्राओं को चयन परीक्षा व साक्षात्कार से गुजरना होगा। इसके बाद ही छात्र-छात्राओं को निशुल्क कोचिंग के लिए मौका मिल सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कोचिंग के दौरान यदि बच्चों में प्रगति नहीं होती है तो उन्हें वापस भेज दिया जाएगा।
क्या है पात्रता के सीमाएं
1. निशुल्क कोचिंग कक्षा बारह के विज्ञान वर्ग की अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए है।
2. पात्र छात्र सत्र 2019-20 में किसी भी राजकीय विद्यालय में कक्षा बारह के विज्ञान वर्ग में अध्ययनरत हो।
3. छात्र-छात्राओं का चयन, चयन परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा।
4. छात्र-छात्रा के अभिभावक की वार्षिक आय 1.80 लाख से अधिक न हो।
5. चयन परीक्षा में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित एवं जीव विज्ञान और रीजनिंग प्रत्येक भाग में 25-25 कुल 100 प्रश्न होंगे।
6. छात्र-छात्राओं के कक्षा दस में 70 प्रतिशत या फिर 7जीपीए आवश्यक प्राप्त हो।
विज्ञापन
राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा उत्तराखंड आर मीनाक्षी सुंदरम ने मुख्य और माध्यमिक शिक्षा अधिकारी को जारी कर बताया कि शिक्षा विभाग ने पुणे की स्वयंसेवी संस्था दक्षिणा के साथ एमओयू किया है। इसमें संस्था विज्ञान वर्ग के मेधावी बच्चों को एक वर्ष तक निशुल्क मेडिकल और इंजीनियर की कोचिंग देगी। हालांकि इसके लिए छात्र-छात्राओं को चयन परीक्षा व साक्षात्कार से गुजरना होगा। इसके बाद ही छात्र-छात्राओं को निशुल्क कोचिंग के लिए मौका मिल सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कोचिंग के दौरान यदि बच्चों में प्रगति नहीं होती है तो उन्हें वापस भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन
क्या है पात्रता के सीमाएं
1. निशुल्क कोचिंग कक्षा बारह के विज्ञान वर्ग की अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए है।
2. पात्र छात्र सत्र 2019-20 में किसी भी राजकीय विद्यालय में कक्षा बारह के विज्ञान वर्ग में अध्ययनरत हो।
3. छात्र-छात्राओं का चयन, चयन परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा।
4. छात्र-छात्रा के अभिभावक की वार्षिक आय 1.80 लाख से अधिक न हो।
5. चयन परीक्षा में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित एवं जीव विज्ञान और रीजनिंग प्रत्येक भाग में 25-25 कुल 100 प्रश्न होंगे।
6. छात्र-छात्राओं के कक्षा दस में 70 प्रतिशत या फिर 7जीपीए आवश्यक प्राप्त हो।