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कुंभ में रोडवेज कर्मचारियों के खाने के बिल पर गड़बड़ी

Sat, 21 May 2022 08:09 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 21 May 2022 08:09 PM IST
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Fudge in the food bill of roadways workers in Mahakumbh
महाकुंभ-2021 में परिवहन निगम की ओर से हरिद्वार में बनाए गए अस्थायी बस स्टेशनों पर कार्यरत कर्मचारियों के खाने के बिलों के जरिये करीब सवा लाख रुपये की गड़बड़ी की गई। इस बात का खुलासा आरटीआई के तहत मिली जानकारी में हुआ है।
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पिछले साल महाकुंभ में बाहरी बसों को हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में रोका जा रहा था। वहां से यात्रियों को हरिद्वार के अंदर लाने की जिम्मेदारी परिवहन निगम की थी। इसके लिए हरिद्वार में छह अलग-अलग जगह अस्थायी बस स्टेशन बनाए गए थे। बस स्टेशन पर कर्मचारियों और चालक-परिचालकों की तैनाती की गई थी। इन कर्मचारियों के खाने की व्यवस्था वहीं पर कैंटीन में की गई थी। जब बिल दिए गए तो अन्य सभी बस स्टेशनों का बिल हजारों में था जबकि दक्षदीप अस्थायी बस स्टेशन का बिल डेढ़ लाख से ऊपर पहुंच गया। इसे लेकर एक आरटीआई कार्यकर्ता ने इस स्टेशन पर नौ से 15 अप्रैल तक प्रतिदिन कुल कर्मचारियों की उपस्थिति की जानकारी मांगी। साथ ही कैंटीन की ओर से दिए गए बिलों में खाना खाने वाले कर्मचारियों की जानकारी भी मांगी। दोनों सूची में कर्मचारियों की उपस्थिति में भारी अंतर आया। इन सात दिनों में उपस्थित कर्मचारी और चालक समेत अन्य कर्मचारियों की संख्या 383 थी। कैंटीन के बिलों के आधार पर खाना खाने वाले कर्मचारियों की संख्या 1164 थी। खास बात ये है कि इन बिलों का रुड़की रोडवेज के उपमहाप्रबंधक ने पास कर कैंटीन का भुगतान भी करवा दिया है।
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उपस्थित कर्मचारियों की संख्या के हिसाब से 37675 रुपये होने चाहिए थे जबकि कैंटीन संचालक को 1.62 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। ऐसे में कैंटीन को करीब सवा लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया है। आरटीआई कार्यकर्ता ने मामले में कुछ अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जांच के लिए परिवहन निगम को पत्र भेजा है। मामले में रुड़की रोडवेज के एआरएम आलोक बेनवाल ने बताया कि कैंटीन पर अन्य बस स्टेशन के कर्मचारियों ने भी आकर खाना खाया है। उनकी उपस्थिति उनके बस स्टेशन पर दर्ज है इसलिए कर्मचारियों की संख्या में अंतर आ रहा है। वहीं मामले में परिवहन निगम के महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन का कहना है कि अब तक उनके संज्ञान में यह मामला नहीं आया है। मामले की जांच कराई जाएगी।
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