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पतंगबाजी के दौर में धड़ल्ले से बिक रहा प्रतिबंधित चाइनीज मांझा

Wed, 17 Jan 2018 12:28 AM IST
Updated Wed, 17 Jan 2018 12:28 AM IST
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पतंगबाजी के दौर में धड़ल्ले से बिक रहा प्रतिबंधित चाइनीज मांझा
लक्सर। वसंत से पहले ही पतंगबाजी का दौर शुरू हो गया है। यही वजह है कि चाइनीज मांझा शहर में खुलेआम बिक रहा है। शायद ही वसंत पंचमी का ऐसा कोई साल जाता है जब इस जानलेवा मांझे से कोई न कोई गंभीर घायल न होता हो, बावजूद इसके तहसील प्रशासन की ढील के चलते डंके की चोट पर इस मांझे का धंधा होता है।
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जानलेवा साबित हो रहे इस मांझे को बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने अब तक कोई कारगर कार्रवाई नहीं की है। यहां पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से देशभर में लगाए गए प्रतिबंध पर असर नहीं दिख रहा है। कस्बे के शिवपुरी, सीमली, लोको, मेन बाजार, रुड़की तिराहा, चंदपुरी अड्डा, सोसायटी रोड आदि मोहल्लों में यह चाइनीज मांजा खुलेआम मिल रहा है।
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क्या है यह मांझा
यह एक साधारण धागा ही होता है जिस पर ग्लास कोट होता है। इस ग्लास कोट के साथ ही यह धागे की धार किसी तेज ब्लेड जैसी हो जाती है। पतंग के कटने पर जब यह मांजा नीचे गिर रहा होता है तब इसकी चपेट में कोई भी आ जाता है। इसकी धार ऐसी होती है कि धागे के आगे शरीर का जो भी अंग आता है वह कट जाता है। ट्यूबलाइट् बल्ब आदि के कांच के बुराद धातु का बुरादा अंडे की जर्दी में मिलाकर चाइनीज मांझा तैयार किया जाता है।
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कीमत में अंतर
खुदरा विक्रेताओं को चाइनीज मांझा साधारण मांझे से आधी कीमत में मिल जाता है। चाइनीज मांझे का एक किलो का पैकेट 250 रुपये में तथा बाजार में साधारण मांझे का 500 ग्राम का पैकेट 350 से 450 रुपये तक है।
सबसे ज्यादा क्रेज
चाइनीज मांझा बेचने वाले दुकानदारों का मानना है कि कस्बे व देहात में चाइनीज मांझे का सबसे ज्यादा क्रेज है। कोई भी बच्चा हो या बड़ा साधारण मांझा खरीदता ही नहीं है, जबकि चाइनीज मांझा मीटर के हिसाब से आता है और साधारण मांझा किलो के रेट से आता है। चाइनीज मांझे की 100 गज की गुच्छी इस समय 40-50 रुपये से कम में बाजार में उपलब्ध है। दुकानदारों ने बताया कि वसंत पंचमी के दौरान अकेले लक्सर तहसील में हजारों का कारोबार चाइनीज मांझे और पतंग का होता है।

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पक्षियों के लिए भी खतरनाक
चाइनीज मांझा पक्षियों के लिए भी बहुत खतरनाक है। हादसे के बाद चेकिंग की जाती है। उसके बाद फिर से दुकानें चाइनीज मांझे से भरी पड़ी रहती हैं।
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इनका कहना है
डॉक्टर उमादत्त शर्मा व डॉक्टर यशपाल अग्रवाल ने बताया कि चाइनीज मांझे का इस्तेमाल ही नहीं करना चाहिए। यदि मांझे से पतंग उड़ाने वाला या अन्य कोई जख्मी हो जाए तो तुरंत अस्पताल जाकर उपचार कराना चाहिए। उधर, कोतवाल टीएस राणा का कहना है कि चाइनीज माझे के खिलाफ अभियान चलाकर दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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