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किसान के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने दिए मुकदमा दर्ज करने के आदेश
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किसान के खाते में हेराफेरी कर लाखों रुपये का कर्ज उठा लिए जाने के मामले में कोर्ट ने पुलिस को गन्ना सुपरवाइजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक लक्सर विकास समिति से जुड़े किसान रामनाथ ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह लक्सर गन्ना विकास समिति के माध्यम से अपना गन्ना आपूर्ति करते हैं।
उनके मुताबिक 23 मार्च, 2019 को उन्होंने अपने गन्ना सुपरवाइजर के जरिये डीएपी और यूरिया खाद उठाई थी। इसके लिए करीब 5600 रुपये कर्ज लिया था। किसान के वह अनपढ़ हैं। उन्होंने उस समय चेक भी सुपरवाइजर को दिया था।
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बताया कि जब एक फरवरी, 2020 को कलेंडर और पर्ची मिली तो पता चला कि उनके नाम पर 5600 की जगह दो लाख, 29,292 का कर्ज है।
रामनाथ के मुताबिक जब उन्होंने समिति अधिकारियों से जानकारी की तो उन्होंने उसके ऊपर लाखों रुपये का कर्ज होने की जानकारी दी। उन्होंने गन्ना पर्यवेक्षक पर धोखाधड़ी और छल से उनके नाम कर्ज चढ़ाए जाने का आरोप लगाया।
कहा कि उन्होंने तीन फरवरी को इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसान रामनाथ के वकील महेश कुमार चौहान ने बताया कि कोर्ट ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश कोतवाली पुलिस को दिए हैं। उधर, कोतवाल वीरेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक लक्सर विकास समिति से जुड़े किसान रामनाथ ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह लक्सर गन्ना विकास समिति के माध्यम से अपना गन्ना आपूर्ति करते हैं।
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उनके मुताबिक 23 मार्च, 2019 को उन्होंने अपने गन्ना सुपरवाइजर के जरिये डीएपी और यूरिया खाद उठाई थी। इसके लिए करीब 5600 रुपये कर्ज लिया था। किसान के वह अनपढ़ हैं। उन्होंने उस समय चेक भी सुपरवाइजर को दिया था।
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बताया कि जब एक फरवरी, 2020 को कलेंडर और पर्ची मिली तो पता चला कि उनके नाम पर 5600 की जगह दो लाख, 29,292 का कर्ज है।
रामनाथ के मुताबिक जब उन्होंने समिति अधिकारियों से जानकारी की तो उन्होंने उसके ऊपर लाखों रुपये का कर्ज होने की जानकारी दी। उन्होंने गन्ना पर्यवेक्षक पर धोखाधड़ी और छल से उनके नाम कर्ज चढ़ाए जाने का आरोप लगाया।
कहा कि उन्होंने तीन फरवरी को इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसान रामनाथ के वकील महेश कुमार चौहान ने बताया कि कोर्ट ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश कोतवाली पुलिस को दिए हैं। उधर, कोतवाल वीरेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।