{"_id":"57f547084f1c1b4f4c26f710","slug":"colony-in-the-grip-of-unknown-disease","type":"story","status":"publish","title_hn":"अज्ञात बीमारी की चपेट में दलित बस्ती ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अज्ञात बीमारी की चपेट में दलित बस्ती
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
Updated Thu, 06 Oct 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारसन। टिकौला गांव की दलित बस्ती अज्ञात बीमारी की चपेट में है। एक साल में करीब एक दर्जन ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। जबकि कई इसकी चपेट में हैं। ग्रामीण बदबूदार पानी की आशंका से इसके फैलने की आशंका जता रहे हैं। लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा है। जिसकी वजह से ग्रामीण में आक्रोश है।
विज्ञापन
बस्ती में एक साल से भी कम समय में नरेश, राज्जो शलेख, सन्नू, रीनू स्वाति, चुन्नी वंशिका समेत करीब 12 लोगों की अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। जबकि बिरम जम्मल, पाल्ला, सुक्कड़ अनिल, चिंता, मिठ्ठू आदि इसकी चपेट में हैं। लेकिन गरीबी के चलते लोग अपना इलाज तक नहीं करवा पा रहे हैं। इलाज कराने के लिए दलित परिवारों की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री तक स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए गुहार लगवा चुके हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि गांव में हैंडपंपों से प्रदूषित पानी आने से यह बीमारी फैल रही है। पानी की जांच की कई बार मांग भी की जा चुकी है। लेकिन आज तक न पानी की जांच करने कोई पहुंचा है और न स्वास्थ्य विभाग सुध ले रहा है। बस्ती के जोगेंद्र, अनिल, कल्लू, सुभाष, जितेंद्र, शक्ति, अंकुल, जल सिंह आदि ने बस्तीवासियों की सुध न लेने पर धरने-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
इनका कहना है
मामला संज्ञान में नहीं है। चिकित्सा अधीक्षक से बात कर स्वास्थ्य विभाग कर्मियों और डाक्टरों को गांव में भेजा जाएगा। ग्रामीणों की हरसंभव मदद की जाएगी।
गोपाल सिंह चौहान, एएसडीएम, रुड़की