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अफसरों की हीलाहवाली कांवड़ियों पर भारी
ब्यूरो/अमर उजाला रुड़की
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:50 PM IST
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भगवानपुर। इमलीखेड़ा-भगवानपुर मार्ग पर मंगलवार को कांवड़ियों के दो बच्चे अपने मां-बाप से बिछुड़ गए। रोते-बिलखते बच्चों को भगवानपुर पुलिस ने थाने मेें ले जाकर बैठा दिया है। उसके बाद पुलिस पंचकूला निवासी परिजनों से संपर्क के प्रयास में जुटी है।
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मंगलवार को धनौरी-इमलीखेड़ा-भगवानपुर मार्ग पर कांवड़ियों की इतनी भीड़ थी कि स्थानीय लोगों को निकलना तक मुश्किल हो रहा था। इस भीड़ में युवा, वृद्ध, महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इमलीखेड़ा-भगवानपुर के बीच मंगलवार को कांवड़ियों के भेष में 11 और 12 साल के दो बच्चे रोते बिलखते हुए घूमते नजर आए। किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चों को सांत्वना देकर अपने पास बैठाया और उनके नाम-पते और मां-बाप के संबंध में जानकारी ली। पुलिस के अनुसार एक बच्चे ने अपना नाम कुलदीप (पुत्र राजेंद्र, उम्र 11 वर्ष, निवासी चंडीगढ़ मदनपुर, पंचकूला, सेक्टर 26) बताया। दूसरे बच्चे ने अपना नाम अर्जुन (पुत्र रामदास, उम्र 12 वर्ष, निवासी चंडीगढ़ मदनपुर, पंचकूला, सेक्टर 26) बताया। बच्चों ने बताया कि वह अपने परिजनों के साथ कांवड़ लेने हरिद्वार गए थे। लेकिन वापसी में वे बिछड़ गए हैं। उसके बाद भगवानपुर पुलिस ने जिले के सभी थानों-चौकियों में बच्चों की जानकारी दी।
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