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इनामी बदमाश देवपाल गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Wed, 15 Feb 2017 09:42 PM IST
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उपकारागार के सामने हुई गैंगवार के मामले में वांछित चल रहे 20 हजार के इनामी बदमाश देवपाल राणा को एसटीएफ की टीम ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। गंगनहर कोतवाली पुलिस ने इनामी बदमाश देवपाल राणा का चालान कर उसे न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
उपकारागार रुड़की के बाहर पांच अगस्त 2014 को सुनील राठी के गुर्गों ने चीनू पंडित और उसके साथियों पर उस समय गोलियां बरसा दी थी जब चीनू पंडित जेल से जमानत पर बाहर आ रहा था। इस फायरिंग में चीनू पंडित के तीन साथियों की गोलियां लगने से मौत हो गई थी। साथ ही कुछ लोग घायल हो गए थे। इस घटना में देवपाल राणा पुत्र धीर सिंह निवासी बढ़ेडी मजमता, थाना बडग़ांव सहारनपुर, अमित उर्फ भूरा, सुशील चौधरी, अजित मखियाली, विश्वास उर्फ विशु के नाम सामने आए थे। इन आरोपियों में देवपाल राणा फरार चल रहा था। पुलिस उसकी हर संभव तलाश कर रही थी।
अपर पुलिस महानिदेशक ने देवपाल राणा पर 20 हजार रुपये इनाम रखा था। देवपाल राणा की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स को लगाया गया था। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि देवपाल राणा को एसटीएफ टीम ने 14 फरवरी की शाम को लेन नंबर-सात, लक्की कालोनी, शाहबाद, कुरुक्षेत्र हरियाणा से कर लिया है। रात को ही उसे कुरुक्षेत्र से गंगनहर कोतवाली रुड़की लाया गया। गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि इनामी बदमाश देवपाल राणा का चालान कर उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। देवपाल राणा के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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देवपाल को पकड़ने वाली टीम
रुड़की(ब्यूरो)। 20 हजार के इनामी बदमाश देवपाल राणा को पकड़ने वाली टीम में एसटीएफ के निरीक्षक आरबी चमोला, एसआई संतोष शाह, हेडकांस्टेबल वेद प्रकाश भट्ट, कांस्टेबल महेंद्र सिंह नेगी, संदेश यादव, विरेंद्र नौटियाल, संजय कुमार, हेमंत पुरी, कैलाश नयाल एवं दीपक चंदोला आदि के नाम शामिल हैं।
भूरा को पुलिस अभिरक्षा से भगाने में भी शामिल था देवपाल
रुड़की(ब्यूरो)। गैंगवार के आरोपी अमित उर्फ भूरा को पुलिस अभिरक्षा से फरार कराने में भी देवपाल राणा की अहम भूमिका रही। दिसंबर 2014 में भूरा उस समय पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। जब उसे एक मुकदमें की पेशी पर ले जाया जा रहा था। देवपाल राणा ने न सिर्फ अमित उर्फ भूरा को भगाने में मदद की थी। बल्कि उसे छिपाकर रखने में भी सहयोग किया था।
पहले जीवा के लिए करता था काम
कुख्यात देवपाल राणा उत्तराखंड पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। वर्ष 2002 में मंगलौर क्षेत्र में हुई लूट के मामले में वह गिरफ्तार हुआ था। इसके बाद वह कुख्यात अपराधी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा के संपर्क में आया। उसके के लिए चौथ वसूली का काम किया। लेकिन एक विवादित संपत्ति के बंटवारे को लेकर कुख्यात जीवा से उसके संबंधों में दरार आ गई। सुशील चौधरी उर्फ सुशील मीरकपुर के जरिये देवपाल राणा कुख्यात सुनील राठी के संपर्क में आया था। कुख्यात राठी के कहने पर ही देवपाल राणा ने जेल के बाहर चीनू पंडित और उसके साथियों पर गोलियां बरसाई थी। जिसमें चीनू तो बाल-बाल बच गया था। लेकिन चीनू के तीन साथी मारे गए थे।
उपकारागार रुड़की के बाहर पांच अगस्त 2014 को सुनील राठी के गुर्गों ने चीनू पंडित और उसके साथियों पर उस समय गोलियां बरसा दी थी जब चीनू पंडित जेल से जमानत पर बाहर आ रहा था। इस फायरिंग में चीनू पंडित के तीन साथियों की गोलियां लगने से मौत हो गई थी। साथ ही कुछ लोग घायल हो गए थे। इस घटना में देवपाल राणा पुत्र धीर सिंह निवासी बढ़ेडी मजमता, थाना बडग़ांव सहारनपुर, अमित उर्फ भूरा, सुशील चौधरी, अजित मखियाली, विश्वास उर्फ विशु के नाम सामने आए थे। इन आरोपियों में देवपाल राणा फरार चल रहा था। पुलिस उसकी हर संभव तलाश कर रही थी।
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अपर पुलिस महानिदेशक ने देवपाल राणा पर 20 हजार रुपये इनाम रखा था। देवपाल राणा की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स को लगाया गया था। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि देवपाल राणा को एसटीएफ टीम ने 14 फरवरी की शाम को लेन नंबर-सात, लक्की कालोनी, शाहबाद, कुरुक्षेत्र हरियाणा से कर लिया है। रात को ही उसे कुरुक्षेत्र से गंगनहर कोतवाली रुड़की लाया गया। गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि इनामी बदमाश देवपाल राणा का चालान कर उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। देवपाल राणा के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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देवपाल को पकड़ने वाली टीम
रुड़की(ब्यूरो)। 20 हजार के इनामी बदमाश देवपाल राणा को पकड़ने वाली टीम में एसटीएफ के निरीक्षक आरबी चमोला, एसआई संतोष शाह, हेडकांस्टेबल वेद प्रकाश भट्ट, कांस्टेबल महेंद्र सिंह नेगी, संदेश यादव, विरेंद्र नौटियाल, संजय कुमार, हेमंत पुरी, कैलाश नयाल एवं दीपक चंदोला आदि के नाम शामिल हैं।
भूरा को पुलिस अभिरक्षा से भगाने में भी शामिल था देवपाल
रुड़की(ब्यूरो)। गैंगवार के आरोपी अमित उर्फ भूरा को पुलिस अभिरक्षा से फरार कराने में भी देवपाल राणा की अहम भूमिका रही। दिसंबर 2014 में भूरा उस समय पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। जब उसे एक मुकदमें की पेशी पर ले जाया जा रहा था। देवपाल राणा ने न सिर्फ अमित उर्फ भूरा को भगाने में मदद की थी। बल्कि उसे छिपाकर रखने में भी सहयोग किया था।
पहले जीवा के लिए करता था काम
कुख्यात देवपाल राणा उत्तराखंड पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। वर्ष 2002 में मंगलौर क्षेत्र में हुई लूट के मामले में वह गिरफ्तार हुआ था। इसके बाद वह कुख्यात अपराधी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा के संपर्क में आया। उसके के लिए चौथ वसूली का काम किया। लेकिन एक विवादित संपत्ति के बंटवारे को लेकर कुख्यात जीवा से उसके संबंधों में दरार आ गई। सुशील चौधरी उर्फ सुशील मीरकपुर के जरिये देवपाल राणा कुख्यात सुनील राठी के संपर्क में आया था। कुख्यात राठी के कहने पर ही देवपाल राणा ने जेल के बाहर चीनू पंडित और उसके साथियों पर गोलियां बरसाई थी। जिसमें चीनू तो बाल-बाल बच गया था। लेकिन चीनू के तीन साथी मारे गए थे।