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Roorkee News: किसानों को गन्ने की पोका बोइंग रोग की जानकारी दी
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फोटो समाचार
भगवानपुर। क्षेत्र के गांवों के किसानों की गन्ने की फसल में पोका बोइंग रोग से बचाव और रोकथाम के लिए केंद्र कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निर्देशन में केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र देहरादून से आई कृषि विशेषज्ञों की टीम ने निरीक्षण किया।
रविवार को टीम ने भगवानपुर क्षेत्र के ग्राम कलाहटी हकीमपुर तुर्रा, अकबरपुर कालसो, हाल्लुमजरा, हबीबपुर निवादा आदि गांवों में पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान विशेषज्ञ टीम के वनस्पति संरक्षण अधिकारी, कृष्ण कुमार तिवारी व सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी दिव्या भट्ट ने गन्ने की फसलों का निरीक्षण करने के दौरान किसान धर्मपाल, ऋषिपाल, सागर चौहान, राजकुमार, शोभाराम, दीपक कुमार, मलखान आदि को गन्ने की फसल में लगने वाले रोगों की जानकारी दी। कहा कि गन्ने की बुआई के लिए हमेशा स्वस्थ गन्ने की पोरी का बीज बनाकर खेत में उपयोग करें। बुवाई से पहले स्यूडोमोनास या ट्राइकोडर्मा के साथ गन्ने की पोरी बीज का उपचार करें। गन्ने के खेत में पोका बोइंग रोग के संक्रमण का और अधिक प्रसार को रोकने के लिए वे संक्रमित पौधे को हटा दें।
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भगवानपुर। क्षेत्र के गांवों के किसानों की गन्ने की फसल में पोका बोइंग रोग से बचाव और रोकथाम के लिए केंद्र कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निर्देशन में केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र देहरादून से आई कृषि विशेषज्ञों की टीम ने निरीक्षण किया।
रविवार को टीम ने भगवानपुर क्षेत्र के ग्राम कलाहटी हकीमपुर तुर्रा, अकबरपुर कालसो, हाल्लुमजरा, हबीबपुर निवादा आदि गांवों में पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान विशेषज्ञ टीम के वनस्पति संरक्षण अधिकारी, कृष्ण कुमार तिवारी व सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी दिव्या भट्ट ने गन्ने की फसलों का निरीक्षण करने के दौरान किसान धर्मपाल, ऋषिपाल, सागर चौहान, राजकुमार, शोभाराम, दीपक कुमार, मलखान आदि को गन्ने की फसल में लगने वाले रोगों की जानकारी दी। कहा कि गन्ने की बुआई के लिए हमेशा स्वस्थ गन्ने की पोरी का बीज बनाकर खेत में उपयोग करें। बुवाई से पहले स्यूडोमोनास या ट्राइकोडर्मा के साथ गन्ने की पोरी बीज का उपचार करें। गन्ने के खेत में पोका बोइंग रोग के संक्रमण का और अधिक प्रसार को रोकने के लिए वे संक्रमित पौधे को हटा दें।
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