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केएल पालीटेक्निक को मान्यता, पर घटी सीटें
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केएल पॉलिटेक्निक रुड़की को आखिरकार ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुेशन (एआईसीटीई) की ओर से मान्यता प्रदान कर दी गई है। अब दो अगस्त से पांच अगस्त के बीच शुरू होने वाली दूसरे चरण की काउंसिलिंग के तहत छात्रों को प्रवेश मिल सकेगा। हालांकि, शिक्षकों की कमी के कारण एआईसीटीई ने संस्थान में सीटें आधी से कम कर दी हैं।
केएल पॉलिटेक्निक में शिक्षकों की कमी के चलते इस बार एआईसीटीई ने मान्यता नहीं दी थी। लिहाजा उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित प्रथम चरण की काउंसिलिंग में संस्थान को शामिल नहीं किया गया था। संस्थान की ओर से मान्यता के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर संस्थान प्रशासन ने एआईसीटीई से मान्यता जारी करने का अनुरोध किया था। संस्थान के प्रधानाचार्य अजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि एआईसीटीई ने मान्यता प्रदान कर दी है। दूसरे चरण की काउंसिंलिंग के लिए परिषद को पत्र लिखा गया है। दो अगस्त से पांच अगस्त तक होने वाली काउंसिलिंग में प्रवेश शुरू किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले संस्थान में पीजीडीसी कोर्स को छोड़कर चार ब्रांच में 280 सीटें थी। इनमें सेकेंड शिफ्ट की 100 सीटें भी शामिल थीं। शिक्षकों की कमी के चलते पीजीडीसीए में दस सीटें रह गई हैं जबकि इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक्स, मेकेनिकल और सिविल ब्रांच में 125 सीटें रह गई है।
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केएल पॉलिटेक्निक में शिक्षकों की कमी के चलते इस बार एआईसीटीई ने मान्यता नहीं दी थी। लिहाजा उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित प्रथम चरण की काउंसिलिंग में संस्थान को शामिल नहीं किया गया था। संस्थान की ओर से मान्यता के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर संस्थान प्रशासन ने एआईसीटीई से मान्यता जारी करने का अनुरोध किया था। संस्थान के प्रधानाचार्य अजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि एआईसीटीई ने मान्यता प्रदान कर दी है। दूसरे चरण की काउंसिंलिंग के लिए परिषद को पत्र लिखा गया है। दो अगस्त से पांच अगस्त तक होने वाली काउंसिलिंग में प्रवेश शुरू किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले संस्थान में पीजीडीसी कोर्स को छोड़कर चार ब्रांच में 280 सीटें थी। इनमें सेकेंड शिफ्ट की 100 सीटें भी शामिल थीं। शिक्षकों की कमी के चलते पीजीडीसीए में दस सीटें रह गई हैं जबकि इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक्स, मेकेनिकल और सिविल ब्रांच में 125 सीटें रह गई है।
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