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एमडी ने फर्जी एफडीआर दर्शाकर पच्चीस लाख हड़पे
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मंगलौर। किसान सेवा सहकारी समिति के एमडी ने 25 लाख रुपये के फर्जी एफडीआर बनाकर रकम हड़प ली। छानबीन के दौरान सहकारी समिति में एफडीआर की रकम जमा नहीं होने पर युवक ने कोर्ट के आदेश पर किसान सेवा सहकारी समिति के एमडी के खिलाफ धोखाधड़ी से रकम हड़पने का मामला दर्ज कराया है।
जानकारी के अनुसार, अनुज कुमार निवासी लिब्बरहेड़ी ने बताया कि उन्होंने दादा ब्रह्म सिंह के सेवानिवृत्त होने पर उनकी जमा पूंजी किसान सेवा सहकारी समिति से अटैच मंगलौर के सहकारी मिनी बैंक में जमा कराई थी। आरोप है कि समिति के एमडी सोमपाल सिंह ने धनराशि की एफडीआर करने की बात कहकर उन्हें फर्जी तरीके से एफडीआर के प्रपत्र तैयार कर दे दिए गए थे। कुछ दिन बाद उनहें कुछ रकम की आवश्यकता हुई तो उन्होंने एफडीआर को तोड़ने का इरादा किया। इसके बाद सहकारी समिति के मिनी बैंक में अपनी रकम की बाबत जानकारी ली गई, जहां पर पता चला कि सहकारी समिति या मिनी सहकारी बैंक में उनकी कोई रकम जमा नहीं है। उन्होंने एफडीआर की रसीद दिखाई तो पता चला कि फर्जी तरीके से एफडीआर दर्शाई गई है, जबकि उनके खाते में कोई रकम जमा नहीं है। इस बीच उनके दादा की मौत हो गई। इसके बाद वह नॉमिनी बन गए। इस बीच समिति के एमडी ने कुछ समय में रकम लौटाने का वादा किया, लेकिन रकम को वापस नहीं किया। आरोप है कि मामले में पुलिस को तहरीर दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट ने केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि समिति के एमडी सोमपाल सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है।
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जानकारी के अनुसार, अनुज कुमार निवासी लिब्बरहेड़ी ने बताया कि उन्होंने दादा ब्रह्म सिंह के सेवानिवृत्त होने पर उनकी जमा पूंजी किसान सेवा सहकारी समिति से अटैच मंगलौर के सहकारी मिनी बैंक में जमा कराई थी। आरोप है कि समिति के एमडी सोमपाल सिंह ने धनराशि की एफडीआर करने की बात कहकर उन्हें फर्जी तरीके से एफडीआर के प्रपत्र तैयार कर दे दिए गए थे। कुछ दिन बाद उनहें कुछ रकम की आवश्यकता हुई तो उन्होंने एफडीआर को तोड़ने का इरादा किया। इसके बाद सहकारी समिति के मिनी बैंक में अपनी रकम की बाबत जानकारी ली गई, जहां पर पता चला कि सहकारी समिति या मिनी सहकारी बैंक में उनकी कोई रकम जमा नहीं है। उन्होंने एफडीआर की रसीद दिखाई तो पता चला कि फर्जी तरीके से एफडीआर दर्शाई गई है, जबकि उनके खाते में कोई रकम जमा नहीं है। इस बीच उनके दादा की मौत हो गई। इसके बाद वह नॉमिनी बन गए। इस बीच समिति के एमडी ने कुछ समय में रकम लौटाने का वादा किया, लेकिन रकम को वापस नहीं किया। आरोप है कि मामले में पुलिस को तहरीर दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट ने केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि समिति के एमडी सोमपाल सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है।
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