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झुग्गी झोपड़ियों पर गरजीं यूपी सिंचाई विभाग की जेसीबी
अमर उजाला ब्यूरो कलियर
Updated Wed, 29 Mar 2017 10:42 PM IST
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यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर लगभग डेढ़ दशक से काबिज झुग्गी झोपड़ी वालों के खिलाफ बुधवार को अभियान चलाया गया। इस दौरान यूपी सिंचाई विभाग ने स्थानीय पुलिस प्रशासन के सहयोग से सौ से अधिक झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया। आशियाने उजड़ते देख पीड़ितों ने इसका जमकर विरोध भी किया, लेकिन उनकी आंखों के सामने ही उसे ध्वस्त कर दिया गया। यूपी सिंचाई विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से सीमित क्षेत्र में की गई कार्रवाई पर पीड़ित और अन्य लोगों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि अभी सैकड़ों की संख्या में खोखे, झोपड़ियां और पक्के निर्माण हैं, लेकिन एक मदरसा संचालक के प्रभाव में आकर सीमित क्षेत्र में ही कार्रवाई की गई है।
यूपी सिंचाई विभाग की टीम बुधवार की सुबह करीब 11 बजे स्थानीय पुलिस-प्रशासन के साथ कलियर दरगाह क्षेत्र में पहुंची। यहां एक मदरसे के बाहर बनी दर्जनों झोपड़ियों को एक के बाद एक ध्वस्त कर दिया। इस दौरान आशियाना बचाने के लिए पीड़ितों ने हर संभव प्रयास किया। कार्रवाई करने गई टीम से मिन्नतें करने के साथ ही पुलिस प्रशासन से भी नोकझोंक हुई, लेकिन जेसीबी गरजती रही। जोरशोर से शुरू हुई कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा। कुछ लोगों ने आनन-फानन में कार्रवाई से पहले अपना घरेलू सामान निकालने का प्रयास किया, लेकिन वो भी पूरी तरह सफल नहीं हो पाए। पीड़ितों की ओर से एक घंटे की मोहलत मांगी गई, लेकिन टीम ने इससे इंकार कर दिया। इस दौरान पीड़ितों ने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी भी की। उनका कहना था कि जिन्होंने अतिक्रमण कर पक्के खोखे और आवास बना रखे हैं उनको संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि गरीबों की झोपड़ियां उजाड़ी जा रही हैं। लोगों का कहना था कि कलियर में हुई कार्रवाई झोपड़ियंों के पीछे स्थित मदरसा साबरी बरकाते रजा सहित अन्य शिकायतों पर हुईं। कारण कि मदरसे के आगे झोपड़ियों से गंदगी फैल रही थी। मदरसा संचालक ने भी शिकायत की पुष्टि करते हुए झोपड़ियों पर सवाल उठाए। साथ ही दरगाह परिसर को साफ-सुथरा और स्वच्छ रखने की अपील की। कार्रवाई टीम में शामिल यूपी सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अवधेश कुमार शर्मा का कहना है कि बिना किसी भेदभाव के सिंचाई विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस प्रशासन का सहयोग लेकर शेष बचे अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।
जब आग लगने से मचा हड़कंप
अतिक्रमण के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान ही बचाव का कोई उपाय नहीं सूझता देख एक दो लोगों ने अपनी झोपड़ियों में ही आग लगा दी। इससे मौके पर हड़कंप मच गया। बाद में जेसीबी की मदद से तत्काल आग पर काबू किया गया।
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सिर छुपाने के लिए जगह की मांग
यूपी सिंचाई विभाग की कार्रवाई के दौरान बेघर हुए लोगों ने प्रशासन से आशियाना उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले एक दशक से भी अधिक समय से वो कलियर में झोपड़ी डालकर रह रहे थे और बमुश्किल गुजारा कर रहे थे, लेकिन अब आशियाना उजड़ने से उनके सामने सिर छुपाने का संकट खड़ा हो गया है।
आखिर कैसे बने राशन कार्ड और लग गए बिजली मीटर!
यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई झुग्गी झोपड़ियों में न सिर्फ एक दशक से भी अधिक समय से लोग रह रहे थे, बल्कि उनके राशन कार्ड और पहचानपत्र के साथ ही बिजली के मीटर भी लगे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि ऊर्जा निगम और प्रशासन की ओर से अवैध रूप से बसी बस्ती पर कैसे बिजली कनेक्शन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
कलियर रुड़की रोड पर बसी झोपडिय़ों में बिहार उत्तर प्रदेश के लोग कई वर्षों से रहते हैं। इसमें रहने वाले लोग मजदूरी और भीख मांगकर अपना गुजर बसर करते हैं। इसके बावजूद इनके इसी पते पर बिजली कनेक्शन, राशन कार्ड और पहचान पत्र बना दिए गए हैं। इससे सरकारी व्यवस्था और कार्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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यूपी सिंचाई विभाग की टीम बुधवार की सुबह करीब 11 बजे स्थानीय पुलिस-प्रशासन के साथ कलियर दरगाह क्षेत्र में पहुंची। यहां एक मदरसे के बाहर बनी दर्जनों झोपड़ियों को एक के बाद एक ध्वस्त कर दिया। इस दौरान आशियाना बचाने के लिए पीड़ितों ने हर संभव प्रयास किया। कार्रवाई करने गई टीम से मिन्नतें करने के साथ ही पुलिस प्रशासन से भी नोकझोंक हुई, लेकिन जेसीबी गरजती रही। जोरशोर से शुरू हुई कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा। कुछ लोगों ने आनन-फानन में कार्रवाई से पहले अपना घरेलू सामान निकालने का प्रयास किया, लेकिन वो भी पूरी तरह सफल नहीं हो पाए। पीड़ितों की ओर से एक घंटे की मोहलत मांगी गई, लेकिन टीम ने इससे इंकार कर दिया। इस दौरान पीड़ितों ने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी भी की। उनका कहना था कि जिन्होंने अतिक्रमण कर पक्के खोखे और आवास बना रखे हैं उनको संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि गरीबों की झोपड़ियां उजाड़ी जा रही हैं। लोगों का कहना था कि कलियर में हुई कार्रवाई झोपड़ियंों के पीछे स्थित मदरसा साबरी बरकाते रजा सहित अन्य शिकायतों पर हुईं। कारण कि मदरसे के आगे झोपड़ियों से गंदगी फैल रही थी। मदरसा संचालक ने भी शिकायत की पुष्टि करते हुए झोपड़ियों पर सवाल उठाए। साथ ही दरगाह परिसर को साफ-सुथरा और स्वच्छ रखने की अपील की। कार्रवाई टीम में शामिल यूपी सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अवधेश कुमार शर्मा का कहना है कि बिना किसी भेदभाव के सिंचाई विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस प्रशासन का सहयोग लेकर शेष बचे अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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जब आग लगने से मचा हड़कंप
अतिक्रमण के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान ही बचाव का कोई उपाय नहीं सूझता देख एक दो लोगों ने अपनी झोपड़ियों में ही आग लगा दी। इससे मौके पर हड़कंप मच गया। बाद में जेसीबी की मदद से तत्काल आग पर काबू किया गया।
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सिर छुपाने के लिए जगह की मांग
यूपी सिंचाई विभाग की कार्रवाई के दौरान बेघर हुए लोगों ने प्रशासन से आशियाना उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले एक दशक से भी अधिक समय से वो कलियर में झोपड़ी डालकर रह रहे थे और बमुश्किल गुजारा कर रहे थे, लेकिन अब आशियाना उजड़ने से उनके सामने सिर छुपाने का संकट खड़ा हो गया है।
आखिर कैसे बने राशन कार्ड और लग गए बिजली मीटर!
यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई झुग्गी झोपड़ियों में न सिर्फ एक दशक से भी अधिक समय से लोग रह रहे थे, बल्कि उनके राशन कार्ड और पहचानपत्र के साथ ही बिजली के मीटर भी लगे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि ऊर्जा निगम और प्रशासन की ओर से अवैध रूप से बसी बस्ती पर कैसे बिजली कनेक्शन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
कलियर रुड़की रोड पर बसी झोपडिय़ों में बिहार उत्तर प्रदेश के लोग कई वर्षों से रहते हैं। इसमें रहने वाले लोग मजदूरी और भीख मांगकर अपना गुजर बसर करते हैं। इसके बावजूद इनके इसी पते पर बिजली कनेक्शन, राशन कार्ड और पहचान पत्र बना दिए गए हैं। इससे सरकारी व्यवस्था और कार्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।