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Roorkee News: चार दिन की छुट्टियों ने बिगाड़ा एटीएम का गणित, कैश के लिए भटकते रहे लोग
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लगातार चार दिन की छुट्टियों के कारण शहर से लेकर देहात तक एटीएम में नकदी का संकट गहरा गया। शहर के अधिकांश एटीएम कैशलेस होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सरकारी और अर्द्धसरकारी बैंकों के कई एटीएम में नकदी नहीं मिली जबकि कुछ मशीनें खराब होने के कारण बंद पड़ी रही। ऐसे में जरूरत के समय नकदी निकालने के लिए उपभोक्ताओं को एक एटीएम से दूसरे तक चक्कर लगाने पड़े। कई लोगों को कैश के लिए करीब पांच किलोमीटर दूर तक जाना पड़ा।
रुड़की और आसपास में सरकारी व अर्ध सरकारी बैंकों के तकरीबन 70 से अधिक एटीएम है। अब गांव कस्बे में भी लगातार बैंक अपने एटीएम स्थापित कर रहा है। त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में त्योहार के लिए खरीदारी और अन्य जरूरी कामों के लिए नकदी निकालने पहुंचे लोगों को सप्ताह के पहले दिन सोमवार को सबसे अधिक परेशानी हुई।
नकदी की तलाश में लोग अलग-अलग बैंकों के एटीएम के चक्कर लगाते रहे लेकिन कई जगह उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। मंगलौर निवासी मोहम्मद आजम ने बताया कि वह अपने कस्बे में सरकारी बैंक के एटीएम पर नकदी निकालने पहुंचे थे लेकिन वहां कैश नहीं मिला। इसके बाद उन्हें नकदी के लिए रुड़की आना पड़ा। यहां सिविल लाइंस क्षेत्र के एटीएम से उन्होंने नकदी निकाली।
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वहीं, रामनगर निवासी शुभांगी अरोड़ा ने बताया कि वह दशहरे की खरीदारी के लिए नकदी निकालने एक निजी बैंक के एटीएम पर गई थी लेकिन वहां कैश नहीं मिला। शुभांगी अरोड़ा के अनुसार, निजी बैंक के एटीएम से नकदी नहीं मिलने पर वह दूसरे एटीएम पर पहुंची। वह मशीन सरकारी बैंक की थी लेकिन वहां भी नकदी उपलब्ध नहीं थी।
इसके बाद दूसरे एटीएम पर जाने के बाद उन्हें कैश मिल सका। इसी तरह अन्य उपभोक्ताओं को भी नकदी निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों का कहना है कि लगातार छुट्टियों के दौरान एटीएम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि जरूरत के समय उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।
मशीन चालू, नहीं निकला कैश
शहर और आसपास में कई ऐसे एटीएम मिले जहां पर मशीन तो चालू मिली लेकिन उनमें कैश नहीं निकल पा रहा था। हालांकि ऐसे एटीएम में क्या तकनीकी दिक्कत थी या कैश नहीं था इस तरह की किसी भी उपभोक्ता को कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इसको लेकर बैंक से जुड़े उपभोक्ता असमंजस की स्थिति में रहे।
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रुड़की और आसपास में सरकारी व अर्ध सरकारी बैंकों के तकरीबन 70 से अधिक एटीएम है। अब गांव कस्बे में भी लगातार बैंक अपने एटीएम स्थापित कर रहा है। त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में त्योहार के लिए खरीदारी और अन्य जरूरी कामों के लिए नकदी निकालने पहुंचे लोगों को सप्ताह के पहले दिन सोमवार को सबसे अधिक परेशानी हुई।
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नकदी की तलाश में लोग अलग-अलग बैंकों के एटीएम के चक्कर लगाते रहे लेकिन कई जगह उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। मंगलौर निवासी मोहम्मद आजम ने बताया कि वह अपने कस्बे में सरकारी बैंक के एटीएम पर नकदी निकालने पहुंचे थे लेकिन वहां कैश नहीं मिला। इसके बाद उन्हें नकदी के लिए रुड़की आना पड़ा। यहां सिविल लाइंस क्षेत्र के एटीएम से उन्होंने नकदी निकाली।
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वहीं, रामनगर निवासी शुभांगी अरोड़ा ने बताया कि वह दशहरे की खरीदारी के लिए नकदी निकालने एक निजी बैंक के एटीएम पर गई थी लेकिन वहां कैश नहीं मिला। शुभांगी अरोड़ा के अनुसार, निजी बैंक के एटीएम से नकदी नहीं मिलने पर वह दूसरे एटीएम पर पहुंची। वह मशीन सरकारी बैंक की थी लेकिन वहां भी नकदी उपलब्ध नहीं थी।
इसके बाद दूसरे एटीएम पर जाने के बाद उन्हें कैश मिल सका। इसी तरह अन्य उपभोक्ताओं को भी नकदी निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों का कहना है कि लगातार छुट्टियों के दौरान एटीएम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि जरूरत के समय उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।
मशीन चालू, नहीं निकला कैश
शहर और आसपास में कई ऐसे एटीएम मिले जहां पर मशीन तो चालू मिली लेकिन उनमें कैश नहीं निकल पा रहा था। हालांकि ऐसे एटीएम में क्या तकनीकी दिक्कत थी या कैश नहीं था इस तरह की किसी भी उपभोक्ता को कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इसको लेकर बैंक से जुड़े उपभोक्ता असमंजस की स्थिति में रहे।