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चर्च प्रकरण: भाजपाइयों व चर्च से जुड़े लोगों से हटी डकैती की धारा
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चर्च प्रकरण मामले में पुलिस ने भाजपाइयों और चर्च से जुड़े लोगों से डकैती की धारा हटा ली है। पुलिस जांच में डकैती के तथ्य नहीं मिले हैं।
रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के सोलानपुरम स्थित चर्च में छह अक्तूबर की सुबह प्रार्थना के दौरान धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए सैकड़ों लोगों ने जमकर तोड़फोड़ की थी। यही नहीं, प्रार्थना कर रहे लोगों को पीटा भी गया था। पुलिस ने चर्च प्रमुख की तहरीर पर भाजपाइयों और विहिप के सात नेताओं को नामजद करते हुए 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़, डकैती का मुकदमा दर्ज किया था। वहीं, घटना वाली रात को ही दूसरे पक्ष की आदर्शनगर निवासी एक महिला ने भी चर्च से जुड़े लोगों पर दो-दो लाख रुपये और नौकरी का लालच देकर धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। पुलिस ने चर्च प्रमुख समेत दस लोगों पर मारपीट, डकैती, छेड़खानी, एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में पुलिस ने भाजपाइयों पर भी एससी-एसटी की धारा बढ़ा दी थी। इस बीच पुलिस ने गुण-दोष के आधार पर दोनों पक्षों से एससी-एसटी की धारा हटा दी थी। मामले में पुलिस ने विश्व हिन्दू परिषद के विभाग मंत्री शिव प्रसाद त्यागी और बजरंग दल के जिला सह संयोजक सुनील कश्यप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गिरफ्तारी होने के डर से नामजद लोग भूमिगत हो गए थे। इस बीच मामले में पुलिस की ओर से दोनों पक्षों के ऊपर से डकैती की धारा भी हटा दी गई है। डकैती की धारा हटने से नामजद लोगों की गिरफ्तारी के लगाए जा रहे कयास पर भी विराम लग गया है। वहीं, इस मामले में जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। कोतवाली प्रभारी देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि जांच में डकैती के तथ्य नहीं मिले हैं। इस कारण डकैती की धारा हटा दी गई है। जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के सोलानपुरम स्थित चर्च में छह अक्तूबर की सुबह प्रार्थना के दौरान धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए सैकड़ों लोगों ने जमकर तोड़फोड़ की थी। यही नहीं, प्रार्थना कर रहे लोगों को पीटा भी गया था। पुलिस ने चर्च प्रमुख की तहरीर पर भाजपाइयों और विहिप के सात नेताओं को नामजद करते हुए 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़, डकैती का मुकदमा दर्ज किया था। वहीं, घटना वाली रात को ही दूसरे पक्ष की आदर्शनगर निवासी एक महिला ने भी चर्च से जुड़े लोगों पर दो-दो लाख रुपये और नौकरी का लालच देकर धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। पुलिस ने चर्च प्रमुख समेत दस लोगों पर मारपीट, डकैती, छेड़खानी, एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में पुलिस ने भाजपाइयों पर भी एससी-एसटी की धारा बढ़ा दी थी। इस बीच पुलिस ने गुण-दोष के आधार पर दोनों पक्षों से एससी-एसटी की धारा हटा दी थी। मामले में पुलिस ने विश्व हिन्दू परिषद के विभाग मंत्री शिव प्रसाद त्यागी और बजरंग दल के जिला सह संयोजक सुनील कश्यप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गिरफ्तारी होने के डर से नामजद लोग भूमिगत हो गए थे। इस बीच मामले में पुलिस की ओर से दोनों पक्षों के ऊपर से डकैती की धारा भी हटा दी गई है। डकैती की धारा हटने से नामजद लोगों की गिरफ्तारी के लगाए जा रहे कयास पर भी विराम लग गया है। वहीं, इस मामले में जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। कोतवाली प्रभारी देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि जांच में डकैती के तथ्य नहीं मिले हैं। इस कारण डकैती की धारा हटा दी गई है। जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।