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अमान्य शौक्षिक प्रमाण पत्र पर दे दी गई नियुक्ति
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:34 AM IST
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रुड़की। मंगलौर के अशासकीय सहायता प्राप्त चिल्ड्रन सीनियर एकेडमी जूनियर हाईस्कूल के एक शिक्षक को एसआईटी ने अमान्य शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने का आरोपी माना है। एसआईटी ने शिक्षक का पक्ष सुनने के बाद मुकदमा दर्ज करने के आदेश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। उपखंड शिक्षा अधिकारी नारसन ने आरोपी शिक्षक को अपना पक्ष रखने के लिए दस दिन का समय दिया है।
एक व्यक्ति ने एसआईटी (स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम) से शिकायत की थी कि चिल्ड्रन एकेडमी जूनियर हाईस्कूल मंगलौर में तैनात शिक्षक नरेश कुमार चोपड़ा फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे हैं। एसआईटी की जांच में प्रमाण पत्र तो फर्जी नहीं पाए गए लेकिन, साक्षात्कार कमेटी ने इलाहाबाद के जिस एक शैक्षिक प्रमाण पत्र पर शिक्षक को नियुक्ति दी है वह प्रमाण पत्र उत्तराखंड में अमान्य है। इस पर एसआईटी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सैनी को आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए। आरोपी शिक्षक के साथ-साथ साक्षात्कार कमेटी के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में उपखंड शिक्षा अधिकारी नारसन बृजपाल राठौर का कहना है कि इस संबंध में विभागीय पत्र मिला है। आरोपी शिक्षक का पक्ष सुनने के बाद कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। शिक्षक को पक्ष रखने के लिए दस दिन का समय दिया गया है। उन्होंने बताया यदि शिक्षक अपना पक्ष नहीं रखता तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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एक व्यक्ति ने एसआईटी (स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम) से शिकायत की थी कि चिल्ड्रन एकेडमी जूनियर हाईस्कूल मंगलौर में तैनात शिक्षक नरेश कुमार चोपड़ा फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे हैं। एसआईटी की जांच में प्रमाण पत्र तो फर्जी नहीं पाए गए लेकिन, साक्षात्कार कमेटी ने इलाहाबाद के जिस एक शैक्षिक प्रमाण पत्र पर शिक्षक को नियुक्ति दी है वह प्रमाण पत्र उत्तराखंड में अमान्य है। इस पर एसआईटी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सैनी को आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए। आरोपी शिक्षक के साथ-साथ साक्षात्कार कमेटी के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में उपखंड शिक्षा अधिकारी नारसन बृजपाल राठौर का कहना है कि इस संबंध में विभागीय पत्र मिला है। आरोपी शिक्षक का पक्ष सुनने के बाद कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। शिक्षक को पक्ष रखने के लिए दस दिन का समय दिया गया है। उन्होंने बताया यदि शिक्षक अपना पक्ष नहीं रखता तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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