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पिता की रस्मपगड़ी में उजड़ा बेटी का सुहाग
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झबरेड़ा। पिता की रस्मपगड़ी के बाद बेटी का सुहाग उजड़ गया। रस्मपगड़ी में पहुंचे जहाजगढ़ निवासी नरेश की भी जहरीली शराब पीने से मौत हो गई, जबकि नरेश का बड़ा भाई जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ा रहा है।
बाल्लूपुर निवासी नानू की बेटी की शादी जहाजगढ़ निवासी नरेश के साथ हुई थी। कुछ दिनों पहले नानू की मौत हो गई थी। उसकी रस्मपगड़ी को लेकर बृहस्पतिवार को बाल्लूपुर में कार्यक्रम था। इसमें नरेश भी परिवार और बड़े भाई जहारू के साथ पहुंचा था। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को नरेश व जहारू बाल्लूपुर में ही रुक गए। रात के समय नरेश व बड़ा भाई जहारू ने कुछ लोगों के साथ शराब पी, लेकिन बृहस्पतिवार की रात ही नरेश की हालत बिगड़ गई। इसके बाद नरेश को रुड़की लाकर निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, लेकिन चिकित्सकों ने नरेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं नरेश का भाई जहारू रुड़की के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती है। बताया जा रहा है कि जहारू की हालत काफी नाजुक है। घटना को लेकर नरेश की पत्नी और बच्चों का रो रो कर बुरा हाल है। वह अभी पिता के दुख से उभर भी नहीं पाई थी कि पति की मौत ने उस पर कहर बरपा दिया है।
छह बच्चों के सिर से उठा पिता की का साया
बाल्लुपुर के गांव में परिवार की मुखिया की मौत से मातम
पति को पुकारने के बाद बार-बार बेहोश हो रही पत्नी
सत्यपाल सैनी
भगवानपुर। पड़ोसी के घर तेरहवीं कार्यक्रम से लौटने के बाद कच्ची शराब पीने से परिवार के मुखिया की मौत होने के बाद छह बच्चों के सिर से पिता की साया उठ गया है। अब छह बच्चों की परवरिश का भार बच्चों की मां के सिर पर आ गया है।
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बाल्लूपुर गांव निवासी ज्ञान सिंह (35) मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। छह फरवरी की शाम को तेरहवीं कार्यक्रम निपटने के बाद उसने जहरीली शराब पी ली। शराब पीने के बाद ज्ञान सिंह की तबियत बिगड़ने लगी। परिजनों ने उसे नजदीकी निजी अस्पताल में पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पति की मौत की खबर मिलने के बाद से पत्नी बेहोश है। परिवार में सबसे बड़ी बेटी साक्षी 12 साल की है। पिता की मौत के बाद बेटी साक्षी बार-बार रो रही है, जबकि अन्य पांच बच्चे पिता की मौत से बेखबर हैं। परिवार की अन्य महिलाएं ज्ञान सिंह की पत्नी को होश में लाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन होश में आने के बाद वह फिर पति को पुकारने के बाद बेहोश हो रही है। गांव के हर व्यक्ति को मासूमों के भविष्य की चिंता सता रही है। ग्रामीणों का कहना था कि चंद पैसों के लाभ के लिए शराब माफिया लोगों की जान से खेल रहे हैं। ज्ञान सिंह के परिवार में चार लड़कियां साक्षी, वंशिका, प्राची, राशि और लड़का ऋतिक और परमीत और पत्नी मुकेश देवी रह गई हैं।
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बाल्लूपुर निवासी नानू की बेटी की शादी जहाजगढ़ निवासी नरेश के साथ हुई थी। कुछ दिनों पहले नानू की मौत हो गई थी। उसकी रस्मपगड़ी को लेकर बृहस्पतिवार को बाल्लूपुर में कार्यक्रम था। इसमें नरेश भी परिवार और बड़े भाई जहारू के साथ पहुंचा था। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को नरेश व जहारू बाल्लूपुर में ही रुक गए। रात के समय नरेश व बड़ा भाई जहारू ने कुछ लोगों के साथ शराब पी, लेकिन बृहस्पतिवार की रात ही नरेश की हालत बिगड़ गई। इसके बाद नरेश को रुड़की लाकर निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, लेकिन चिकित्सकों ने नरेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं नरेश का भाई जहारू रुड़की के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती है। बताया जा रहा है कि जहारू की हालत काफी नाजुक है। घटना को लेकर नरेश की पत्नी और बच्चों का रो रो कर बुरा हाल है। वह अभी पिता के दुख से उभर भी नहीं पाई थी कि पति की मौत ने उस पर कहर बरपा दिया है।
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छह बच्चों के सिर से उठा पिता की का साया
बाल्लुपुर के गांव में परिवार की मुखिया की मौत से मातम
पति को पुकारने के बाद बार-बार बेहोश हो रही पत्नी
सत्यपाल सैनी
भगवानपुर। पड़ोसी के घर तेरहवीं कार्यक्रम से लौटने के बाद कच्ची शराब पीने से परिवार के मुखिया की मौत होने के बाद छह बच्चों के सिर से पिता की साया उठ गया है। अब छह बच्चों की परवरिश का भार बच्चों की मां के सिर पर आ गया है।
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बाल्लूपुर गांव निवासी ज्ञान सिंह (35) मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। छह फरवरी की शाम को तेरहवीं कार्यक्रम निपटने के बाद उसने जहरीली शराब पी ली। शराब पीने के बाद ज्ञान सिंह की तबियत बिगड़ने लगी। परिजनों ने उसे नजदीकी निजी अस्पताल में पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पति की मौत की खबर मिलने के बाद से पत्नी बेहोश है। परिवार में सबसे बड़ी बेटी साक्षी 12 साल की है। पिता की मौत के बाद बेटी साक्षी बार-बार रो रही है, जबकि अन्य पांच बच्चे पिता की मौत से बेखबर हैं। परिवार की अन्य महिलाएं ज्ञान सिंह की पत्नी को होश में लाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन होश में आने के बाद वह फिर पति को पुकारने के बाद बेहोश हो रही है। गांव के हर व्यक्ति को मासूमों के भविष्य की चिंता सता रही है। ग्रामीणों का कहना था कि चंद पैसों के लाभ के लिए शराब माफिया लोगों की जान से खेल रहे हैं। ज्ञान सिंह के परिवार में चार लड़कियां साक्षी, वंशिका, प्राची, राशि और लड़का ऋतिक और परमीत और पत्नी मुकेश देवी रह गई हैं।