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Roorkee News: लंढौरा में बढ़े निमोनिया के मरीज
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बदलते मौसम के साथ कस्बा क्षेत्र में निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। करीब चार दिनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लंढौरा में रोजाना पांच से छह मरीज निमोनिया के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चिकित्सक लोगों को सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम में बदलाव के कारण लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। खांसी, बुखार और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। सीएचसी प्रभारी डॉ. शहजाद अली ने बताया कि इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और छाती में दर्द होना शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि लंबे समय तक बुखार रहने या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने लोगों को बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। साथ ही ठंड से बचाव करने, साफ-सफाई का ध्यान रखने और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन नहीं करने की अपील की। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर जांच और उचित उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद मिल सकती है।
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मौसम में बदलाव के कारण लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। खांसी, बुखार और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। सीएचसी प्रभारी डॉ. शहजाद अली ने बताया कि इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और छाती में दर्द होना शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि लंबे समय तक बुखार रहने या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने लोगों को बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। साथ ही ठंड से बचाव करने, साफ-सफाई का ध्यान रखने और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन नहीं करने की अपील की। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर जांच और उचित उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद मिल सकती है।
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