फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   'Land law in Uttarakhand should be implemented on the lines of Himachal'

हिमाचल की तर्ज पर हो राज्य में भू कानून

Fri, 06 Aug 2021 11:43 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 06 Aug 2021 11:43 PM IST
विज्ञापन
'Land law in Uttarakhand should be implemented on the lines of Himachal'
रुड़की। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को भू कानून और अन्य मांगों को लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में भी हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर भू कानून लागू होना चहिए।
विज्ञापन

समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला ने कहा कि यदि उत्तराखंड को बचाना है तो हिमाचल प्रदेश की तरह भू कानून लाना होगा। इसके साथ ही आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण, राज्य आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण, एक समान पेंशन, समूह ग तक की सेवाओं में केवल उत्तराखंड के निवासियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति, उद्योगों में स्थानीय बेरोजगारों को 80 प्रतिशत रोजगार, राज्य आंदोलनकारियों को राज्य सेनानी सम्मान, आश्रितों को पेंशन, राज्य आंदोलनकारियों के निधन पर राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन मांगों के लिए सभी को एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी। इसके लिए आठ अगस्त को उत्तराखंड के सभी राज्य आंदोलनकारी संगठन देहरादून कूच करेंगे। मौके पर जितेंद्र, भगत सिंह रौथान, राजेंद्र सिंह, प्रेम दत्त गोदियाल, प्रकाश चंद्र ध्यानी, पंकज सिंघल, कविता रावत, पर्वती रावत, उमा नेगी, प्रभा मंजुला, जागृति रौतेला, रामेश्वरी, जसोदा बलूनी, सुबोधा पुंडीर, प्रभा नौटियाल, जीवानंद बुड़ाकोटी, प्रेम सिंह रावत, संजय पाल, विमला देवी, भुवनेश्वरी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed