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गड्ढों और खाली प्लाटों में जमा पानी दे रहे बीमारी
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पिरान कलियर। बरसात के मौसम में कलियर क्षेत्र में गड्ढों और खाली प्लॉटों में बारिश का गंदा पानी जमा हो रहा है। पानी में मच्छर पैदा हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत के अधिकारियों से कई बार शिकायत की है, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बारिश के दौरान सितंबर का महीना संक्रामक बीमारियों का समय कहलाता है। वायरल फीवर से लेकर मलेरिया और डेंगू की आशंका बढ़ जाती है। मच्छरों की बढ़ती तादाद का एक मुख्य कारण कस्बे में होने वाला जलभराव भी है। अधिकतर नालियां चोक और खुली हुईं हैं, जिससे मच्छर पनप रहे हैं। बारिश का पानी खाली प्लॉट और गड्ढों में जमा हो रहा है, जिससे मोहल्लों में गंदगी पसरी हुई है। नगर पंचायत सहित देहात क्षेत्रों में भी कीटनाशक का छिड़काव नहीं कराया गया है। सभासद रुकय्या, गुलसाद सिद्दीकी, नाजिम त्यागी ने नगर पंचायत के अध्यक्ष और ईओ को पत्र भेजकर जलनिकासी और कीटनाशक का छिड़काव करने की मांग की है। ईओ रमेश सिंह रावत का कहना है कि मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा और नालों की भी सफाई कराई जा रही है।
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बारिश के दौरान सितंबर का महीना संक्रामक बीमारियों का समय कहलाता है। वायरल फीवर से लेकर मलेरिया और डेंगू की आशंका बढ़ जाती है। मच्छरों की बढ़ती तादाद का एक मुख्य कारण कस्बे में होने वाला जलभराव भी है। अधिकतर नालियां चोक और खुली हुईं हैं, जिससे मच्छर पनप रहे हैं। बारिश का पानी खाली प्लॉट और गड्ढों में जमा हो रहा है, जिससे मोहल्लों में गंदगी पसरी हुई है। नगर पंचायत सहित देहात क्षेत्रों में भी कीटनाशक का छिड़काव नहीं कराया गया है। सभासद रुकय्या, गुलसाद सिद्दीकी, नाजिम त्यागी ने नगर पंचायत के अध्यक्ष और ईओ को पत्र भेजकर जलनिकासी और कीटनाशक का छिड़काव करने की मांग की है। ईओ रमेश सिंह रावत का कहना है कि मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा और नालों की भी सफाई कराई जा रही है।
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