{"_id":"61cdc6a7c152a66e204bbfc8","slug":"heavy-jam-police-absent-public-upset-roorkee-news-drn4002644141","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुल पर भीषण जाम, पुलिस गायब, जनता परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुल पर भीषण जाम, पुलिस गायब, जनता परेशान
विज्ञापन
रुड़की में नए पुल पर लगा जाम।
- फोटो : ROORKEE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनता को रोजाना शहर में लगने वाले जाम का दंश झेलना पड़ रहा है। जरूरी काम से जाने वाले लोगों को घंटों जाम में फंसकर देरी से पहुंचना पड़ता है। बावजूद इसके पुलिस की ओर से जाम से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी जाम लगने से जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।
शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए कई पुलिस कप्तानों ने रुड़की में जनता से सुझाव मांगे। साथ ही सुझावों पर अमल के तमाम दावे भी किए, लेकिन ये दावे आज तक धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। हालात ये हैं जिले में यातायात व्यवस्था की सूरत बदलने के दावे करने वाले पुलिस कप्तान तो बदल गए, लेकिन जाम के हालत जस के तस हैं। शहर में मेन बाजार, गंगनहर पटरी, नगर निगम पुल, फल मंडी के पास नए पुल और चंद्रशेखर चौके पास नए पुल, सिविल लाइंस बाजार, बीटी गंज में आए दिन जाम का दंश जनता को झेलना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को एक बार फिर फल मंडी के पास नए पुल पर जाम लग गया।
पुल के बीच और दोनों तरफ सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में स्कूली बस से लेकर कार और बाइक तक फंसे रहे। यहां तक की पैदल चलने वालों को भी रास्ता नहीं मिल पाया। वह भी जाम से निकलने के लिए जगह तलाशते नजर आए। करीब आधा घंटे तक पुल पर जाम लगा रहा, लेकिन इस बीच ट्रैफिक, सीपीयू और सिविल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने जहमत तक नहीं उठाई। ऐसे में जाम में फंसे लोगों को विवश होकर खुद ही सड़क पर उतरना पड़ा। करीब 15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने जाम खुलवाया। इसके बाद पुल से यातायात शुरू हो पाया और लोगों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
इन कारणों से लग रहा जाम
- तिराहे और चौराहे पर ही वाहनों की पार्किंग
- सिविल लाइंस, मेन बाजार और बीटी गंज में अतिक्रमण
- ट्रैफिक पुलिस की तैनाती न होने के कारण
- सड़क किनारे स्थित दुकानों के बाहर खड़े वाहन
- सड़क किनारे लगने वाली रेहड़ी और ठेलियां
- दुकानों के बाहर गलत तरीके से वाहन पार्किंग
- गंगनहर पटरी से गुजरने वाले बड़े वाहन
- चौराहों और पुलों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती न होना
हाईवे पर जोर, शहर की अनदेखी
ट्रैफिक, सिविल पुलिस और सीपीयू का जोर हाईवे पर ही रहता है, लेकिन अंदर शहर की अनदेखी की जाती है। जबकि बाईपास बनने के बाद शहर से गुजरने वाले हाईवे पर यातायात का दबाव न के बराबर रह गया है। पर, शहर के अंदर यातायात का दबाव बढ़ गया है। बावजूद इसके पुलिस हाईवे पर ड्यूटी करने का मोह नहीं छोड़ रही है। इससे शहर के अंदर जाम से हालात रोजाना बिगड़ते जा रहे हैं।
शहर के अंदर यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ड्यूटी प्वाइंट चिह्नित किए जाएंगे। साथ ही अतिक्रमण को लेकर प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों से वार्ता कर अभियान चलाया जाएगा।
-प्रमेंद्र डोबाल, एसपी देहात
विज्ञापन
शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए कई पुलिस कप्तानों ने रुड़की में जनता से सुझाव मांगे। साथ ही सुझावों पर अमल के तमाम दावे भी किए, लेकिन ये दावे आज तक धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। हालात ये हैं जिले में यातायात व्यवस्था की सूरत बदलने के दावे करने वाले पुलिस कप्तान तो बदल गए, लेकिन जाम के हालत जस के तस हैं। शहर में मेन बाजार, गंगनहर पटरी, नगर निगम पुल, फल मंडी के पास नए पुल और चंद्रशेखर चौके पास नए पुल, सिविल लाइंस बाजार, बीटी गंज में आए दिन जाम का दंश जनता को झेलना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को एक बार फिर फल मंडी के पास नए पुल पर जाम लग गया।
विज्ञापन
पुल के बीच और दोनों तरफ सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में स्कूली बस से लेकर कार और बाइक तक फंसे रहे। यहां तक की पैदल चलने वालों को भी रास्ता नहीं मिल पाया। वह भी जाम से निकलने के लिए जगह तलाशते नजर आए। करीब आधा घंटे तक पुल पर जाम लगा रहा, लेकिन इस बीच ट्रैफिक, सीपीयू और सिविल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने जहमत तक नहीं उठाई। ऐसे में जाम में फंसे लोगों को विवश होकर खुद ही सड़क पर उतरना पड़ा। करीब 15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने जाम खुलवाया। इसके बाद पुल से यातायात शुरू हो पाया और लोगों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
इन कारणों से लग रहा जाम
- तिराहे और चौराहे पर ही वाहनों की पार्किंग
- सिविल लाइंस, मेन बाजार और बीटी गंज में अतिक्रमण
- ट्रैफिक पुलिस की तैनाती न होने के कारण
- सड़क किनारे स्थित दुकानों के बाहर खड़े वाहन
- सड़क किनारे लगने वाली रेहड़ी और ठेलियां
- दुकानों के बाहर गलत तरीके से वाहन पार्किंग
- गंगनहर पटरी से गुजरने वाले बड़े वाहन
- चौराहों और पुलों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती न होना
हाईवे पर जोर, शहर की अनदेखी
ट्रैफिक, सिविल पुलिस और सीपीयू का जोर हाईवे पर ही रहता है, लेकिन अंदर शहर की अनदेखी की जाती है। जबकि बाईपास बनने के बाद शहर से गुजरने वाले हाईवे पर यातायात का दबाव न के बराबर रह गया है। पर, शहर के अंदर यातायात का दबाव बढ़ गया है। बावजूद इसके पुलिस हाईवे पर ड्यूटी करने का मोह नहीं छोड़ रही है। इससे शहर के अंदर जाम से हालात रोजाना बिगड़ते जा रहे हैं।
शहर के अंदर यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ड्यूटी प्वाइंट चिह्नित किए जाएंगे। साथ ही अतिक्रमण को लेकर प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों से वार्ता कर अभियान चलाया जाएगा।
-प्रमेंद्र डोबाल, एसपी देहात